बारिश से तबाही के बाद प्रशासन सतर्क: क्षतिग्रस्त स्कूलों पर ताला लगाने के निर्देश, मरम्मत के बाद ही खुलेंगे
जम्मू संभाग में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त और असुरक्षित स्कूल भवनों को मरम्मत पूरी होने तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने राहत कार्यों, बिजली-पानी बहाली, फसल नुकसान के आकलन और संभावित बारिश को देखते हुए सभी जिलों को अलर्ट रहने को कहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू संभाग में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त और असुरक्षित पाए गए स्कूल भवनों को तत्काल बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। जम्मू संभागीय आयुक्त रमेश कुमार ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि ऐसे स्कूलों को तब तक उपयोग में न लाया जाए, जब तक उनकी मरम्मत पूरी कर उन्हें सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता।
संभागीय आयुक्त ने रविवार को बारिश से हुए नुकसान, राहत कार्यों और बहाली अभियान की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और कमजोर स्कूल भवनों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई करने को कहा।
बैठक में किसानों को हुए फसल नुकसान का आकलन करने के भी निर्देश दिए गए। सभी मुख्य कृषि अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया, ताकि प्रभावित किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। रमेश कुमार ने जम्मू पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को बारिश से क्षतिग्रस्त बिजली ढांचे की मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य हो सके।
उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रभावित परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि (मुआवजा) का वितरण तेजी से करने को कहा, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सहायता से वंचित न रहे। 19 जुलाई से अब तक जम्मू संभाग के पुंछ, राजौरी, डोडा और रामबन जिलों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 27 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह लोग अभी भी लापता हैं।
मौसम विभाग द्वारा 29 और 30 जुलाई को फिर से बारिश की संभावना जताए जाने के बाद प्रशासन ने सभी जिलों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि खाद्यान्न, एलपीजी सिलेंडर और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त भंडार पहले से सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य विभाग को संवेदनशील इलाकों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और मेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
संभागीय आयुक्त ने बाढ़ सुरक्षा उपायों को मजबूत करने, भूस्खलन और पत्थर गिरने से बंद सड़कों को जल्द खोलने तथा नालों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई एवं मरम्मत तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही नदियों, नालों और जलस्रोतों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने और खतरे की स्थिति में लोगों को समय रहते सतर्क करने को कहा गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी सलाह का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन के साथ सहयोग करें।