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Jharkhand: रांची में पहली बार होगा 'सखुआ महोत्सव-2026', लाखों पौधों से हरित शहर बनाने की तैयारी
Mon, 27 Jul 2026 09:19 PM IST
राँची ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jul 2026 09:19 PM IST
सार
Jharkhand News: रांची नगर निगम पर्यावरण संरक्षण और झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए पहली बार 'सखुआ महोत्सव-2026' आयोजित करेगा। अगस्त से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत शहरभर में सखुआ के पौधे लगाए जाएंगे।
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सखुआ महोत्सव की जानकारी देतीं रोशनी खलखो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रांची नगर निगम पहली बार 'सखुआ महोत्सव-2026' आयोजित करेगा। अगस्त माह से शुरू होने वाला यह विशेष अभियान अगले कुछ महीनों तक चलेगा। इसके तहत नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों, स्कूल-कॉलेजों, पार्कों, सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, धार्मिक स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर सखुआ के पौधे लगाए जाएंगे।
महोत्सव की तैयारियों पर हुई अहम बैठक
महोत्सव की तैयारियों को लेकर सोमवार को रांची नगर निगम सभागार में महापौर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में वृक्षारोपण स्थलों के चयन, पौधों की सुरक्षा, जनजागरूकता अभियान और नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
सिर्फ पौधारोपण नहीं, संरक्षण भी होगा प्राथमिकता
महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन को भी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सखुआ झारखंड की संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और आदिवासी समाज की आस्था का प्रतीक है। इसलिए इसके संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन बनाया जाएगा।
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ऐतिहासिक इक्कीसो महादेव मंदिर से होगी शुरुआत
महापौर ने बताया कि सखुआ महोत्सव का शुभारंभ अगस्त में चुटिया स्थित ऐतिहासिक इक्कीसो महादेव मंदिर परिसर से किया जाएगा। इसके बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक पौधे की सुरक्षा के लिए गेबियन लगाए जाएंगे, ताकि पशुओं और अन्य बाहरी नुकसान से पौधों की रक्षा की जा सके। नगर निगम नियमित रूप से पौधों की निगरानी और देखभाल भी करेगा।
हर नागरिक की भागीदारी पर रहेगा जोर
उप महापौर नीरज कुमार ने कहा कि सखुआ महोत्सव केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण तैयार करने का व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
यह भी पढ़ें: 'क्या छात्र आतंकवादी हैं?' AK-47 विवाद पर BJP पर बरसा विपक्ष, राहुल गांधी बोले- माफी मांगें PM मोदी
जनआंदोलन बनाने की तैयारी
बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों और महिला समूहों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव दिए। सभी ने प्रत्येक वार्ड में जनजागरूकता अभियान चलाने और अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण एवं संरक्षण से जोड़ने का संकल्प लिया। नगर निगम का लक्ष्य इस अभियान को कुछ महीनों तक सीमित रखने के बजाय स्थायी पर्यावरणीय जनआंदोलन के रूप में विकसित करना है, ताकि आने वाले वर्षों में रांची को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाया जा सके।
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महोत्सव की तैयारियों पर हुई अहम बैठक
महोत्सव की तैयारियों को लेकर सोमवार को रांची नगर निगम सभागार में महापौर रोशनी खलखो की अध्यक्षता में सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में वृक्षारोपण स्थलों के चयन, पौधों की सुरक्षा, जनजागरूकता अभियान और नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
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सिर्फ पौधारोपण नहीं, संरक्षण भी होगा प्राथमिकता
महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन को भी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि सखुआ झारखंड की संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और आदिवासी समाज की आस्था का प्रतीक है। इसलिए इसके संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन बनाया जाएगा।
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ऐतिहासिक इक्कीसो महादेव मंदिर से होगी शुरुआत
महापौर ने बताया कि सखुआ महोत्सव का शुभारंभ अगस्त में चुटिया स्थित ऐतिहासिक इक्कीसो महादेव मंदिर परिसर से किया जाएगा। इसके बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक पौधे की सुरक्षा के लिए गेबियन लगाए जाएंगे, ताकि पशुओं और अन्य बाहरी नुकसान से पौधों की रक्षा की जा सके। नगर निगम नियमित रूप से पौधों की निगरानी और देखभाल भी करेगा।
हर नागरिक की भागीदारी पर रहेगा जोर
उप महापौर नीरज कुमार ने कहा कि सखुआ महोत्सव केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और संतुलित पर्यावरण तैयार करने का व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
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जनआंदोलन बनाने की तैयारी
बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों और महिला समूहों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव दिए। सभी ने प्रत्येक वार्ड में जनजागरूकता अभियान चलाने और अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण एवं संरक्षण से जोड़ने का संकल्प लिया। नगर निगम का लक्ष्य इस अभियान को कुछ महीनों तक सीमित रखने के बजाय स्थायी पर्यावरणीय जनआंदोलन के रूप में विकसित करना है, ताकि आने वाले वर्षों में रांची को अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाया जा सके।