{"_id":"69c808e90e56fd429f01707d","slug":"ayushman-scam-in-the-health-ministers-constituency-600-operations-on-paper-hospital-closed-for-investigation-ranchi-news-c-1-1-noi1475-4102530-2026-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jharkhand: स्वास्थ्य मंत्री के क्षेत्र में आयुष्मान घोटाला, कागजों में 600 ऑपरेशन; चौंकाने वाले तथ्य आए सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jharkhand: स्वास्थ्य मंत्री के क्षेत्र में आयुष्मान घोटाला, कागजों में 600 ऑपरेशन; चौंकाने वाले तथ्य आए सामने
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2026 03:57 PM IST
विज्ञापन
सार
झारखंड के स्वास्थ्य विभाग से जुड़े बड़े घोटाले में आयुष्मान योजना के तहत फर्जी क्लेम का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के क्षेत्र में बंद पड़े अस्पताल में सैकड़ों ऑपरेशन दिखाकर लाखों रुपये के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की फाइल फोटो।
विज्ञापन
विस्तार
झारखंड के स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जो सीधे तौर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा है। मामले में आयुष्मान योजना के तहत फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायत मिलने के बाद जिला उपायुक्त रवि आनंद ने औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दस्तावेजों में एक महीने के भीतर 600 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन दिखाए गए थे, लेकिन जब टीम अस्पताल पहुंची तो वह पूरी तरह बंद मिला।
फर्जी मरीजों के जरिए क्लेम लेने की बात आई
निरीक्षण में करामातंड नर्सिंग होम समेत कई संस्थानों में भारी अनियमितता पाई गई। अस्पताल बिना आवश्यक स्वीकृति के संचालित हो रहा था। मरीजों के नाम पर दर्ज मोबाइल नंबर या तो बंद थे या दूसरे राज्यों के निकले। इससे पूरे मामले में फर्जी मरीजों के जरिए क्लेम लेने की आशंका मजबूत हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में न तो प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद थे और न ही जरूरी रिकॉर्ड। ओपीडी का संचालन नियमों के खिलाफ हो रहा था और दवाइयां भी बिना लाइसेंस के बेची जा रही थीं।
ये भी पढ़ें- Live BSEB 10th Result 2026 Live: बिहार बोर्ड ने जारी किया मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट, टॉप 10 में 139 बच्चे शामिल
अस्पताल को सील करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश
ऑपरेशन के बाद मरीजों को तुरंत डिस्चार्ज कर दिया जाता था, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। डीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल को सील करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। साथ ही सिविल सर्जन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस पूरे मामले ने आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
Trending Videos
जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। दस्तावेजों में एक महीने के भीतर 600 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन दिखाए गए थे, लेकिन जब टीम अस्पताल पहुंची तो वह पूरी तरह बंद मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्जी मरीजों के जरिए क्लेम लेने की बात आई
निरीक्षण में करामातंड नर्सिंग होम समेत कई संस्थानों में भारी अनियमितता पाई गई। अस्पताल बिना आवश्यक स्वीकृति के संचालित हो रहा था। मरीजों के नाम पर दर्ज मोबाइल नंबर या तो बंद थे या दूसरे राज्यों के निकले। इससे पूरे मामले में फर्जी मरीजों के जरिए क्लेम लेने की आशंका मजबूत हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में न तो प्रशिक्षित डॉक्टर मौजूद थे और न ही जरूरी रिकॉर्ड। ओपीडी का संचालन नियमों के खिलाफ हो रहा था और दवाइयां भी बिना लाइसेंस के बेची जा रही थीं।
ये भी पढ़ें- Live BSEB 10th Result 2026 Live: बिहार बोर्ड ने जारी किया मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट, टॉप 10 में 139 बच्चे शामिल
अस्पताल को सील करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश
ऑपरेशन के बाद मरीजों को तुरंत डिस्चार्ज कर दिया जाता था, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। डीसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल को सील करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। साथ ही सिविल सर्जन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। इस पूरे मामले ने आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।