{"_id":"6a51be1c9503e1e4fc0c8740","slug":"not-just-minerals-natural-beauty-is-our-identity-jharkhand-minister-sudivya-kumar-at-tourism-conclave-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jharkhand: 'सिर्फ खनिज ही नहीं, प्राकृतिक सुंदरता भी है हमारी पहचान', कार्यक्रम में बोले मंत्री सुदिव्य कुमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jharkhand: 'सिर्फ खनिज ही नहीं, प्राकृतिक सुंदरता भी है हमारी पहचान', कार्यक्रम में बोले मंत्री सुदिव्य कुमार
Sat, 11 Jul 2026 09:23 AM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 09:23 AM IST
सार
नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 में झारखंड सरकार ने पर्यटन निवेश और समावेशी विकास की रणनीति प्रस्तुत की। वर्ष 2024 में राज्य में 5.85 करोड़ पर्यटकों के आगमन का उल्लेख करते हुए पर्यटन नीति-2026, होमस्टे नीति, डिजिटल सिंगल विंडो व्यवस्था और विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया।
विज्ञापन
मंत्री सुदिव्य कुमार
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नई दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय हितधारक परामर्श 2026 के दूसरे दिन पर्यटन एवं औद्योगिक विकास पर व्यापक मंथन हुआ। 'डेस्टिनेशन झारखंड - पर्यटन निवेश एवं समावेशी विकास को गति' विषय पर आयोजित इस सत्र में नीति-निर्माताओं, पर्यटन विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा विकास साझेदारों ने भाग लिया और झारखंड को देश के अग्रणी पर्यटन एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
पर्यटन राज्य के रूप में उभर रहा झारखंड
परामर्श के दौरान बताया गया कि झारखंड तेजी से एक बहुआयामी एवं निवेश-उन्मुख पर्यटन राज्य के रूप में उभर रहा है। पर्यटन राज्य में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा सतत विकास का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। वर्ष 2024 में राज्य में 5.85 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें 4.40 करोड़ श्रद्धालु शामिल हैं। इसे राज्य की विशाल पर्यटन क्षमता का संकेत बताया गया।
जनजातीय पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा
पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा प्रदान कर राज्य सरकार ने निजी निवेश, संस्थागत वित्तपोषण तथा पर्यटन अवसंरचना के विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। धार्मिक पर्यटन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ राज्य में इको-टूरिज्म, वन्यजीव पर्यटन, साहसिक पर्यटन, वाटर स्पोर्ट्स, माइनिंग टूरिज्म तथा सामुदायिक आधारित जनजातीय पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026, होमस्टे नीति-2026, डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण व्यवस्था तथा अन्य निवेशक-अनुकूल सुधारों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। प्रसाद (PRASHAD) एवं स्वदेश दर्शन (Swadesh Darshan) जैसी केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है तथा राज्यभर में नए पर्यटन स्थलों एवं पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रोत्साहन पैकेज के साथ निवेशकों को आमंत्रित किया
राज्य सरकार ने होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, स्काईवॉक, वाटर स्पोर्ट्स, फ्लोटिंग रेस्तरां, हाउसबोट, कैंपिंग साइट्स तथा अनुभवात्मक पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश के लिए आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज के साथ निवेशकों को आमंत्रित किया है। झारखंड की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आध्यात्मिक विरासत, जीवंत जनजातीय संस्कृति, विश्वस्तरीय पर्यटन अवसंरचना तथा स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के बल पर राज्य सरकार झारखंड को पूर्वी भारत का अग्रणी, सतत एवं निवेश-अनुकूल पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सक्रिया प्रयास जारी
धार्मिक पर्यटन के महत्व पर बल देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार देशभर के लोगों को झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। उन्होंने निवेशकों एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि 'झारखंड की अपनी एक विशिष्ट पहचान और आकर्षण है। जो भी यहाँ आता है या इस राज्य से जुड़ता है, वह इसकी प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और आत्मीयता से हमेशा के लिए जुड़ जाता है। आइए, झारखंड को जानिए, इसे अनुभव कीजिए और इसके विकास की इस यात्रा में सहभागी बनिए।'
ये भी पढ़ें- सुरक्षा के बाद सरकारी गाड़ी भी लौटाई, क्या इस्तीफा देने वाले हैं वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर?
