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Jammu News: डॉ. मन्याल ने एलजी के अभिभाषण में यूटी विशिष्ट मुद्दों की कमी बताई
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में भाग लेते हुए रामगढ़ के विधायक डॉ. देविंदर कुमार मन्याल ने जनकल्याण, समावेशी विकास, बिजली, रोजगार और क्षेत्र-विशेष की जरूरतों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। डॉ. मन्याल ने अभिभाषण में केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर अत्यधिक निर्भरता और प्रदेश से जुड़े विशेष मुद्दों की अनदेखी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, बिजली की कमी, पेयजल संकट, ग्रामीण बुनियादी ढांचे की खामियां और किसानों की समस्याएं जैसे ज्वलंत मुद्दों का समुचित उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने कहा अस्पतालों में डॉक्टरों, शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ की भारी कमी है। सीमित जांच सुविधाओं, डायलिसिस यूनिट और एमआरआई मशीनों की अपर्याप्त संख्या का मुद्दा उठाया। सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. मन्याल ने केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं को बहाल एवं सुदृढ़ करने, स्टाफ की कमी दूर करने तथा लंबित नियमितीकरण और समय पर वेतन भुगतान के मुद्दों के समाधान की मांग की। शहरी विकास के संदर्भ में उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन की समस्याओं, सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण और समय पर वेतन की मांग की। बिजली बिलिंग, राजस्व वसूली तथा सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए राहत उपायों पर भी चर्चा की। उन्होंने सरकार से क्षेत्र-विशेष और रोजगारोन्मुख विकास योजनाएं, विशेषकर जम्मू-कश्मीर के युवाओं को आगे लाने की मांग की।
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सांबा। विधानसभा में उपराज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में भाग लेते हुए रामगढ़ के विधायक डॉ. देविंदर कुमार मन्याल ने जनकल्याण, समावेशी विकास, बिजली, रोजगार और क्षेत्र-विशेष की जरूरतों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। डॉ. मन्याल ने अभिभाषण में केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर अत्यधिक निर्भरता और प्रदेश से जुड़े विशेष मुद्दों की अनदेखी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, बिजली की कमी, पेयजल संकट, ग्रामीण बुनियादी ढांचे की खामियां और किसानों की समस्याएं जैसे ज्वलंत मुद्दों का समुचित उल्लेख नहीं किया गया। उन्होंने कहा अस्पतालों में डॉक्टरों, शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ की भारी कमी है। सीमित जांच सुविधाओं, डायलिसिस यूनिट और एमआरआई मशीनों की अपर्याप्त संख्या का मुद्दा उठाया। सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. मन्याल ने केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं को बहाल एवं सुदृढ़ करने, स्टाफ की कमी दूर करने तथा लंबित नियमितीकरण और समय पर वेतन भुगतान के मुद्दों के समाधान की मांग की। शहरी विकास के संदर्भ में उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन की समस्याओं, सफाई कर्मचारियों के नियमितीकरण और समय पर वेतन की मांग की। बिजली बिलिंग, राजस्व वसूली तथा सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए राहत उपायों पर भी चर्चा की। उन्होंने सरकार से क्षेत्र-विशेष और रोजगारोन्मुख विकास योजनाएं, विशेषकर जम्मू-कश्मीर के युवाओं को आगे लाने की मांग की।
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