{"_id":"69ac7e9bcd8f7aa0fd0fe2c1","slug":"jammu-violent-clash-between-prisoners-in-rajouri-jail-attempt-to-escape-by-setting-fire-to-jail-2026-03-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu: राजोरी जेल में कैदियों के बीच हिंसक झड़प, आग लगाकर फरार होने की कोशिश; छह सुरक्षाकर्मियों समेत 16 घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu: राजोरी जेल में कैदियों के बीच हिंसक झड़प, आग लगाकर फरार होने की कोशिश; छह सुरक्षाकर्मियों समेत 16 घायल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजोरी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 08 Mar 2026 01:08 AM IST
विज्ञापन
सार
कैदियों ने सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। आग लगाकर जिला जेल को फूंकने का प्रयास हुआ। कैदियों ने सुरक्षा में तैनात जवानों की आंखों में मिर्ची का पानी और पत्थर फेंककर फरार होने की कोशिश की।
demo
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन
विस्तार
राजोरी के ढांगरी में स्थित जिला जेल में शनिवार देर शाम रोजा इफ्तार के लिए बिछाया कालीन पर पैर पड़ने से कैदियों में हिंसक झड़प हो गई। कैदियों ने सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। आग लगाकर जिला जेल को फूंकने का प्रयास हुआ। कैदियों ने सुरक्षा में तैनात जवानों की आंखों में मिर्ची का पानी और पत्थर फेंककर फरार होने की कोशिश की। बचाव और झड़प में छह जवानों और कैदियों समेत कम से कम 16 लोग घायल हुए हैं। घटना से जेल परिसर में अफरातफरी मच गई। स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
Trending Videos
जेल सूत्रों के अनुसार विवाद शाम करीब साढ़े सात बजे रोजा इफ्तार के समय शुरू हुआ। बताया जा रहा है कि एक कश्मीरी कैदी ने नमाज और इफ्तार के लिए कालीन बिछाया था। इसी दाैरान राजोरी के एक स्थानीय कैदी का पैर कालीन पर पड़ गया। इस पर कश्मीरी कैदी ने उसे थप्पड़ मार दिया। इसके बाद मारपीट शुरू हो गई। इस झगड़े में अन्य कई कश्मीरी कैदी और स्थानीय कैदी भी कूद पड़े। दोनों तरफ से जमकर लात-घूसे, लाठियां और ईंटें चलीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेकाबू कश्मीरी कैदियों ने अपने इस्तेमाल के लिए मिले कंबल रजाई और अन्य कपड़ों में आग लगा दी। उन्होंने जलते कंबलों और कपड़ों को इधर-उधर फेंककर जिला जेल को फूंकने का प्रयास किया। इन सबूतों को मिटाने के लिए जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए। बीच-बचाव के लिए आए सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों पर कश्मीरी कैदियों ने पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। मिर्च को पानी में घोलकर जवानों की आंखों में फेंका ताकि जेल से फरार हो सकें। हालांकि इसमें वे सफल नहीं हो सके।
जेल स्टाफ और पुलिस एवं सीआरपीएफ के जवानों ने बड़ी मुश्किल से हालात पर काबू पाया। इस झड़प में छह पुलिस व सीआरपीएफ जवानों समेत कैदियों को मिलाकर कम से कम 16 लोग घायल हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई और जेल परिसर के अंदर और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई।
एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
सूत्रों ने बताया कि जेल अधिकारी ने जिला पुलिस को मामले की सूचना दी। इसके बाद डीएसपी हेडक्वार्टर पुलिस बल के साथ माैके पर पहुंचे। घायलों का उपचार जेल में ही किया जा रहा है। देर रात तक किसी को जीएसमी राजोरी रेफर नहीं किया गया था। घटना के बारे में आधिकारिक तौर पर अधिकारी कुछ नहीं बता रहे हैं लेकिन सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
कैदियों के इलाज के लिए जीएमसी से डाॅक्टरों की टीम गई
कैदियों के इलाज के लिए जीएमसी राजोरी से डाॅक्टरों की एक टीम जिला जेल में भेजी गई है। वहीं घायल पुलिस एवं सीआरपीएफ कर्मियों को जीएमसी राजोरी में लाया गया है। देर रात तक जिला जेल में स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस अधिकारी मौके पर थे।
जेल में बंद कैदियों में कोई आतंकवादी तो कोई नशा तस्कर
इस जेल में आतंकी गतिविधियों से जुड़े कैदियों के साथ-साथ हत्या और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधी भी बंद हैं। जेल में बंद कश्मीर घाटी के कैदियों में कोई आतंकवादी है तो कोई आतंकी मददगार। स्थानीय कैदियों में ड्रग तस्कर, क्रिमिनल या कातिल हैं।
डोडा जेल में कैदी तक मोबाइल पहुंचाने की साजिश नाकाम, पार्सल से दो फोन बरामद
डोडा जिले में जेल अधिकारियों ने शनिवार को एक कैदी तक दो मोबाइल फोन पहुंचाने की बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। इन्हें एक पार्सल में रखकर भेजा गया था। भद्रवाह स्थित जिला जेल में डाक या कूरियर के जरिए आए पार्सलों की नियमित जांच की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार एक पार्सल को खोला गया तो उसमें छिपाकर रखे गए दो मोबाइल फोन मिले। दोनों मोबाइल फोन कीपैड वाले हैं। ये पार्सल इरशाद अहमद वानी के नाम पर भेजा गया था।
इरशाद छह फरवरी 2026 से सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत जेल में बंद है। वह उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के हाजिन इलाके का रहने वाला है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये पार्सल पुलवामा के गुदूरा निवासी मोहम्मद यूनिस वानी की ओर से डाकघर के माध्यम से भेजा गया था। भद्रवाह पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। अब उन लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री तस्करी करने की कोशिश की। इसके पीछे साजिश की भी पड़ताल की जा रही है।