J&K: राज्य का दर्जा बहाली को लेकर सियासी घमासान, बीजेपी ने एनसी के प्रदर्शन को बताया 'ध्यान भटकाने की कोशिश'
जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर 20 जुलाई को नेशनल कॉन्फ्रेंस के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बीजेपी ने निशाना साधा है।
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जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के प्रस्तावित प्रदर्शन पर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले एनसी के प्रदर्शन को सरकार की नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश करार दिया है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने की मांग को लेकर देशभर के 52 राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के नेताओं को प्रदर्शन में शामिल होने का न्योता भेजा है। पार्टी ने बीजेपी की जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष सत शर्मा को भी इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
बीजेपी के जम्मू-कश्मीर प्रभारी तरुण चुग ने एनसी के इस कदम पर निशाना साधते हुए कहा कि यह केवल जनता का ध्यान भटकाने और अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनसी ने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा नहीं किया है।
तरुण चुग ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शांति, पर्यटन, विकास और पारदर्शिता का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग विकास और शांति की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा ने भी एनसी के प्रस्तावित प्रदर्शन को दिखावा बताते हुए कहा कि यह सरकार की विफलताओं से ध्यान हटाने का प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी इस प्रदर्शन में शामिल नहीं होगी।
सुनील शर्मा ने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला संसद के माध्यम से होगा, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से नहीं। उन्होंने एनसी पर राजनीतिक मुद्दों के जरिए जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। नेशनल कॉन्फ्रेंस 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग उठाने जा रही है।