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Pok: गुलाम कश्मीर को शेष दुनिया से काटकर कत्लेआम की तैयारी में पाकिस्तान, विश्व समुदाय से दखल देने की अपील
Thu, 30 Jul 2026 01:42 PM IST
Sharukh Khan
अभिषेक राज, अमर उजाला, श्रीनगर
अभिषेक राज, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:42 PM IST
सार
पाकिस्तान गुलाम कश्मीर को शेष दुनिया से काटकर कत्लेआम की तैयारी में है। ओवरसीज कश्मीरी संयुक्त जन कार्रवाई समिति ने चिंता जताई है। साथ ही विश्व समुदाय से दखल देने की अपील की है।
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pakistan occupied kashmir
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अपने राजनीतिक और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे गुलाम कश्मीर के लोगों के कत्लेआम की पाकिस्तान ने बड़े पैमाने पर साजिश रची है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पांच अगस्त तक पूरे क्षेत्र की संचार सेवाएं बंद कर क्षेत्र को शेष दुनिया से लगभग काट दिया गया है।
एजेंसियों का आकलन है कि इसके बाद विरोध प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाने की व्यापक कार्रवाई की जा सकती है। बुधवार देर शाम रावलाकोट क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना और स्थानीय पुलिस ने पांच और लोगों को मार दिया।
बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए पाकिस्तान ने पीओके में मोबाइल डेटा और ब्रॉडबैंड (वाई-फाई) इंटरनेट सेवाएं भी पांच अगस्त तक बंद कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद इन प्रतिबंधों को अनिश्चितकाल तक जारी रखने की भी तैयारी है।
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पीओके के गृह विभाग के सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने को इसका आधार बताया गया है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां इसे विरोध प्रदर्शनों को दबाने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा मान रही हैं।
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एजेंसियों का आकलन है कि इसके बाद विरोध प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाने की व्यापक कार्रवाई की जा सकती है। बुधवार देर शाम रावलाकोट क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना और स्थानीय पुलिस ने पांच और लोगों को मार दिया।
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बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए पाकिस्तान ने पीओके में मोबाइल डेटा और ब्रॉडबैंड (वाई-फाई) इंटरनेट सेवाएं भी पांच अगस्त तक बंद कर दी हैं। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के बाद इन प्रतिबंधों को अनिश्चितकाल तक जारी रखने की भी तैयारी है।
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पीओके के गृह विभाग के सचिव की ओर से जारी अधिसूचना में कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने को इसका आधार बताया गया है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां इसे विरोध प्रदर्शनों को दबाने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा मान रही हैं।
मीरपुर में भी हालात बेहद तनावपूर्ण, बुधवार को फायरिंग में पांच लोगों की मौत
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार रावलाकोट की घटनाओं के बाद मीरपुर में भी हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। बुधवार शाम कायद-ए-आजम चौक पर हुई फायरिंग में पांच लोगों के मारे जाने और चार अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल मीरपुर में भर्ती कराया गया।
पुलिस का दावा, हथियारबंद थे प्रदर्शनकारी
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार रावलाकोट की घटनाओं के बाद मीरपुर में भी हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। बुधवार शाम कायद-ए-आजम चौक पर हुई फायरिंग में पांच लोगों के मारे जाने और चार अन्य के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल मीरपुर में भर्ती कराया गया।
पुलिस का दावा, हथियारबंद थे प्रदर्शनकारी
स्थानीय पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारी हथियारों से लैस थे। दूसरी ओर, संयुक्त जन कार्रवाई समिति ने इस दावे को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों ने अकारण बल प्रयोग किया। समिति के अनुसार, इस कार्रवाई में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
खाने का संकट गहराया, दवा की व्यवस्था नहीं
गुलाम कश्मीर की आवाज विश्व स्तर पर उठाने वाली ओवरसीज कश्मीरी संयुक्त जन कार्रवाई समिति का आरोप है कि क्षेत्र में भोजन, दवाइयों, बिजली, इंटरनेट और अन्य आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है।
गुलाम कश्मीर की आवाज विश्व स्तर पर उठाने वाली ओवरसीज कश्मीरी संयुक्त जन कार्रवाई समिति का आरोप है कि क्षेत्र में भोजन, दवाइयों, बिजली, इंटरनेट और अन्य आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है।
हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। समिति ने संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आजाद कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का तत्काल संज्ञान लेने और हस्तक्षेप की अपील की है।
ओवरसीज कश्मीरियों की संयुक्त मांग
- रावलाकोट और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में शांतिपूर्ण नागरिकों एवं प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग, गोलाबारी और हर प्रकार की हिंसा तत्काल बंद की जाए।
- राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति तत्काल बहाल की जाए तथा घायलों को आपात चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- इंटरनेट, मोबाइल सेवाओं, टेलीफोन और बिजली पर लगी पाबंदियां तुरंत हटाई जाएं तथा स्वतंत्र मीडिया को कवरेज की अनुमति दी जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
निहत्थे लोगों पर फायरिंग के विरुद्ध मोर्चा खोलेंगी महिलाएं
जम्मू-कश्मीर जॉइंट पब्लिक एक्शन कमेटी ने कश्मीरी लोगों के समर्थन और कथित तौर पर निहत्थे लोगों पर फायरिंग के विरोध में महिलाओं से विरोध रैली में शामिल होने की अपील की है।
जम्मू-कश्मीर जॉइंट पब्लिक एक्शन कमेटी ने कश्मीरी लोगों के समर्थन और कथित तौर पर निहत्थे लोगों पर फायरिंग के विरोध में महिलाओं से विरोध रैली में शामिल होने की अपील की है।
हमारा संघर्ष शोषण के विरुद्ध : जेकेजेपीएसी
जम्मू-कश्मीर जॉइंट पब्लिक एक्शन कमेटी (जेकेजेपीएसी) के सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने बुधवार को आरोप लगाया कि समिति के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर बल प्रयोग कर पूरे क्षेत्र को जेल में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि हजारों लोगों को लापता कर दिया गया है। यह भी आरोप लगाया कि 5 जून से ही कुछ मृतकों के शव सुरक्षा बलों के कब्जे में हैं।
जम्मू-कश्मीर जॉइंट पब्लिक एक्शन कमेटी (जेकेजेपीएसी) के सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने बुधवार को आरोप लगाया कि समिति के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर बल प्रयोग कर पूरे क्षेत्र को जेल में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि हजारों लोगों को लापता कर दिया गया है। यह भी आरोप लगाया कि 5 जून से ही कुछ मृतकों के शव सुरक्षा बलों के कब्जे में हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय मीडिया चैनल व सोशल मीडिया पर समिति के बारे में भ्रामक और मनगढ़ंत प्रचार किया जा रहा है। जॉइंट पब्लिक एक्शन कमेटी विभिन्न विचारधाराओं के लोगों का एक साझा मंच है, जो पिछले 78 वर्षों से जारी जन-शोषण और शासकों की नीतियों के विरोध में आंदोलन कर रहा है।