फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   giridih pregnant woman carried on cot no road ambulance rural healthcare jharkhand

Jharkhand: गर्भवती तड़पती रही, नहीं पहुंची एंबुलेंस... ग्रामीणों ने खाट पर पहुंचाया अस्पताल

Sat, 11 Jul 2026 08:49 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गिरिडीह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गिरिडीह Published by: राँची ब्यूरो Updated Sat, 11 Jul 2026 08:49 PM IST
सार

झारखंड के गिरिडीह जिले के दलबाड़ी गांव में सड़क नहीं होने के कारण प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने करीब चार किलोमीटर तक खाट पर लिटाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया।

विज्ञापन
giridih pregnant woman carried on cot no road ambulance rural healthcare jharkhand
4 किमी पैदल गर्भवती को ढोया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड के ग्रामीण इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। गिरिडीह जिले के उत्तरी पारसनाथ क्षेत्र के दलबाड़ी गांव में सड़क नहीं होने के कारण प्रसव पीड़ा से तड़प रही गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने करीब चार किलोमीटर तक खाट पर लिटाकर पैदल मुख्य सड़क तक पहुंचाया। वहां पहले से मौजूद एंबुलेंस की मदद से महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विज्ञापन

सड़क नहीं होने से गांव तक नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस

विज्ञापन

जानकारी के मुताबिक, दलबाड़ी गांव निवासी संतोष मुर्मू की पत्नी लोगों टुडू को शनिवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन गांव तक सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस वहां नहीं पहुंच सकी। ऐसे में ग्रामीणों ने खाट को ही सहारा बनाया। महिला को खाट पर लिटाकर करीब चार किलोमीटर तक पैदल चलकर पिपराडीह मुख्य मार्ग तक लाया गया। वहां पहले से मौजूद एंबुलेंस के जरिए उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

समय पर इलाज मिलने से बची महिला की जान

ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते भर महिला की हालत बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद उसे समय पर इलाज मिल गया, जिससे उसकी जान बच गई। यदि थोड़ी भी और देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

एक दिन पहले ही सड़क की मांग लेकर पहुंचे थे उपायुक्त के पास

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर वे शुक्रवार को ही उपायुक्त से मिले थे, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके अगले ही दिन यह घटना सामने आ गई, जिसने इलाके की बदहाल व्यवस्था को फिर उजागर कर दिया।

ग्रामीण बोले- यह पूरे इलाके की समस्या

स्थानीय लोगों ने कहा कि यह किसी एक परिवार की परेशानी नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की समस्या है। सड़क नहीं होने की वजह से मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को हर बार इसी तरह जान जोखिम में डालकर अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से जल्द से जल्द पक्की सड़क बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी को ऐसी मुश्किलों का सामना न करना पड़े।

पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी घटना

गौरतलब है कि इससे पहले गुमला जिले में भी सड़क के अभाव में एक मरीज को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। गिरिडीह की यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed