पाकिस्तान के साथ लगने वाली नियंत्रण रेखा पर हमारा दबदबा कायम है। हमने दुश्मन को काबू कर रखा है। जम्मू-कश्मीर में उपद्रव फैलाने वालों के खिलाफ उत्तरी कमान ढाल बनकर खड़ी है। यह बात अलंकरण समारोह के दौरान उत्तरी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी ने कही। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में कश्मीर घाटी में सुरक्षा के सभी मापदंडों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हिंसा, पथराव व विरोध की घटनाओं में भारी गिरावट आई है। यह शांति, सामान्यता व राष्ट्रीय एकता के लिए जनता के समर्थन को दर्शाता है।
नियंत्रण रेखा पर हमारा दबदबा, दुश्मन को कर रखा है काबूः लेफ्टिनेंट जनरल जोशी
कहा, जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त उत्तरी कमान पर लद्दाख के दुर्गम इलाके में चीन के साथ लगी हुई सीमा की रक्षा की भी जिम्मेदारी है। एलओसी पर तैनात हमारे सैनिकों ने इस चुनौतीपूर्ण समय में उस कठिन इलाके में सतर्कता बनाए रखी है।
उन्होंने कहा कि लद्दाख क्षेत्र में बुनियादी आधारिक संरचना और रक्षा तैयारियों में सुधार के लिए हमारे अथक प्रयास जारी हैं। अलंकरण समारोह पर उन सभी बहादुर पुरुष व महिला सैनिकों के प्रयासों की सराहना करते हैं जो उत्तरी कमान में सेवा कर रहे हैं, या फिर जो सेवा कर चुके हैं। यह उनकी मेहनत व बलिदान का परिणाम है कि आज हम इस मुकाम पर पहुंचे हैं। हमारे जवान धैर्य व संकल्प के साथ दुश्मन के सभी इरादों को विफल करने के लिए चट्टान की तरह खड़े हैं। देश को इन जवानों पर गर्व है।
सीमाओं की रखवाली करने और भीतरी इलाकों में शाति व सामान्यता लाने के अलावा हमारी सेवा बाढ़, भूस्खलन, हिमस्खलन और आपदा के दौरान भी लोगों को सेवा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी प्रकार ऑपरेशन सद्भावना के तहत दूरदराज ग्रामीण इलाकों में छोटे स्तर पर विकास में सहायता कर रहे हैं।
यहां उपस्थित सभी पुरस्कार विजेताओं व उनके परिवारों को बधाई देते हैं, क्योंकि इन जवानों व अधिकारियों के साहसिक कार्य और निस्वार्थ सेवा से हमारी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन जवानों की वीरता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और यह हमेशा हमारे दिल व दिमाग में जीवित रहेंगे। सेना की तरफ से इन जवानों व इनके परिवारों को सभी तरह की सहायता प्रदान की जाएगी।