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Jharkhand: राज्यसभा सीटों पर खींचतान के बीच हेमंत-भूपेश की अहम मुलाकात, महागठबंधन में सुलह के संकेत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jun 2026 10:49 PM IST
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सार
झारखंड राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के विशेष पर्यवेक्षकों भूपेश बघेल और अजय शर्मा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। बैठक के बाद कांग्रेस ने कहा कि महागठबंधन में कोई मतभेद नहीं है और झामुमो-कांग्रेस मिलकर दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए तैयार हैं।
सीएम हेमंत सोरेन से कांग्रेस के पर्यवेक्षकों ने मुलाकात किया
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच शनिवार को कांग्रेस के विशेष पर्यवेक्षकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कांके स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में मुलाकात की। कांग्रेस की ओर से छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अजय शर्मा इस बैठक में शामिल हुए। राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार की घोषणा के बाद झामुमो द्वारा दोनों सीटों पर दावा ठोकने से गठबंधन के भीतर खींचतान की चर्चाएं तेज हो गई थीं। ऐसे में इस बैठक को महागठबंधन में समन्वय स्थापित करने और संभावित नाराजगी दूर करने की अहम पहल माना जा रहा है।
गठबंधन के भीतर अब किसी प्रकार की गलतफहमी नहीं
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि बड़ी राजनीतिक पार्टियों में नेताओं और कार्यकर्ताओं की अपनी-अपनी भावनाएं होती हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व का होता है और सभी को उसे स्वीकार करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन के भीतर अब किसी प्रकार की गलतफहमी नहीं है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है।
कांग्रेस पर्यवेक्षकों ने दावा किया कि झामुमो और कांग्रेस का रिश्ता केवल चुनावी गठबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक गठबंधन है। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल भी चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे।
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ये भी पढ़ें- Jharkhand: राज्यसभा चुनाव में परिमल नाथवानी की एंट्री, निर्दलीय पर्चा खरीदकर बढ़ाई राजनीतिक हलचल
गौरतलब है कि, राज्यसभा चुनाव के लिए अब तक झामुमो और कांग्रेस ने एक-एक उम्मीदवार के नाम की घोषणा की है। हालांकि झामुमो ने दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है, लेकिन दूसरी सीट के लिए अभी तक उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि झामुमो और कांग्रेस के बीच उभरे मतभेद अब काफी हद तक सुलझ गए हैं। फिलहाल सभी की निगाहें नामांकन प्रक्रिया और दोनों दलों की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।
गठबंधन के भीतर अब किसी प्रकार की गलतफहमी नहीं
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि बड़ी राजनीतिक पार्टियों में नेताओं और कार्यकर्ताओं की अपनी-अपनी भावनाएं होती हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व का होता है और सभी को उसे स्वीकार करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन के भीतर अब किसी प्रकार की गलतफहमी नहीं है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है।
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कांग्रेस पर्यवेक्षकों ने दावा किया कि झामुमो और कांग्रेस का रिश्ता केवल चुनावी गठबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक गठबंधन है। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन दोनों सीटों पर जीत दर्ज करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल भी चुनावी मैदान में पूरी ताकत के साथ उतरेंगे।
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गौरतलब है कि, राज्यसभा चुनाव के लिए अब तक झामुमो और कांग्रेस ने एक-एक उम्मीदवार के नाम की घोषणा की है। हालांकि झामुमो ने दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है, लेकिन दूसरी सीट के लिए अभी तक उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि झामुमो और कांग्रेस के बीच उभरे मतभेद अब काफी हद तक सुलझ गए हैं। फिलहाल सभी की निगाहें नामांकन प्रक्रिया और दोनों दलों की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।