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Jammu News: बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों का जनजीवन प्रभावित, कई संपर्क मार्ग कटे
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गौरन क्षेत्र में स्कूल के समीप बहने वाले नाले में अचानक आई बाढ़ से छात्र विद्यालय नहीं पहुंच सके
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। लगातार हो रही बारिश के कारण सांबा जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उफनते नालों और भूस्खलन के चलते कई संपर्क मार्ग कस्बों से कट गए, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
महंत देस राज गिरी के अनुसार गौरन क्षेत्र में स्कूल के समीप बहने वाले नाले में अचानक आई बाढ़ के कारण छात्र विद्यालय नहीं पहुंच सके, जिससे स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति काफी कम रही। वहीं बाबा शिवो देवस्थान, गौर स्थान में तेज बहाव के चलते बाजार क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे कई दुकानों को नुकसान पहुंचा। दुकानदारों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर राहत देने की मांग की है।
बारिश के कारण गौरन–समोठा मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। इसके अलावा सांबा–मानसर मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।
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उधर घगवाल और राजपुरा क्षेत्र में पहले से क्षतिग्रस्त पुलियों की मरम्मत नहीं होने के कारण बारिश के दौरान लोगों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पुलियों और सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है।
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सांबा में 22 तक होगी गरज-चमक के साथ भारी व हल्की बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार सांबा जिले में 19 से 22 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर अल्प अवधि के लिए तेज बारिश भी हो सकती है। जिला प्रशासन ने मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने विशेष रूप से निचले इलाकों, नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा संचालन केंद्र सांबा के हेल्पलाइन नंबर 01923-241004 एवं 01923-246001, आपातकालीन सेवा 112 तथा पुलिस कंट्रोल रूम 95416-49001 पर संपर्क करें। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को भी संभावित मौसम की स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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बसंतर दरिया में बाढ़ से भूमि कटाव तेज
-किसान चिंतित, तटबंध की तत्काल मरम्मत की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। बीती रात से लगातार हो रही बारिश के कारण सांबा जिले के नदी-नाले उफान पर हैं। बसंतर दरिया में आई बाढ़ से कई स्थानों पर भूमि कटाव तेज हो गया है, जिससे नदी किनारे बसे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि बसंतर दरिया के तटबंध को पहले से ही काफी नुकसान पहुंच चुका है। यदि एक-दो बार और तेज बारिश हुई तो तटबंध के कई हिस्से टूट सकते हैं, जिससे दरिया का पानी पहले खेतों और फिर आसपास के गांवों में प्रवेश कर सकता है।
स्थानीय किसान बचन लाल, बाबू राम, सुरेश कुमार जोगिंदर ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या से कई बार प्रशासन और सरकार को अवगत कराया है। उनका कहना है कि तटबंध की मरम्मत के लिए करीब 18 करोड़ रुपये के टेंडर भी जारी किए गए थे, लेकिन संबंधित ठेकेदारों ने अब तक कार्य शुरू नहीं किया। इसी कारण आज यह स्थिति उत्पन्न हो गई है।
किसानों के अनुसार, यदि समय रहते मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाता तो भूमि कटाव की समस्या इतनी गंभीर नहीं होती। उनका कहना है कि दरिया का पानी अब खेतों तक पहुंचने के बिल्कुल करीब है, जिससे उनकी कृषि भूमि और फसलों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
