{"_id":"6a6ed188606690164d0cab8b","slug":"kulgam-targeted-killings-south-kashmir-has-been-a-hotbed-of-terror-2026-08-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"टारगेट किलिंग: दक्षिण कश्मीर रहा है आतंक का गढ़, हिजबुल -लश्कर के कई प्रमुख आतंकी इस हिस्से में रहे हैं सक्रिय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टारगेट किलिंग: दक्षिण कश्मीर रहा है आतंक का गढ़, हिजबुल -लश्कर के कई प्रमुख आतंकी इस हिस्से में रहे हैं सक्रिय
Sun, 02 Aug 2026 10:42 AM IST
Sharukh Khan
दीपक शर्मा, अमर उजाला, जम्मू
दीपक शर्मा, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Sharukh Khan
Updated Sun, 02 Aug 2026 10:42 AM IST
सार
दक्षिण कश्मीर आतंक का गढ़ रहा है। हिजबुल और लश्कर के कई प्रमुख आतंकी इस हिस्से में सक्रिय रहे हैं। इन जिलों में पहले भी कई बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं। पिछले साल पहलगाम के बैसरन घाटी में जो बड़ा आतंकी हमला हुआ था वह भी दक्षिण कश्मीर का क्षेत्र था।
विज्ञापन
kashmir target killing
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिण कश्मीर आतंक का गढ़ रहा है। हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर ताइबा जैसे संगठनों के कई प्रमुख आतंकी कश्मीर के इस हिस्से में सक्रिय रहे हैं। कुलगाम का केलम भी दक्षिण कश्मीर में ही आता है जहां बीती शुक्रवार शाम को छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों को आतंकियों ने मौत के घाट उतार दिया।
पुलवामा, अनंतनाग, कुलगाम और शोपियां जैसे प्रमुख जिले दक्षिण कश्मीर में आते हैं। इन जिलों में पहले भी कई बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं। पिछले साल पहलगाम के बैसरन घाटी में जो बड़ा आतंकी हमला हुआ था वह भी दक्षिण कश्मीर का क्षेत्र था। कई प्रमुख स्थानीय और विदेशी आतंकवादी यहां सक्रिय रहे हैं जिनमें से अधिकांश शीर्ष कमांडरों को सुरक्षाबल मुठभेड़ में मार गिरा चुका है।
विज्ञापन
पुलवामा, अनंतनाग, कुलगाम और शोपियां जैसे प्रमुख जिले दक्षिण कश्मीर में आते हैं। इन जिलों में पहले भी कई बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं। पिछले साल पहलगाम के बैसरन घाटी में जो बड़ा आतंकी हमला हुआ था वह भी दक्षिण कश्मीर का क्षेत्र था। कई प्रमुख स्थानीय और विदेशी आतंकवादी यहां सक्रिय रहे हैं जिनमें से अधिकांश शीर्ष कमांडरों को सुरक्षाबल मुठभेड़ में मार गिरा चुका है।
विज्ञापन
पीओके में कत्लेआम से ध्यान भटकाना चाहता है पाकिस्तान : एसपी वैद
जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद ने बातचीत में कहा कि पाकिस्तान पीओजेके में चल रहे कत्लेआम से सारी दुनिया का ध्यान भटकाना चाहता है। इस समय कश्मीर में जो आतंकी वारदातें हो रही हैं उनके पीछे यही मुख्य कारण है। दक्षिण कश्मीर के शोपियां, पुलवामा और कुलगाम में आज भी बचे-खुचे कुछ आतंकी सक्रिय हैं। इनका जल्द से जल्द सफाया जरूरी है।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद ने बातचीत में कहा कि पाकिस्तान पीओजेके में चल रहे कत्लेआम से सारी दुनिया का ध्यान भटकाना चाहता है। इस समय कश्मीर में जो आतंकी वारदातें हो रही हैं उनके पीछे यही मुख्य कारण है। दक्षिण कश्मीर के शोपियां, पुलवामा और कुलगाम में आज भी बचे-खुचे कुछ आतंकी सक्रिय हैं। इनका जल्द से जल्द सफाया जरूरी है।
दक्षिण कश्मीर में हुए प्रमुख आतंकी हमले
- पहलगाम हमला : (22 अप्रैल 2025) : पहलगाम की बैसारन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की। इसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी। यह नागरिकों पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक था।
- पुलवामा आत्मघाती हमला : (14 फरवरी 2019) : पुलवामा के लेथपोरा में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक से लदी कार सीआरपीएफ के काफिले की बस से टकरा दी थी। इसमें 40 से अधिक जवान बलिदान हो गए थे।
- पांपोर सीआरपीएफ कैंप हमला : (दिसंबर 2015/जनवरी 2016) : पुलवामा के पांपोर में सीआरपीएफ कैंप पर फिदायीन हमला किया गया था जिसमें कई सुरक्षाकर्मी बलिदान हो गए थे।
- कुलगाम और अनंतनाग के हालिया लक्षित हमले (2024-2026) : कुलगाम में प्रवासी मजदूरों को नाम पूछकर निशाना बनाने जैसी घटनाएं और अनंतनाग में सुरक्षाबलों पर गोलीबारी के ताजा मामले क्षेत्र में लगातार बने हुए खतरे को दर्शाते हैं।
दक्षिण कश्मीर में मारे गए प्रमुख आतंकी
बुरहान वानी : हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर था। इसे 8 जुलाई 2016 को अनंतनाग के कोकरनाग में सुरक्षाबलों ने ढेर किया था।
रियाज नाइकू : बुरहान के बाद हिजबुल का मुख्य कमांडर बना जिसे 6 मई 2020 को उसके पैतृक गांव बेघपोरा, पुलवामा में मार गिराया गया।
जाकिर मूसा : अंसार गजवात-उल-हिंद (अलकायदा से जुड़ा) का प्रमुख था जिसे 23 मई 2019 को त्राल (दक्षिण कश्मीर) में मार गिराया गया था।
