Jammu: 13 पंपों पर पेट्राेल व डीजल खत्म, जहां मिल रहा वहां लग रहीं कतारें, बोतलें और ड्रम लेकर पहुंच रहे लोग
जम्मू में पेट्रोल और डीजल की किल्लत के चलते 13 पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया और लोगों में पैनिक बाइंग की स्थिति बनी।
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अचानक पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत की खबरों ने आम जनता की धड़कनें बढ़ा दी हैं। पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की कतारें देखी जा रही हैं। स्थिति यह है कि भारी मांग के चलते 13 पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है।
प्रशासनिक आदेश का पालन करते हुए पंपों पर ‘नो स्टॉक’ का बोर्ड तो नहीं है लेकिन मशीन खराब होने की बात पंप के सेल्स मैन बता रहे हैं। सप्लाई चेन में आई बाधा और ट्रांसपोर्टर्स की संभावित हड़ताल की खबरों के बाद लोगों में डर बैठ गया है। घबराहट में लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ-साथ बोतलों और ड्रमों में भी पेट्रोल-डीजल भरकर ले जा रहे हैं। इसी ‘पैनिक बाइंग’ की वजह से पंप समय से पहले ही ड्राई हो रहे हैं। लंबी लाइनों के कारण कई जगहों पर वाहन चालकों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आई हैं।
पैनिक होने की नहीं है जरूरत
प्रशासन और तेल कंपनियों का कहना है कि लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है। पर्याप्त भंडार है लेकिन एक साथ भारी भीड़ आने के कारण टैंकरों को रिफिलिंग में समय लग रहा है। उन्होंने जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें।
पंपों पर बेवजह भीड़ लगी तो बंद करवा देंगे : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रदेश में सिलिंडर, पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। बावजूद लोग पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक रूप से लाइन लगा रहे हैं। भीड़ जुट रही है। अफवाहें फैलाई जा रही हैं। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति बनी रही तो हो सकता है कि अफवाह थमने तक कुछ दिनों के लिए सभी पेट्रोल पंप को अस्थायी रूप से बंद करवाना पड़े।
यह बातें उन्होंने वीरवार को जम्मू मैराथन एक्सपो के उद्घाटन के दौरान कही। कहा कि अगर लोग चीजों का अनावश्यक रूप से भंडारण करते रहे तो अधिकारियों को अस्थायी रूप से पेट्रोल पंप बंद करने पड़ सकते हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने शुक्रवार की शाम 6:30 बजे देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक आहूत की है, जिसमें वह भी शामिल होंगे। बैठक में विशेष रूप से ईरान और पड़ोसी क्षेत्रों की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं। विशेषकर अगर युद्ध जारी रहता है। पाकिस्तान के खुद को संभावित मध्यस्थ के तौर पर पेश करने के मुद्दे पर कहा कि युद्ध को खत्म करने में मदद करने वाले किसी भी प्रयास का विरोध नहीं होना चाहिए।