पीड़ित किसानों ने उपायुक्त सांबा से मांग की है कि वे बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को तत्काल निर्देश देकर तटबंध की मरम्मत का कार्य शुरू करवाएं, ताकि संभावित बाढ़ और बड़े नुकसान से किसानों तथा आसपास के गांवों को बचाया जा सके।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के राजीव के अनुसार कि उन्होंने ठेकेदारों को समय पर काम करने के निर्देश जारी किए थे। ठेकेदारों ने मेटिरियल भी इकट्ठा करना शुरू किया था। उन्हें निर्देश जारी किए जाएंगे की कि शीघ्र ही मरम्मत कार्य शुरू करवाएं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। लगातार हो रही बारिश के कारण सांबा जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उफनते नालों और भूस्खलन के चलते कई संपर्क मार्ग कस्बों से कट गए, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
महंत देस राज गिरी के अनुसार गौरन क्षेत्र में स्कूल के समीप बहने वाले नाले में अचानक आई बाढ़ के कारण छात्र विद्यालय नहीं पहुंच सके, जिससे स्कूल में विद्यार्थियों की उपस्थिति काफी कम रही। वहीं बाबा शिवो देवस्थान, गौर स्थान में तेज बहाव के चलते बाजार क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे कई दुकानों को नुकसान पहुंचा। दुकानदारों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर राहत देने की मांग की है।
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बारिश के कारण गौरन–समोठा मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। इसके अलावा सांबा–मानसर मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा।
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उधर घगवाल और राजपुरा क्षेत्र में पहले से क्षतिग्रस्त पुलियों की मरम्मत नहीं होने के कारण बारिश के दौरान लोगों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त पुलियों और सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है।
सांबा में 22 तक होगी गरज-चमक के साथ भारी व हल्की बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार सांबा जिले में 19 से 22 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर अल्प अवधि के लिए तेज बारिश भी हो सकती है। जिला प्रशासन ने मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने विशेष रूप से निचले इलाकों, नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में जिला आपदा संचालन केंद्र सांबा के हेल्पलाइन नंबर 01923-241004 एवं 01923-246001, आपातकालीन सेवा 112 तथा पुलिस कंट्रोल रूम 95416-49001 पर संपर्क करें। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को भी संभावित मौसम की स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बसंतर दरिया में बाढ़ से भूमि कटाव तेज
-किसान चिंतित, तटबंध की तत्काल मरम्मत की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। बीती रात से लगातार हो रही बारिश के कारण सांबा जिले के नदी-नाले उफान पर हैं। बसंतर दरिया में आई बाढ़ से कई स्थानों पर भूमि कटाव तेज हो गया है, जिससे नदी किनारे बसे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि बसंतर दरिया के तटबंध को पहले से ही काफी नुकसान पहुंच चुका है। यदि एक-दो बार और तेज बारिश हुई तो तटबंध के कई हिस्से टूट सकते हैं, जिससे दरिया का पानी पहले खेतों और फिर आसपास के गांवों में प्रवेश कर सकता है।
स्थानीय किसान बचन लाल, बाबू राम, सुरेश कुमार जोगिंदर ने बताया कि उन्होंने इस गंभीर समस्या से कई बार प्रशासन और सरकार को अवगत कराया है। उनका कहना है कि तटबंध की मरम्मत के लिए करीब 18 करोड़ रुपये के टेंडर भी जारी किए गए थे, लेकिन संबंधित ठेकेदारों ने अब तक कार्य शुरू नहीं किया। इसी कारण आज यह स्थिति उत्पन्न हो गई है।
किसानों के अनुसार, यदि समय रहते मरम्मत कार्य शुरू कर दिया जाता तो भूमि कटाव की समस्या इतनी गंभीर नहीं होती। उनका कहना है कि दरिया का पानी अब खेतों तक पहुंचने के बिल्कुल करीब है, जिससे उनकी कृषि भूमि और फसलों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
पीड़ित किसानों ने उपायुक्त सांबा से मांग की है कि वे बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को तत्काल निर्देश देकर तटबंध की मरम्मत का कार्य शुरू करवाएं, ताकि संभावित बाढ़ और बड़े नुकसान से किसानों तथा आसपास के गांवों को बचाया जा सके।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के राजीव के अनुसार कि उन्होंने ठेकेदारों को समय पर काम करने के निर्देश जारी किए थे। ठेकेदारों ने मेटिरियल भी इकट्ठा करना शुरू किया था। उन्हें निर्देश जारी किए जाएंगे की कि शीघ्र ही मरम्मत कार्य शुरू करवाएं।