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Jammu News: मनरेगा में धांधली, हाजिरी में तीन, कार्यस्थल की फोटो में चार महिलाएं
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- सुंब ब्लॉक की पटयारी पंचायत में अनियमितताओं का मामला उजागर
- तस्वीर में दो बच्चे भी दिख रहे, सर्दी में पहनावा गर्मी के मौसम जैसा
विशाल जसरोटिया
सांबा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सुंब ब्लॉक की पटयारी पंचायत में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कार्यस्थल की ऑनलाइन हाजिरी में जहां तीन महिलाएं और सात पुरुष दर्ज हैं। साइट पर अपलोड बिना जियो टैग की तस्वीर में चार महिलाएं दिखाई दे रही हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि तस्वीर में दो बच्चे भी दिख रहे हैं और भीषण सर्दी में पहनावा गर्मी के मौसम जैसा है। यह पूरा मामला 28 जनवरी को मनरेगा कार्य की वेबसाइट पर अपलोड की गई जानकारी से जुड़ा है। जानकारों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों, ग्राम सेवकों (पंचायत सचिवों) और ठेकेदारों की मिलीभगत से बिना मजदूरी कराए लोगों की फोटो खींचकर उन्हें कार्यस्थल पर मौजूद दिखाया जा रहा है। इस तरह फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
एक ग्रामीण ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि ग्राम सेवक और ठेकेदार कुछ चुनिंदा लोगों की फोटो खींचकर हाजिरी और तस्वीरें अपलोड करते हैं जबकि वे वास्तव में मजदूरी नहीं करते। कई मामलों में जमीनी स्तर पर काम ही नहीं करवाया जाता जबकि कहीं मशीनों या प्रवासी मजदूरों से कार्य कराया जाता है। आरोप है कि हाजिरी में दर्ज लोगों के खातों में आए पैसे बाद में पंचायत सचिव, ठेकेदार और संबंधित व्यक्तियों के बीच बांट लिए जाते हैं। ऐसी गड़बड़ियों से सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर वास्तविक मजदूर मौजूद नहीं होते जबकि कागजों में कार्य पूर्ण दर्शा दिया जाता है। पटयारी पंचायत में सामने आई इस गड़बड़ी से पूरे जिले के ब्लॉकों में मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अनियमितताओं के ऐसे कई मामले अन्य पंचायतों में भी हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा में धांधलियों को रोकने के लिए विशेष वेबसाइट व्यवस्था लागू की है। इससे प्रत्येक कार्यस्थल पर सुबह-शाम हाजिरी दर्ज करना और जियो टैग फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। इसके बावजूद सुंब ब्लॉक की पटयारी पंचायत में सामने आई अनियमितताओं ने निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने संबंधित पंचायत सचिव (ग्राम सेवक) और ग्रामीण विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई व रिकवरी की मांग की है।
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अनियमितता मिलने पर की जाएगी कार्रवाई
ग्रामीण विकास विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर डेवलपमेंट (एसीडी) रफीक अहमद का कहना है कि आप जानकारी हमें उपलब्ध करवाएं। मामले की जांच कराई जाएगी। अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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विशाल जसरोटिया
सांबा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सुंब ब्लॉक की पटयारी पंचायत में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कार्यस्थल की ऑनलाइन हाजिरी में जहां तीन महिलाएं और सात पुरुष दर्ज हैं। साइट पर अपलोड बिना जियो टैग की तस्वीर में चार महिलाएं दिखाई दे रही हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि तस्वीर में दो बच्चे भी दिख रहे हैं और भीषण सर्दी में पहनावा गर्मी के मौसम जैसा है। यह पूरा मामला 28 जनवरी को मनरेगा कार्य की वेबसाइट पर अपलोड की गई जानकारी से जुड़ा है। जानकारों का आरोप है कि पंचायत स्तर पर ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों, ग्राम सेवकों (पंचायत सचिवों) और ठेकेदारों की मिलीभगत से बिना मजदूरी कराए लोगों की फोटो खींचकर उन्हें कार्यस्थल पर मौजूद दिखाया जा रहा है। इस तरह फर्जी उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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एक ग्रामीण ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि ग्राम सेवक और ठेकेदार कुछ चुनिंदा लोगों की फोटो खींचकर हाजिरी और तस्वीरें अपलोड करते हैं जबकि वे वास्तव में मजदूरी नहीं करते। कई मामलों में जमीनी स्तर पर काम ही नहीं करवाया जाता जबकि कहीं मशीनों या प्रवासी मजदूरों से कार्य कराया जाता है। आरोप है कि हाजिरी में दर्ज लोगों के खातों में आए पैसे बाद में पंचायत सचिव, ठेकेदार और संबंधित व्यक्तियों के बीच बांट लिए जाते हैं। ऐसी गड़बड़ियों से सरकारी खजाने को लाखों रुपये का नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर वास्तविक मजदूर मौजूद नहीं होते जबकि कागजों में कार्य पूर्ण दर्शा दिया जाता है। पटयारी पंचायत में सामने आई इस गड़बड़ी से पूरे जिले के ब्लॉकों में मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अनियमितताओं के ऐसे कई मामले अन्य पंचायतों में भी हैं।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा में धांधलियों को रोकने के लिए विशेष वेबसाइट व्यवस्था लागू की है। इससे प्रत्येक कार्यस्थल पर सुबह-शाम हाजिरी दर्ज करना और जियो टैग फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। इसके बावजूद सुंब ब्लॉक की पटयारी पंचायत में सामने आई अनियमितताओं ने निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने संबंधित पंचायत सचिव (ग्राम सेवक) और ग्रामीण विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई व रिकवरी की मांग की है।
अनियमितता मिलने पर की जाएगी कार्रवाई
ग्रामीण विकास विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर डेवलपमेंट (एसीडी) रफीक अहमद का कहना है कि आप जानकारी हमें उपलब्ध करवाएं। मामले की जांच कराई जाएगी। अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
