J&K: एनसी की संपत्ति 37 करोड़ से ज्यादा, पीडीपी की 20 लाख से भी कम; जनाधार के साथ फंडिंग संकट भी झेल रही PDP
नेशनल कॉन्फ्रेंस की संपत्ति 37 करोड़ से अधिक बताई गई है, जबकि पीडीपी की कुल संपत्ति 20 लाख से भी कम है।
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प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने की कोशिश कर रही पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के सामने सिर्फ जनाधार बढ़ाने की ही नहीं, बल्कि पार्टी फंड बढ़ाने की भी चुनौती है। पार्टी के ताजा वित्तीय ब्यौरों से पता चलता है कि पार्टी की कुल आय, चंदे और सदस्यता शुल्क में बड़ी गिरावट आई है।
दूसरी ओर पीडीपी की प्रतिद्वंद्वी सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) आर्थिक संसाधनों के मामले में उससे कहीं आगे है। एनसी की संपत्ति 37 करोड़ रुपये से ज्यादा है। पीडीपी के आधिकारिक वित्तीय ब्यौरे के हिसाब से वर्ष 2024-25 में पार्टी की कुल आय 10.01 लाख रुपये रही, जबकि एक साल पहले यह 27.54 लाख रुपये थी। यानी एक साल में पार्टी की आय करीब 64 फीसदी घट गई।
चंदे से मिलने वाली राशि 22.90 लाख रुपये से घटकर 9.60 लाख रुपये रह गई। सदस्यता शुल्क से होने वाली आय भी 4.25 लाख रुपये से घटकर मात्र 9,300 रुपये रह गई। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की हालिया रिपोर्ट भी पीडीपी की कमजोर होती आर्थिक स्थिति की ओर इशारा करती है। रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 में पार्टी की कुल आय करीब 10 लाख रुपये रही, जबकि खर्च 16 लाख रुपये से अधिक रहा। सब मिलाकर पीडीपी की कुल संपत्ति 19.15 लाख रुपये है।
संसाधन ही तय करते हैं राजनीतिक ताकत
राजनीतिक विश्लेषक मनु श्रीवत्स के अनुसार पीडीपी को संसाधनों के मामले में शुरू से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस की स्थापना आजादी से पहले हुई थी और दशकों में मजबूत संगठनात्मक ढांचा तथा स्थायी संपत्तियां खड़ी की हैं। ऐसे में पीडीपी को जनाधार बढ़ाने और संगठन विस्तार के साथ-साथ संसाधन जुटाने पर ध्यान देना होगा।
एनसी की संपत्ति पीडीपी से 197 गुना ज्यादा
वर्ष 2023-24 में एनसी की कुल आय 2.77 करोड़ रुपये रही। इसमें 1.04 करोड़ चंदे से और 16.82 लाख रुपये किराये से प्राप्त हुए। इस दौरान एनसी को सिर्फ ब्याज से 1.56 करोड़ रुपये की आय हुई। यह राशि पीडीपी की पूरे वर्ष की कुल आय से करीब 15 गुना अधिक है। एनसी का कोष (कॉर्पस फंड) 35.68 करोड़ रुपये है। इसके अलावा पार्टी के पास 19.61 करोड़ रुपये नकद और बैंक जमा के रूप में मौजूद हैं। कुल संपत्तियों का आकार 37 करोड़ रुपये से अधिक है। 2023-24 में एनसी ने 2.72 करोड़ रुपये से ज्यादा कर्मचारियों, चुनावी गतिविधियों और प्रचार व जनसंपर्क गतिविधियों पर खर्च किए गए। एनसी का यह ब्यौरा वर्ष 2023-24 का है। पार्टी ने सत्ता में आने के बाद का वित्तीय ब्यौरा चुनाव आयोग में जमा नहीं किया है।
भाजपा को 4.13 करोड़, कांग्रेस को 9.5 लाख रुपये का चंदा
वित्त वर्ष 2024-25 में जम्मू-कश्मीर से राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को कुल 4.22 करोड़ रुपये का चंदा मिला। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा भाजपा के खाते में गया। भाजपा को प्रदेश से 4.13 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ, जबकि कांग्रेस को 9.5 लाख रुपये मिले। दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश से मिले कुल चंदे में लगभग 80 फीसदी राशि व्यक्तिगत दानदाताओं से आई। एडीआर के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश से 3.37 करोड़ रुपये व्यक्तिगत दानदाताओं ने दिए, जबकि कॉरपोरेट और कारोबारी घरानों का योगदान 84 लाख रुपये रहा।