Jharkhand: 24 एजेंडों पर हुई चर्चा, लेकिन फंड बना सबसे बड़ा मुद्दा; नगर निगम बोर्ड बैठक में विकास पर जोर
रांची नगर निगम की बोर्ड बैठक में शहर के विकास कार्यों को लेकर सभी जनप्रतिनिधि एक मंच पर नजर आए। मेयर, सांसद, विधायक और 53 वार्ड पार्षदों ने वार्डों के विकास के लिए जल्द फंड जारी करने की मांग की। बैठक में 24 एजेंडों पर चर्चा हुई।
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पिछले तीन वर्षों से विकास कार्यों के अभाव में बदहाल और जर्जर हो चुके रांची नगर निगम क्षेत्र में अब विकास की उम्मीद फिर से जगी है। शनिवार को नगर निगम सभागार में आयोजित बोर्ड की बैठक में मेयर, सांसद, विधायक और सभी 53 वार्ड पार्षदों ने एक सुर में वार्डों के विकास कार्यों के लिए जल्द फंड जारी करने की मांग की। चुनाव के बाद निगम बोर्ड की यह दूसरी बैठक थी, जिसमें शहर के विकास से जुड़े 24 एजेंडों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बोर्ड बैठक में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक सीपी सिंह, नगर आयुक्त सुशांत कुमार, मेयर रोशनी खलखो, उपमहापौर नीरज कुमार और सभी 53 वार्ड पार्षद शामिल हुए। सभी ने शहर के विकास को लेकर अपने-अपने सुझाव रखे।
संजय सेठ बोले- रांची को बनाया जाए पायलट प्रोजेक्ट
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ ने कहा कि रांची को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि योजनाबद्ध तरीके से पूरे शहर का विकास हो सके। उन्होंने सभी वार्डों में ओपन जिम स्थापित करने का प्रस्ताव रखा और कहा कि इससे लोगों को अपने ही इलाके में स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिल सकेंगी।
उन्होंने शहर की बढ़ती आबादी और बढ़ते अपराध पर चिंता जताते हुए रांची में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने की भी मांग की। उनका कहना था कि इससे कानून-व्यवस्था मजबूत होगी और खासकर महिलाओं की सुरक्षा बेहतर होगी।
महुआ माजी ने केंद्र पर उठाए सवाल
राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से राज्य का बकाया भुगतान समय पर नहीं मिलने के कारण कई विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि राज्य को उसका बकाया समय पर मिल जाए तो विकास कार्यों में तेजी आएगी।
उन्होंने नगर निगम की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए कई इलाकों में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं किया जा रहा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
मेयर बोलीं- फंड के बिना विकास संभव नहीं
मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद लंबे अंतराल के बाद नगर निगम चुनाव हुए, लेकिन चुनाव के बाद भी राज्य सरकार की ओर से निगम को पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिना वित्तीय संसाधनों के विकास कार्यों को गति देना संभव नहीं है। मेयर ने बताया कि कुछ स्थानों पर सीएसआर फंड से सीमित विकास कार्य हुए हैं, लेकिन पूरे शहर के समग्र विकास के लिए नगर निगम को नियमित रूप से सरकारी फंड उपलब्ध कराना जरूरी है।