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Jammu Kashmir: कश्मीर की ठंडी फिजाओं में सियासी तपिश, एनसी की बैठक ने बढ़ाया पारा; विपक्ष ने साधा निशाना
राकेश शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: Nikita Gupta
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:11 PM IST
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सार
नेशनल कॉन्फ्रेंस की आगामी विधायक दल की बैठक को लेकर जम्मू-कश्मीर की सियासत गरमा गई है, जिसमें कांग्रेस को अलग रखने के फैसले पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला
- फोटो : एजेंसी
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विस्तार
प्रदेश में सियासी तपिश का केंद्र श्रीनगर हो गया है और यहां ठंडी फिजाओं में पारा अब बढ़ने लगा है। आगामी 24 घंटे में सभी बड़े उतार-चढ़ाव पर राजनीतिक दलों की निगाहें नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) की बैठक पर रहेंगी। एनसी के अचानक विधायक दल की बैठक बुलाने और इससे कांग्रेस को अलग रखने के फैसले ने सबको चौंका दिया है।
विपक्ष लगातार हमलावर है और इस बैठक को नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच उपजे विवाद को नियंत्रित करने का जरिया मान रहा है। हालांकि एनसी ने इसके जवाब में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा को पहले अपना घर संभालने की नसीहत दी है। फिलहाल नेशनल कॉन्फ्रेंस की इस बैठक से जुड़ी जो बातें अब तक सामने आई हैं उनमें प्रमुख रूप से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की पैरवी होगी।
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यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है और पीडीपी के अलावा अपनी ही पार्टी के सांसद आगा रुहुल्ला मेहदी इस मसले पर सरकार को घेरने में लगे हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सत्ता में आने से पहले अपने घोषणापत्र में भी इसे शामिल किया है। इसके अलावा बीते दिनों शराब के मुद्दे को लेकर हुए बवाल और इसके बाद पार्टी में शुरू हुई इस्तीफों के सिलसिले को नियंत्रित करने के लिए भी बड़ा कदम उठाया जा सकता है।
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विधानसभा में बजट सत्र के बाद विधायकों के बीच शुरू हुए मनमुटाव को मिटाने की भी कोशिश होगी। इस बैठक में एडवोकेट जनरल की नियुक्ति और आरक्षण की फाइल के गृह मंत्रालय में लंबित होने का मुद्दा चर्चा में रहेगा। आरक्षण को लेकर प्रदेश स्तर पर सकीना इत्तू की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल स्तरीय समिति का गठन किया गया था।
समिति ने सिफारिश सरकार को भेजी थी, जो मंत्रिमंडल की सिफारिश के बाद एलजी को भेजी गई। बाद में इसे गृह मंत्रालय को भेजा गया। इसका अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। बिजनेस रूल्स पर भी फैसला होना है, इस बारे में प्रदेश सरकार अपनी रिपोर्ट उपराज्यपाल को सौंप चुकी है।
तो टूट जाएगा भरोसा
उम्मीद है कि बैठक का आयोजन सुधार के लिए होगा। लगभग दो साल हो चुके हैं और न केवल लोग, बल्कि कई प्रतिनिधि खुद भी इस प्रदर्शन से निराश हैं। अगर इस बार राजनीतिक व्यवस्था विफल होती है तो वह भरोसा जो इतनी मुश्किल से जीता गया था, हमेशा के लिए टूट जाएगा। -आगा रुहुल्ला, मेहदी, सांसद
रिपोर्ट कार्ड पर बात होगी
बैठक में मंत्रियों और विधायकों से उनके कार्यकाल के बारे में बात होगी। घोषणापत्र में किए वादों को पूरा करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। पार्टी की मजबूती पर विचार होगा। केंद्र और राज्य के बीच चल रहे मुद्दों के समाधान तलाशे जाएंगे।- सुरिंदर चौधरी, उपमुख्यमंत्री
पूर्ण राज्य नेशनल कॉन्फ्रेंस का एजेंडा नहीं
पूर्ण राज्य का दर्जा नेशनल कॉन्फ्रेंस का एजेंडा नहीं है। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य भाजपा देगी और जब पीएम व गृहमंत्री को यह लगेगा कि अब हिंसा नहीं होगी, दर्जा मिल जाएगा। एनसी ने अनुच्छेद 370 को बहाल करने की बात कही है, उन्हें इस पर जवाब देना होगा। लोगों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने में ढोंग कर रहे हैं। मुद्दों को लेकर रोज सरकार को जगाते हैं। मुद्दे सरकार को हल करने हैं, विपक्ष का काम उन्हें उठाना है। -सुनील शर्मा, नेता प्रतिपक्ष
मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश के लोगों ने पांच साल के लिए जनमत नेशनल कॉन्फ्रेंस को दिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीन जून को विधायक दल की बैठक बुलाई है तो इस पर हायतौबा करने की जरूरत नहीं है। प्रदेश सरकार को कोई नहीं हिला सकता है। सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। -तनवीर सादिक प्रवक्ता, नेशनल काॅन्फ्रेंस
उम्मीद है कि बैठक का आयोजन सुधार के लिए होगा। लगभग दो साल हो चुके हैं और न केवल लोग, बल्कि कई प्रतिनिधि खुद भी इस प्रदर्शन से निराश हैं। अगर इस बार राजनीतिक व्यवस्था विफल होती है तो वह भरोसा जो इतनी मुश्किल से जीता गया था, हमेशा के लिए टूट जाएगा। -आगा रुहुल्ला, मेहदी, सांसद
रिपोर्ट कार्ड पर बात होगी
बैठक में मंत्रियों और विधायकों से उनके कार्यकाल के बारे में बात होगी। घोषणापत्र में किए वादों को पूरा करने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। पार्टी की मजबूती पर विचार होगा। केंद्र और राज्य के बीच चल रहे मुद्दों के समाधान तलाशे जाएंगे।- सुरिंदर चौधरी, उपमुख्यमंत्री
पूर्ण राज्य नेशनल कॉन्फ्रेंस का एजेंडा नहीं
पूर्ण राज्य का दर्जा नेशनल कॉन्फ्रेंस का एजेंडा नहीं है। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य भाजपा देगी और जब पीएम व गृहमंत्री को यह लगेगा कि अब हिंसा नहीं होगी, दर्जा मिल जाएगा। एनसी ने अनुच्छेद 370 को बहाल करने की बात कही है, उन्हें इस पर जवाब देना होगा। लोगों से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा करने में ढोंग कर रहे हैं। मुद्दों को लेकर रोज सरकार को जगाते हैं। मुद्दे सरकार को हल करने हैं, विपक्ष का काम उन्हें उठाना है। -सुनील शर्मा, नेता प्रतिपक्ष
मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं। केंद्र शासित प्रदेश के लोगों ने पांच साल के लिए जनमत नेशनल कॉन्फ्रेंस को दिया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीन जून को विधायक दल की बैठक बुलाई है तो इस पर हायतौबा करने की जरूरत नहीं है। प्रदेश सरकार को कोई नहीं हिला सकता है। सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। -तनवीर सादिक प्रवक्ता, नेशनल काॅन्फ्रेंस