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अब जागा प्रशासन: हादसे के बाद हरकत में ट्रैफिक विभाग, ठठर में क्षतिग्रस्त पुल पर आवाजाही पूरी तरह बंद

अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Sun, 03 May 2026 11:33 AM IST
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सार

बनतालाब में पुल हादसे के बाद ट्रैफिक विभाग ने क्षतिग्रस्त पुल पर आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है और सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाए हैं। वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं और लोगों से बनतालाब चौक से रायपुर चौक के बीच इस रास्ते से बचने की अपील की गई है।

Traffic on damaged bridge in Thathar completely closed
ठठर पुल बंद होेने के कारण जम्मू-कोट भलवाल मार्ग पर की गई बैरिकेडिंग। - फोटो : संवाद
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विस्तार

बनतालाब इलाके में निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद ट्रैफिक विभाग की नींद टूटी और वह हरकत में आ गया है। इस हादसे में तीन श्रमिकों को जान गंवानी पड़ी है। अब प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र कदम उठाए हैं। विभाग ने क्षतिग्रस्त पुल से वाहनों और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके साथ ही ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है।

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ट्रैफिक विभाग के अनुसार जो वाहन जम्मू की तरफ से बनतालाब चौक होते हुए आ रहे हैं, उन्हें बाबा कैलख नाथ मंदिर (बनतालाब) से आगे दाहिना मोड़ लेकर अंदरूनी रास्तों से होकर गुजरना होगा। वहीं, अब घरोटा, खेड़ी और कोट भलवाल से आने वाली गाड़ियों को रायपुर चौक से अखनूर रोड की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे बनतालाब चौक से रायपुर चौक के बीच वाले सड़क मार्ग पर जाने से पूरी तरह बचें। एसएसपी ट्रैफिक सिटी जम्मू अमित भसीन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए इस नए ट्रैफिक प्लान का पालन करें और विभाग का सहयोग करें।

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जनता से अपील
एसएसपी ट्रैफिक सिटी ने लोगों से अपील की है कि वे बनतालाब चौक से रायपुर चौक के बीच के मार्ग पर जाने से पूरी तरह बचें और जारी किए गए ट्रैफिक प्लान का पालन करें। इससे न केवल आपकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हालात सामान्य होने तक यह व्यवस्था लागू रहेगी। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और अनावश्यक जोखिम लेने से बचें।

लोग अब इन मार्गों का कर सकते हैं इस्तेमाल
अखनूर रोड - मशीन दोमाना - ठठर लिंक रोड
अखनूर रोड - गोमपुल - पुरखू - कोट भलवाल
अखनूर रोड - रिंग रोड कट - रिंग रोड - अब घरोटा रोड

हादसे के बाद एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रहे विभाग
ठठर पुल हादसे के बाद लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग के अधिकारी दूसरे दिन एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता राजेश अगस्तम ने कहा था कि पानी की पाइप में रिसाव होने के कारण मलबा ढहा। उधर, जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने इससे पल्ला झाड़ा है।

अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में जल शक्ति विभाग उस स्थान पर कोई भी निर्माण कार्य नहीं कर रहा है। उनका कहना है कि पानी का रिसाव नहीं हुआ है। पुल के हिस्से से गुजरने वाली मौजूदा राइजिंग मेन पाइपलाइन एक दशक से भी अधिक समय से निरंतर उपयोग में है। विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा मौके का तकनीकी निरीक्षण किया गया था। अवगत कराया कि लोक निर्माण विभाग जो काम करा रहा है, उसके कारण उस स्थान पर कुछ हलचल हुई थी।

बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गई थी नींव सुरक्षा के प्रबंध तक नहीं किए
ठठर पुल 2005 में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से बनाया गया था। 26 अगस्त को आई बाढ़ के कारण पुल की नींव क्षतिग्रस्त हुई थी। पिलर का कुछ हिस्सा अलग हो गया था। सुरक्षा दीवार भी ढह गई थी। इसके बाद सुरक्षा के लिए अस्थाई प्रबंध लोक निर्माण विभाग द्वारा नहीं करवाए गए। 2005 से 2024 तक पुल का कभी निरीक्षण करने के लिए टीमें भी नहीं पहुंचीं।

वर्ष 2025 में आई बाढ़ के बाद अधिकारियों ने दौरा किया था। इसके बाद 30 लाख रुपये का मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया। इसमें सुरक्षा दीवार सहित पिलर की मरम्मत का काम शामिल है। काम के लिए टेंडर फरवरी में हुए थे। अब काम शुरू हुआ था। जैसे ही खोदाई का काम शुरू हुआ तो पिलर का हिस्सा खिसकने और मिट्टी आने से मजदूर दब गए।

वार्ड नंबर 63 के पूर्व पार्षद कुलदीप के अनुसार अगर बाढ़ के बाद सुरक्षा प्रबंध होते तो हादसा नहीं होता। इसके लिए उस समय भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई। पुल के पिलर से पत्थर निकलते रहे। एक तरफ से भूस्खलन जारी रहा। वाहनों की आवाजाही के कारण भी पुल की नींव हिलती रही। इस कारण यह हादसा हुआ है।

2005 के बाद कभी दौरा नहीं हुआ है न ही पुल का मरम्मत कार्य हुआ। नगर निगम के कार्यकाल के दौरान कई बार पुलों का मुआयना करने की मांग की गई। हाउस में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सूचित किया गया। इस बार तीस लाख रुपये की राशि खर्च होनी थी। इसमें पिलर और सुरक्षा दीवार लगनी थी। फिलहाल, हादसे के बाद पुल का काम बंद हो गया है।

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