झारखंड परीक्षा विवाद: भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की हालत स्थिर, राहुल क्रांति बोले- CBI जांच तक चलेगा आंदोलन
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र आंदोलन जारी है। भूख हड़ताल कर रहे चार छात्रों का रांची के सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक सभी की हालत स्थिर है। पढ़ें पूरी खबर
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झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर हुआ छात्र आंदोलन देशभर में चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में भूख हड़ताल कर रहे चार छात्र रांची के सदर अस्पताल में भर्ती हैं। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि चारों छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति स्थिर है। डॉक्टर नियमित रूप से उनकी जांच और स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं।
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच की कोर कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि भूख हड़ताल कर रहीं हबीबा और राहुल क्रांति का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। हबीबा को मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि राहुल क्रांति को सात अगस्त को अस्पताल लाया गया था। वहीं, देवेंद्र नाथ महतो और महेंद्र प्रताप भी भूख हड़ताल पर हैं और इसी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। दोनों जेएसएससी-छात्र मंच के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं।
जानें क्या बोले राहुल कुमार क्रांति?
राहुल कुमार क्रांति ने बताया कि 2019 से अब तक हुई सभी जेपीएससी परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग हम लोगों ने की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीबीआई जांच से भाग रही है और आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। लेकिन ऐसा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज की घटना के बाद छात्र अब उग्र हो गए हैं और जब तक सीबीआई जांच की मांग पर मुख्यमंत्री का आदेश नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन अब सभी जिलों और प्रखंडों में शुरू होगा। राज्य सरकार को जगाने के लिए हम लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक ने बताया कि चारों छात्रों की हालत स्थिर है। उनकी समय-समय पर जांच की जा रही है और स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि देवेंद्र नाथ महतो अभी भी भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। वहीं, राहुल क्रांति ने तरल आहार लेना शुरू कर दिया है। महतो पिछले 11 दिनों से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में भूख हड़ताल पर हैं। सोमवार को रांची में आंदोलनरत छात्रों के झारखंड विधानसभा मार्च में शामिल होने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि महतो से भोजन लेने का आग्रह किया गया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। राहुल क्रांति ने बताया कि डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्होंने फलों का जूस और दूध समेत तरल आहार लेना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। पलामू जिले के रहने वाले राहुल क्रांति ने 4 अगस्त को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भूख हड़ताल शुरू की थी। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें 7 अगस्त को अस्पताल लाया गया था।
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मुलाकात
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बुधवार को बताया कि उन्होंने अस्पताल का दौरा कर इलाज करा रहे प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम तबीयत बिगड़ने के बाद दो और प्रदर्शनकारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इरफान अंसारी ने छात्रों से भूख हड़ताल कर अपनी जान जोखिम में नहीं डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही एक टीम गठित कर चुकी है। छात्रों के साथ बातचीत हो चुकी है और आगे भी संवाद जारी रहेगा। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएमओ) अमरेंद्र प्रसाद ने बताया कि चार छात्रों का इलाज चल रहा है और सभी की हालत स्थिर है।