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Jharkhand: सुरक्षा के बाद सरकारी गाड़ी भी लौटाई, क्या इस्तीफा देने वाले हैं वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर?
Fri, 10 Jul 2026 08:22 PM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 08:22 PM IST
सार
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा सुरक्षा व्यवस्था, एस्कॉर्ट वाहन और अब सरकारी गाड़ी लौटाने के बाद उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, मंत्री या राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड की राजनीति में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को लेकर सियासी हलचल लगातार तेज होती जा रही है। नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के समापन के बाद शुक्रवार को एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। जानकारी के अनुसार, वित्त मंत्री ने अपनी सरकारी गाड़ी भी सरकार को वापस कर दी है। इससे पहले वह अपनी सुरक्षा व्यवस्था और एस्कॉर्ट वाहन भी लौटा चुके हैं। लगातार सरकारी सुविधाएं वापस किए जाने के बाद उनके मंत्री पद से इस्तीफा देने की अटकलों ने और जोर पकड़ लिया है।
सरकारी सुविधाएं लौटाने से बढ़ीं राजनीतिक चर्चाएं
राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। विपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष तक सभी की नजर इस मामले पर बनी हुई है। हालांकि, अब तक वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की ओर से इस्तीफे या सरकारी सुविधाएं लौटाने के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से भी इस संबंध में कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
'यह सामान्य प्रक्रिया नहीं'
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसी मंत्री द्वारा सुरक्षा व्यवस्था, एस्कॉर्ट और सरकारी वाहन लौटाना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं माना जाता। ऐसे में इस घटनाक्रम को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक बयान आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
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यह भी पढ़ें: झारखंड में मुआवजे का विवाद बना रणक्षेत्र! फ्लाईओवर साइट पर पुलिस-ग्रामीण आमने-सामने, जमकर पथराव
हेमंत सोरेन की वापसी के बाद साफ हो सकती है तस्वीर
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के बीच बातचीत के बाद ही आगे की तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता की नजर बनी हुई है। अब सभी को सरकार या स्वयं वित्त मंत्री की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जिससे इन अटकलों पर विराम लग सके।
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सरकारी सुविधाएं लौटाने से बढ़ीं राजनीतिक चर्चाएं
राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। विपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष तक सभी की नजर इस मामले पर बनी हुई है। हालांकि, अब तक वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर की ओर से इस्तीफे या सरकारी सुविधाएं लौटाने के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से भी इस संबंध में कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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'यह सामान्य प्रक्रिया नहीं'
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसी मंत्री द्वारा सुरक्षा व्यवस्था, एस्कॉर्ट और सरकारी वाहन लौटाना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं माना जाता। ऐसे में इस घटनाक्रम को लेकर कई तरह के राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक बयान आने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
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हेमंत सोरेन की वापसी के बाद साफ हो सकती है तस्वीर
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के बीच बातचीत के बाद ही आगे की तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और आम जनता की नजर बनी हुई है। अब सभी को सरकार या स्वयं वित्त मंत्री की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जिससे इन अटकलों पर विराम लग सके।