बुरहान वानी : हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर था। इसे 8 जुलाई 2016 को अनंतनाग के कोकरनाग में सुरक्षाबलों ने ढेर किया था।
रियाज नाइकू : बुरहान के बाद हिजबुल का मुख्य कमांडर बना जिसे 6 मई 2020 को उसके पैतृक गांव बेघपोरा, पुलवामा में मार गिराया गया।
जाकिर मूसा : अंसार गजवात-उल-हिंद (अलकायदा से जुड़ा) का प्रमुख था जिसे 23 मई 2019 को त्राल (दक्षिण कश्मीर) में मार गिराया गया था।
लश्कर आतंकी लतीफ ने की थी कुलगाम में श्रमिकों की हत्या, आशिक को भी इसी ने मारा
कुलगाम जिले के केलम में शुक्रवार शाम छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की हत्या लश्कर-ए-ताइबा के स्थानीय आतंकी कमांडर मोहम्मद लतीफ भट ने की है। लतीफ ने ही गत 22 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक पर अमरनाथ यात्रा में तैनात पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन को गोली मारी थी। उसने अकेले ही दोनों वारदातों को अंजाम दिया और भाग निकला। सुरक्षाबलों ने इस आतंकी को ढेर करने के लिए पूरे दक्षिण कश्मीर में व्यापक तलाशी अभियान छेड़ दिया है।
कुलगाम जिले के केलम में शुक्रवार शाम छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की हत्या लश्कर-ए-ताइबा के स्थानीय आतंकी कमांडर मोहम्मद लतीफ भट ने की है। लतीफ ने ही गत 22 जुलाई को अनंतनाग के लाल चौक पर अमरनाथ यात्रा में तैनात पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन को गोली मारी थी। उसने अकेले ही दोनों वारदातों को अंजाम दिया और भाग निकला। सुरक्षाबलों ने इस आतंकी को ढेर करने के लिए पूरे दक्षिण कश्मीर में व्यापक तलाशी अभियान छेड़ दिया है।
केलम में आतंकियों ने ईंट भट्ठे पर काम करने वाले दो श्रमिकों 28 वर्षीय भूपेंद्र भैना और 24 वर्षीय दीपक रात्रे पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं। हमले में दीपक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भूपेंद्र ने शनिवार सुबह स्किम्स श्रीनगर में दम तोड़ दिया। दोनों श्रमिकों का अंतिम संस्कार केलम के पालपोरा में स्वजन, पुलिस अधिकारियों व प्रशासन की मौजूदगी में किया गया।
आतंकी वारदात से आहत एलजी मनोज सिन्हा ने शनिवार को उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई। इसमें उन्होंने आतंकियों के सफाये के लिए अधिकारियों को सटीक एवं प्रभावी आतंकरोधी अभियान तेजी से चलाने के निर्देश दिए। वारदात को अंजाम देने वाले आतंकियों को दबोचने व मार गिराने के लिए सुरक्षाबलों ने शुक्रवार रात से व्यापक तलाशी अभियान चला रखा है।
एके-47 से अकेले ही टारगेट किलिंग को अंजाम दिया
सूत्रों ने बताया कि लश्कर आतंकी लतीफ ने अकेले ही श्रमिकों की टारगेट किलिंग को अंजाम दिया और एके-47 का इस्तेमाल किया। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 21 वर्षीय मोहम्मद लतीफ कुलगाम जिले के ही नई बस्ती (खेवन चद्दर) का रहने वाला है। वह पिछले साल 19 नवंबर को घर से लापता हो गया था। परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सूत्रों के अनुसार, लापता होने के बाद उसने लश्कर में ऑपरेशन कमांडर की जिम्मेदारी संभाल ली। शनिवार को उसके घर की तलाशी ली गई। परिवार के सदस्यों व गांव के कई युवाओं से पूछताछ की गई है।
सूत्रों ने बताया कि लश्कर आतंकी लतीफ ने अकेले ही श्रमिकों की टारगेट किलिंग को अंजाम दिया और एके-47 का इस्तेमाल किया। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 21 वर्षीय मोहम्मद लतीफ कुलगाम जिले के ही नई बस्ती (खेवन चद्दर) का रहने वाला है। वह पिछले साल 19 नवंबर को घर से लापता हो गया था। परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सूत्रों के अनुसार, लापता होने के बाद उसने लश्कर में ऑपरेशन कमांडर की जिम्मेदारी संभाल ली। शनिवार को उसके घर की तलाशी ली गई। परिवार के सदस्यों व गांव के कई युवाओं से पूछताछ की गई है।
सुरक्षा बेहद कड़ी
अभियान में एसओजी, सेना के विशेष दस्ते और खोजी कुत्ते लगाए गए हैं। आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों और लोगों की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है। हमले के बाद न केवल कुलगाम, बल्कि श्रीनगर समेत पूरे कश्मीर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। श्रीनगर के प्रवेश और निकास द्वारों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त नाके लगाए गए हैं। निगरानी बढ़ा दी गई है।
अभियान में एसओजी, सेना के विशेष दस्ते और खोजी कुत्ते लगाए गए हैं। आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों और लोगों की गहन जांच-पड़ताल की जा रही है। हमले के बाद न केवल कुलगाम, बल्कि श्रीनगर समेत पूरे कश्मीर और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। श्रीनगर के प्रवेश और निकास द्वारों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त नाके लगाए गए हैं। निगरानी बढ़ा दी गई है।