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Jammu News: गंदे पानी में डूबा स्कूल, 15 दिन से 60% छात्राएं अनुपस्थित, शिक्षक भी बीमार
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सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल सलैहड़ परिसर में पिछले 15 दिनों से भरा गंदे सीवरेज का पानी, छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। जोन के सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल सलैहड़ में पिछले 15 दिनों से स्कूल परिसर में जमा गंदे सीवरेज के पानी के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल के आंगन में तालाब और आसपास के घरों के नालों से बहकर आने वाला गंदा पानी खड़ा है, जिससे स्कूल का वातावरण दूषित और बदबूदार हो गया है। परिणामस्वरूप कुल 90 छात्राओं में से मात्र 30-40 ही नियमित रूप से आ रही हैं। कई शिक्षक बीमार हो गए हैं।
बदबूदार वातावरण में पाठ्यक्रम और दैनिक कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। कई छात्राएं व शिक्षक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं और लगातार बीमारी के चलते उपस्थिति घट रही है। बुधवार को हुई बारिश के चलते कक्षाओं में भी पानी घुसने के लिए तैयार है।
स्कूल प्रबंधन ने समस्या की लिखित सूचना उच्च अधिकारियों को दी है, पर न तो जल निकासी के ठोस उपाय हुए और न ही स्वच्छता व स्वास्थ्य सुरक्षा की स्थायी व्यवस्था की गई है। स्थानीय विधायक राजीव भगत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए। तहसीलदार बिश्नाह अंकुश त्रिपाठी ने स्कूल का निरीक्षण कर परिस्थिति देखी और पीडब्ल्यूडी को नालों की सफाई व ड्रेनेज सुधारने का आदेश दिया।
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वहीं प्रशासन, शिक्षा विभाग व जनप्रतिनिधि के बीच जिम्मेदारी की रेखा खिंचने से त्वरित राहत आज तक नहीं मिली है। अफसर एक-दूसरे को निर्देश देते रहे, पर जमीन पर सफाई व नाली खोलने का काम ठप पड़ा हुआ है।
पूरे गांव में फैल सकती है महामारी
अभिभावक व अध्यापक चिंतित हैं कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो स्कूल के साथ समस्त गांव में महामारी फैल सकती है, जिससे स्कूल में पढ़ाई प्रभावित होना तय है जिससे शिक्षा के अधिकार पर चोट लगेगी। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग व पंचायत को तुरंत नालियों की सफाई, पानी का निकास सुनिश्चित करने और स्कूल परिसर में संक्रमण रोधी दवाइयों व स्वच्छता अभियान चलाने की आवश्यकता है।
विधायक ने समाधान को टीम बनाई
विधायक राजीव कुमार भगत ने कहा कि स्कूल में खड़े पानी की समस्या के समाधान के लिए एक टीम बनाई गई है और अगले दो से तीन दिन में स्कूल परिसर साफ-सुथरा हो जाएगा।
स्कूल में खड़े गंदे पानी की समस्या लिखित में मुख्य शिक्षा अधिकारी जम्मू को भेज दी गई है। उनके दिशा निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। -इकबाल सिंह, जोनल शिक्षा अधिकारी, अरनिया
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संवाद न्यूज एजेंसी
अरनिया। जोन के सरकारी गर्ल्स हाई स्कूल सलैहड़ में पिछले 15 दिनों से स्कूल परिसर में जमा गंदे सीवरेज के पानी के कारण छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल के आंगन में तालाब और आसपास के घरों के नालों से बहकर आने वाला गंदा पानी खड़ा है, जिससे स्कूल का वातावरण दूषित और बदबूदार हो गया है। परिणामस्वरूप कुल 90 छात्राओं में से मात्र 30-40 ही नियमित रूप से आ रही हैं। कई शिक्षक बीमार हो गए हैं।
बदबूदार वातावरण में पाठ्यक्रम और दैनिक कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। कई छात्राएं व शिक्षक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं और लगातार बीमारी के चलते उपस्थिति घट रही है। बुधवार को हुई बारिश के चलते कक्षाओं में भी पानी घुसने के लिए तैयार है।
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स्कूल प्रबंधन ने समस्या की लिखित सूचना उच्च अधिकारियों को दी है, पर न तो जल निकासी के ठोस उपाय हुए और न ही स्वच्छता व स्वास्थ्य सुरक्षा की स्थायी व्यवस्था की गई है। स्थानीय विधायक राजीव भगत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश दिए। तहसीलदार बिश्नाह अंकुश त्रिपाठी ने स्कूल का निरीक्षण कर परिस्थिति देखी और पीडब्ल्यूडी को नालों की सफाई व ड्रेनेज सुधारने का आदेश दिया।
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वहीं प्रशासन, शिक्षा विभाग व जनप्रतिनिधि के बीच जिम्मेदारी की रेखा खिंचने से त्वरित राहत आज तक नहीं मिली है। अफसर एक-दूसरे को निर्देश देते रहे, पर जमीन पर सफाई व नाली खोलने का काम ठप पड़ा हुआ है।
पूरे गांव में फैल सकती है महामारी
अभिभावक व अध्यापक चिंतित हैं कि यदि शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो स्कूल के साथ समस्त गांव में महामारी फैल सकती है, जिससे स्कूल में पढ़ाई प्रभावित होना तय है जिससे शिक्षा के अधिकार पर चोट लगेगी। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग व पंचायत को तुरंत नालियों की सफाई, पानी का निकास सुनिश्चित करने और स्कूल परिसर में संक्रमण रोधी दवाइयों व स्वच्छता अभियान चलाने की आवश्यकता है।
विधायक ने समाधान को टीम बनाई
विधायक राजीव कुमार भगत ने कहा कि स्कूल में खड़े पानी की समस्या के समाधान के लिए एक टीम बनाई गई है और अगले दो से तीन दिन में स्कूल परिसर साफ-सुथरा हो जाएगा।
स्कूल में खड़े गंदे पानी की समस्या लिखित में मुख्य शिक्षा अधिकारी जम्मू को भेज दी गई है। उनके दिशा निर्देश का इंतजार किया जा रहा है। -इकबाल सिंह, जोनल शिक्षा अधिकारी, अरनिया