फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Former Chairman L Khiangte breaks silence on the 14th JPSC exam issue

Ranchi: JPSC विवाद पर पूर्व अध्यक्ष ने तोड़ी चुप्पी, कहा- 14वीं परीक्षा ही नहीं, पुरानी भर्तियों की भी हो जांच

Mon, 27 Jul 2026 10:58 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Mon, 27 Jul 2026 10:58 PM IST
सार

Jharkhand News: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर विवाद के बीच पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने 14वीं परीक्षा के साथ-साथ अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। 

विज्ञापन
Former Chairman L Khiangte breaks silence on the 14th JPSC exam issue
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगते - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित गड़बड़ी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्ष जहां इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर है, वहीं जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते ने पहली बार पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही अब तक जेपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की भी जांच किए जाने की जरूरत है, ताकि यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है तो उसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
विज्ञापन


निष्पक्ष जांच से लौटेगा अभ्यर्थियों का भरोसा
एल. खियांगते ने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने और अभ्यर्थियों के बीच आयोग के प्रति विश्वास बहाल करने के लिए निष्पक्ष जांच ही सबसे बेहतर रास्ता है। उन्होंने बताया कि जब आयोग की जांच शुरू हुई तो उन्हें लगा कि अध्यक्ष पद पर बने रहने से जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए उन्होंने स्वयं इस्तीफा देना उचित समझा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी दबाव में इस्तीफा नहीं दिया है।
विज्ञापन


'अब एक सामान्य नागरिक हूं, जांच में पूरा सहयोग दूंगा'
पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि अब वह एक सामान्य नागरिक हैं और जांच एजेंसी को जिस तरह के सहयोग की आवश्यकता होगी, वह उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद संभालने के बाद कई काम करने का लक्ष्य था, जिस पर काफी हद तक आगे भी बढ़े, लेकिन कार्यकाल पूरा नहीं कर पाने का उन्हें अफसोस है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ओएमआर शीट और पीटी रिजल्ट पर दी सफाई
ओएमआर शीट और बिना हस्ताक्षर वाले पीटी परिणाम को लेकर उन्होंने कहा कि इसकी सही जानकारी परीक्षा एजेंसी ही दे सकती है। उन्होंने कहा कि आयोग के 2002 के रूल ऑफ प्रोसिजर के अनुसार सदस्यों की स्क्रूटनी की भूमिका अंतिम मेरिट सूची तैयार करने के समय होती है।


यह भी पढ़ें: हंगामा-प्रदर्शन में किसपर कार्रवाई, किसे छूट- सरकार ने बताया; सारण-सीवान पर तेजस्वी को भी जवाब

ब्लैकलिस्टेड कंपनी के सवाल पर क्या बोले?
ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा का काम दिए जाने के सवाल पर खियांगते ने कहा कि जब प्रक्रिया हुई, तब आयोग के सामने कंपनी के ब्लैकलिस्टेड होने की कोई जानकारी नहीं थी। यदि ऐसी जानकारी पहले होती तो उसे काम नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि जेपीएससी की पुरानी परीक्षाओं की जांच होनी चाहिए या नहीं, यह सरकार का निर्णय होगा, लेकिन यदि जांच होती है तो वह पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed