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गिरिडीह उपचुनाव: सुदिव्य सोनू की पत्नी को मिल सकता है टिकट, गिरिडीह में सहानुभूति बनाम सियासी रणनीति की लड़ाई

Sun, 25 Oct 2026 02:30 PM IST
राँची ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Sun, 25 Oct 2026 02:30 PM IST
सार

गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव में दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा की संभावित उम्मीदवारी से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। झामुमो सहानुभूति और विकास कार्यों के भरोसे जीत की उम्मीद लगाए है, जबकि भाजपा-एनडीए उलटफेर की तैयारी में जुटे हैं।

 

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Giridih by-election The prestige of Hemant and Kalpana is at stake can Shweta Sharma defend the JMM stronghold
कल्पना सोरेन के साथ श्वेता शर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव अब महज एक सीट का चुनाव नहीं रह गया है। यह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की राजनीतिक प्रतिष्ठा से भी जुड़ गया है। दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से खाली हुई इस सीट पर उनकी पत्नी श्वेता शर्मा के संभावित रूप से चुनाव मैदान में उतरने से मुकाबला भावनात्मक होने के साथ-साथ दिलचस्प भी हो गया है।

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सुदिव्य कुमार सोनू की गिरिडीह में मजबूत राजनीतिक पकड़ रही थी। 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के निर्भय शाहाबादी को करीबी मुकाबले में हराया था। ऐसे में झामुमो को उम्मीद है कि सुदिव्य सोनू के प्रति सहानुभूति और उनके विकास कार्यों की विरासत श्वेता शर्मा के पक्ष में माहौल बनाएगी। हालांकि, पार्टी ने अब तक उनकी उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

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दूसरी ओर, भाजपा और एनडीए इस उपचुनाव को झामुमो के गढ़ में सेंध लगाने के बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं। भाजपा संगठन ने चुनाव को लेकर सक्रियता बढ़ा दी है और कार्यकर्ताओं को जीत के लिए पूरी ताकत लगाने का संदेश दिया गया है। संभावित प्रत्याशी के चयन को लेकर भी पार्टी में मंथन जारी है।

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गिरिडीह के चुनावी समीकरण में कुर्मी मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। यही वजह है कि झामुमो और भाजपा दोनों इस वर्ग को अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम करेंगी। इसके अलावा, आजसू और जयराम महतो की सक्रियता भी मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकती है।

झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम का दावा है कि गिरिडीह में पार्टी हर हाल में जीत दर्ज करेगी। उनका कहना है कि जनता सुदिव्य सोनू के विकास कार्यों और हेमंत सोरेन सरकार के कामकाज को देखते हुए झामुमो के पक्ष में मतदान करेगी।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सुदिव्य सोनू की राजनीतिक विरासत और उनके प्रति सहानुभूति के सहारे श्वेता शर्मा झामुमो का गढ़ बचा पाएंगी या एनडीए गिरिडीह में उलटफेर करने में सफल होगा।

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