मंत्री सुदिव्य कुमार बोले- झारखंड केवल खनिज संपदा नहीं
इस अवसर पर पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि 'प्रकृति ने झारखंड को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य का भी अमूल्य उपहार दिया है। हमारी इच्छा है कि झारखंड केवल खनिज संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी पूरे देश में पहचाना जाए। झारखंड ने पर्यटन के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं और हम पूरे देश के पर्यटकों का हार्दिक स्वागत करते हैं।'
फाइव स्टार होटल 200 लोगों को देता है रोजगार- मंत्री
सामुदायिक आधारित पर्यटन की रोजगार क्षमता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि एक फाइव स्टार होटल प्रत्यक्ष रूप से लगभग 200 लोगों को रोजगार देता है, लेकिन यदि 100 होमस्टे विकसित किए जाएं और प्रत्येक परिवार में पाँच सदस्य हों, तो लगभग 500 लोगों को आजीविका से जोड़ा जा सकता है। हमारी आगामी होमस्टे नीति अत्यंत आकर्षक होगी और झारखंड को देश के अग्रणी होमस्टे गंतव्यों में स्थापित करेगी।'
विज्ञापन
पर्यटन राज्य के रूप में उभर रहा झारखंड
परामर्श के दौरान बताया गया कि झारखंड तेजी से एक बहुआयामी एवं निवेश-उन्मुख पर्यटन राज्य के रूप में उभर रहा है। पर्यटन राज्य में आर्थिक विकास, रोजगार सृजन तथा सतत विकास का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। वर्ष 2024 में राज्य में 5.85 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें 4.40 करोड़ श्रद्धालु शामिल हैं। इसे राज्य की विशाल पर्यटन क्षमता का संकेत बताया गया।
विज्ञापन
जनजातीय पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा
पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा प्रदान कर राज्य सरकार ने निजी निवेश, संस्थागत वित्तपोषण तथा पर्यटन अवसंरचना के विकास के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। धार्मिक पर्यटन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ राज्य में इको-टूरिज्म, वन्यजीव पर्यटन, साहसिक पर्यटन, वाटर स्पोर्ट्स, माइनिंग टूरिज्म तथा सामुदायिक आधारित जनजातीय पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026, होमस्टे नीति-2026, डिजिटल सिंगल विंडो पंजीकरण व्यवस्था तथा अन्य निवेशक-अनुकूल सुधारों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। प्रसाद (PRASHAD) एवं स्वदेश दर्शन (Swadesh Darshan) जैसी केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के अंतर्गत पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है तथा राज्यभर में नए पर्यटन स्थलों एवं पर्यटक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
विज्ञापन
प्रोत्साहन पैकेज के साथ निवेशकों को आमंत्रित किया
राज्य सरकार ने होटल, रिसॉर्ट, रोपवे, स्काईवॉक, वाटर स्पोर्ट्स, फ्लोटिंग रेस्तरां, हाउसबोट, कैंपिंग साइट्स तथा अनुभवात्मक पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश के लिए आकर्षक प्रोत्साहन पैकेज के साथ निवेशकों को आमंत्रित किया है। झारखंड की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आध्यात्मिक विरासत, जीवंत जनजातीय संस्कृति, विश्वस्तरीय पर्यटन अवसंरचना तथा स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी के बल पर राज्य सरकार झारखंड को पूर्वी भारत का अग्रणी, सतत एवं निवेश-अनुकूल पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सक्रिया प्रयास जारी
धार्मिक पर्यटन के महत्व पर बल देते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार देशभर के लोगों को झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। उन्होंने निवेशकों एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि 'झारखंड की अपनी एक विशिष्ट पहचान और आकर्षण है। जो भी यहाँ आता है या इस राज्य से जुड़ता है, वह इसकी प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और आत्मीयता से हमेशा के लिए जुड़ जाता है। आइए, झारखंड को जानिए, इसे अनुभव कीजिए और इसके विकास की इस यात्रा में सहभागी बनिए।'
ये भी पढ़ें- सुरक्षा के बाद सरकारी गाड़ी भी लौटाई, क्या इस्तीफा देने वाले हैं वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर?
मंत्री सुदिव्य कुमार बोले- झारखंड केवल खनिज संपदा नहीं
इस अवसर पर पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि 'प्रकृति ने झारखंड को केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि अनुपम प्राकृतिक सौंदर्य का भी अमूल्य उपहार दिया है। हमारी इच्छा है कि झारखंड केवल खनिज संपदा के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी पूरे देश में पहचाना जाए। झारखंड ने पर्यटन के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं और हम पूरे देश के पर्यटकों का हार्दिक स्वागत करते हैं।'
फाइव स्टार होटल 200 लोगों को देता है रोजगार- मंत्री
सामुदायिक आधारित पर्यटन की रोजगार क्षमता पर प्रकाश डालते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि एक फाइव स्टार होटल प्रत्यक्ष रूप से लगभग 200 लोगों को रोजगार देता है, लेकिन यदि 100 होमस्टे विकसित किए जाएं और प्रत्येक परिवार में पाँच सदस्य हों, तो लगभग 500 लोगों को आजीविका से जोड़ा जा सकता है। हमारी आगामी होमस्टे नीति अत्यंत आकर्षक होगी और झारखंड को देश के अग्रणी होमस्टे गंतव्यों में स्थापित करेगी।'