J&K: पाकिस्तान से आतंक का खेल खेलने वालों पर कार्रवाई, सीमा पार बैठे 16 आतंकी हैंडलरों की संपत्ति कुर्क
जम्मू-कश्मीर के रियासी और रामबन में पुलिस ने पाकिस्तान में बैठे 16 आतंकी हैंडलरों की जमीन कुर्क कर आतंकी फंडिंग की बड़ी साजिश नाकाम कर दी।
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जम्मू-कश्मीर के रियासी और रामबन जिले की पुलिस ने आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र को वीरवार को एक और बड़ा झटका दिया है। माहौर और बनिहाल थाने में दर्ज एफआईआर के तहत पुलिस ने प्रशासनिक आदेश के बाद पाकिस्तान में बैठे 16 आतंकी हैंडलरों की जमीन कुर्क कर ली है। ये आरोपी सीमा पार से भारत विरोधी गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। ये अपनी इस भूमि को बेचकर मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल आतंकी फंडिंग के लिए करने वाले थे।
यह कार्रवाई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), यूएपीए और ई एंड आईएमसीओ एक्ट के तहत की गई है। रियासी में पांच आतंकियों की संपत्तियों को जब्त करने की पूरी कार्रवाई माहौर के एसडीपीओ पारुल भारद्वाज के नेतृत्व में पुलिस दल और थाना प्रभारी ने की। कार्यकारी मजिस्ट्रेट और स्थानीय गवाह भी मौजूद रहे।पुलिस की कार्रवाई में अलाफ दीन निवासी शजरू की सात कनाल भूमि, गुलाम मोहम्मद उर्फ गम्मा निवासी शजरू की 10 कनाल 11 मरला भूमि, मोहम्मद निवासी चक्रास की 17 मरला भूमि, शब्बीर अहमद निवासी चक्रास जमसलान की सात कनाल तीन मरला भूमि और बहार दीन निवासी सिलधार की आठ कनाल एक मरला भूमि कुर्क की गई है।
रामबन पुलिस ने बनिहाल में 11 आतंकी हैंडलरों की करीब 90.75 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्तियां कुर्क कर लीं। ये कार्रवाई बनिहाल, खारी, नील और आसपास के क्षेत्रों में की गई। कुर्क की संपत्तियों में लगभग 15 कनाल तीन मरला भूमि शामिल है जो 11 आरोपियों के नाम पर दर्ज है। जांच में सामने आया है कि ये आरोपी आतंकी प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान चले गए थे। वर्तमान में सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। इसके पहले बुधवार को रामबन पुलिस ने चार आतंकी हैंडलरों की 13 कनाल 13 मरला भूमि कुर्क की थी।आतंकी ट्रेनिंग के लिए भाग गए थे पाकिस्तान
जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी आतंक की ट्रेनिंग लेने के लिए पाकिस्तान भाग गए थे। वर्तमान में ये सीमा पार से ही जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। ये आतंकी मददगारों व उनके हैंडलरों में समन्वय की भूमिका भी निभा रहे हैं। ये रियासी में अपनी संपत्तियों को बेचकर इससे मिलने वाली रकम का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में करने वाले थे। ये अपनी संपत्तियों को बेच पाते, इससे पहले ही पुलिस ने इसे कुर्क कर लिया।