J&K: 370 हटने के सात साल बाद जम्मू-कश्मीर में विकास की नई तस्वीर, बेहतर कनेक्टिविटी और पर्यटन से बढ़े अवसर
अनुच्छेद 370 हटने के सात साल बाद जम्मू-कश्मीर में सड़क, बिजली, पानी, कनेक्टिविटी और पर्यटन क्षेत्र में बदलाव देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से विकास और रोजगार के नए अवसर बढ़े हैं।
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विस्तार
अनुच्छेद 370 हटने के सात साल बाद जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों में बदलाव देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेहतर सड़कें, बिजली-पानी की सुविधाएं, मजबूत कनेक्टिविटी और पर्यटन के विस्तार ने प्रदेश के कई हिस्सों में रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाया है।
गांवों तक पहुंची सुविधाएं और विकास का असर जमीनी स्तर पर दिखा
बडगाम जिले के नागम गांव निवासी तालिब हुसैन ने कहा कि अब विकास कार्य पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से नजर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले बिजली ट्रांसफार्मर जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब गांव स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया आसान हुई है।
उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पेयजल और सरकारी योजनाओं की पहुंच में सुधार हुआ है। हालांकि उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में संतुलित विकास के लिए और अधिक ध्यान देने की जरूरत भी बताई।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़े रोजगार और पर्यटन के अवसर
स्थानीय निवासी जोहरान मीर ने बताया कि सड़कों की स्थिति में सुधार, नियमित बिजली आपूर्ति और बेहतर पेयजल सुविधाओं से लोगों को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि पर्यटन के विस्तार से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
दूरदराज इलाकों को जोड़ रहा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
भू-राजनीतिक विशेषज्ञ दीपंकर सेनगुप्ता ने कहा कि वर्ष 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में सड़क और रेल कनेक्टिविटी समेत कई क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है। उनके अनुसार बेहतर संपर्क व्यवस्था ने पहले दूर माने जाने वाले इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद की है। कहा कि भद्रवाह, किश्तवाड़, पंचारी, बनी और कठुआ के कुछ क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बेहतर सड़क संपर्क से इन इलाकों में पर्यटन, होटल, परिवहन और अन्य क्षेत्रों में रोजगार बढ़ सकता है।
बागवानी क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं
सेनगुप्ता ने जम्मू-कश्मीर के बागवानी क्षेत्र की संभावनाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से बाग प्रबंधन, आधुनिक कृषि तकनीक और फलों के मूल्य संवर्धन के जरिए इस क्षेत्र की उत्पादकता को काफी बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने स्थानीय युवाओं और उद्यमियों से बागवानी और इससे जुड़े व्यवसायों में अधिक भागीदारी करने की अपील की, ताकि क्षेत्र में स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
निवेश और आर्थिक विकास को मिल रही नई दिशा
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क, रेलवे, बिजली और स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ते निवेश से जम्मू-कश्मीर में कारोबारी माहौल बेहतर हुआ है। इससे स्थानीय निवेशकों की भागीदारी बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।