जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दावा किया कि पुलवामा जिले के त्राल क्षेत्र में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों की अब कोई मौजूदगी नहीं है। 1989 में घाटी में आतंकवाद के फैलने के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में त्राल के चेवा उलार इलाके में सुरक्षाबलों के साथ रात भर हुई मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों के मारे जाने के बाद पुलिस ने यह दावा किया है।
जम्मू-कश्मीरः 1989 से दहशत फैला रहे आतंकी संगठन हिजबुल का त्राल से सफाया
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आईजी कश्मीर विजय कुमार ने ट्वीट किया कि आज के सफल अभियान के बाद त्राल क्षेत्र में अब हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों की मौजूदगी नहीं है। यह 1989 के बाद पहली बार हुआ है। कश्मीर में आतंकवाद फैलने के बाद यहां हिजबुल मुजाहिदीन का दबदबा था। घाटी में इसके कई हजार कैडर थे। बुरहान वानी, जाकिर मूसा, हम्माद खान समेत संगठन के कई शीर्ष कमांडर त्राल क्षेत्र से थे।
वहीं, अनंतनाग जिले के बिजबिहाड़ा में सीआरपीएफ पार्टी पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। हमले के बाद फरार हुए आतंकियों की तलाश में आसपास के इलाकों में अभियान चलाया जा रहा है।
इसी बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हमला करने वाले आतंकी दो थे। वे स्कूटी पर आए थे और हमले के बाद फरार हो गए। इस घटना को लेकर पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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बांदीपोरा जिले में मोटरसाइकिल सवार आतंकवादियों ने एक जांच चौकी के पास हवा में गोलियां चलाई। पुलिस ने बताया कि सुंबल क्षेत्र के मारकुंदल रोटरी में नाकाबंदी की गई तो मोटरसाइकिल सवार दो आतंकी हवा में कई गोलियां चलाते हुए फरार हो गए। इसके बाद सुरक्षाबलों ने नाकाबंदी की और तलाश अभियान शुरू किया।
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