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जम्मू-कश्मीर: उरी के कमलकोट में LOC के पास ब्लास्ट, सेना के दो जवान बलिदान

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 10 Jun 2026 10:03 AM IST
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सार

जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में एलओसी के पास अचानक ब्लास्ट हो गया। इस हादसे में दो जवान बलिदान हो गए। बलिदानियों की पहचान महाराष्ट्र के चव्हाण विक्रम बालकृष्ण और अर्जुन जाधव राजेंद्र के रूप में हुई है।

Jammu Kashmir Two soldiers martyred in accidental blast near LoC in Uri
दो जवान बलिदान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास एक धमाका हुआ। इस घटना में भारतीय सेना के दो जवान बलिदान हो गए। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।


यह दुखद घटना उरी सेक्टर के कमलकोट इलाके में हुई थी। धमाके में दोनों सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मृत सैनिकों की पहचान अर्जुन जाधव और विक्रम बालकृष्ण के रूप में हुई है। दोनों महाराष्ट्र के निवासी थे। उन्हें श्रीनगर के बादामीबाग छावनी स्थित सेना के बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया। 
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डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। दोनों सैनिक 8 राष्ट्रीय राइफल्स से संबद्ध थे। धमाके के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।
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जम्मू-कश्मीर में लगभग 740 किलोमीटर लंबी एलओसी बारामूला, कुपवाड़ा और बांदीपोरा जिलों से गुजरती है। जम्मू डिवीजन में यह पुंछ, राजौरी और आंशिक रूप से जम्मू जिले में स्थित है। केंद्र शासित प्रदेश की करीब 240 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा भी है। यह सीमा सांबा, जम्मू और कठुआ जिलों से होकर गुजरती है। एलओसी की सुरक्षा भारतीय सेना करती है, जबकि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा सीमा सुरक्षा बल के जिम्मे है।

सीमा पार से घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए दोनों बल सीमा क्षेत्रों में तैनात रहते हैं। ड्रोन खतरों से निपटने के लिए एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन प्रणालियां तैनात की गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान स्थित आतंकवादी नेटवर्क ड्रोन का उपयोग करते हैं। वे हथियार, गोला-बारूद, नकदी और मादक पदार्थ भारतीय क्षेत्र में पहुंचाने का प्रयास करते हैं। इन सामग्रियों को ओवरग्राउंड वर्कर एकत्र कर आतंकवादियों तक पहुंचाते हैं।

शहीद जवानों की पहचान
शहीद हुए जवानों की पहचान चव्हाण विक्रम बालकृष्ण और अर्जुन जाधव राजेंद्र के रूप में हुई है। चव्हाण विक्रम बालकृष्ण महाराष्ट्र के ऐरोली के निवासी थे। वहीं, अर्जुन जाधव राजेंद्र महाराष्ट्र के सतारा जिले की कराड तहसील के शाहपुर गांव के रहने वाले थे। दोनों जवान देश सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे थे। उनके बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा।
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