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Air Ambulance Crash: 'विमान में कोई दोष नहीं', रेडबर्ड एयरवेज ने दी सफाई, कहा-पायलट अनुभवी थे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Tue, 24 Feb 2026 11:00 PM IST
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सार
झारखंड के चतरा जिले में एयर एंबुलेंस दुर्घटना में सात लोगों की मौत के बाद रेडबर्ड एयरवेज ने कहा कि विमान में कोई तकनीकी दोष नहीं था और पायलट अनुभवी थे। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो ने कंपनी कार्यालय से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।
दुर्घटनाग्रस्त विमान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र में सोमवार को हुई एयर एंबुलेंस दुर्घटना के बाद रेडबर्ड एयरवेज ने मंगलवार को बताया कि हादसे का कारण विमान में कोई तकनीकी दोष नहीं था और उड़ान का संचालन करने वाले दोनों पायलट अनुभवी थे। इस दुर्घटना में विमान में सवार सात लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें दो चालक दल के सदस्य भी शामिल थे।
जांच एजेंसी ने दस्तावेजों की जांच की
हादसे के अगले दिन विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने RedBird एयरवेज के राष्ट्रीय राजधानी स्थित कार्यालय का दौरा किया और वहां से कई दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। कंपनी की प्रमुख कप्तान मोहिंदर कौर ने मीडिया से कहा कि यह हादसा सभी के लिए दुखद है। उन्होंने कहा, “हम जीवन बचाने के लिए गए थे, लेकिन इस हादसे से हम सभी स्तब्ध हैं। उड़ान का एक हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित था और वापसी में भी विमान में कोई दोष नहीं था। दोनों पायलट सक्षम और अनुभवी थे।” कौर ने बताया कि जांच अधिकारियों ने कंपनी के कार्यालय से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। वहीं, मंगलवार को कंपनी की वेबसाइट भी उपलब्ध नहीं थी।
विमान और कंपनी का विवरण
सूत्रों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त विमान बीचक्राफ्ट C90, पंजीकरण VT-AJV, लगभग 40 वर्ष पुराना था। कंपनी के पास कुल छह विमान हैं, जिनमें तीन King Air C90A, C90B और C90 शामिल हैं। अन्य विमान SKA B200, Cessna Citation 560XL और Cessna Citation III हैं। कंपनी का उड़ान संचालन अनुमति पत्र 12 अगस्त 2030 तक वैध है।
डीजीसीए के अनुसार, दुर्घटना वाले विमान ने रांची से दिल्ली की उड़ान भरी थी। विमान रांची से 19:11 बजे उड़ान भरने के बाद कोलकाता से संपर्क स्थापित किया। 19:34 बजे विमान ने कोलकाता के साथ संचार और राडार संपर्क खो दिया, यह वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में था।
गैर-नियत ऑपरेटर की दूसरी दुर्घटना
यह हादसा पिछले एक महीने में गैर-नियत ऑपरेटर के विमान से हुई दूसरी दुर्घटना है। 28 जनवरी को महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत बरामती के पास विमान दुर्घटना में हुई थी। इस हादसे ने विमान सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की जांच की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां अभी भी हादसे के सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं।
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जांच एजेंसी ने दस्तावेजों की जांच की
हादसे के अगले दिन विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने RedBird एयरवेज के राष्ट्रीय राजधानी स्थित कार्यालय का दौरा किया और वहां से कई दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। कंपनी की प्रमुख कप्तान मोहिंदर कौर ने मीडिया से कहा कि यह हादसा सभी के लिए दुखद है। उन्होंने कहा, “हम जीवन बचाने के लिए गए थे, लेकिन इस हादसे से हम सभी स्तब्ध हैं। उड़ान का एक हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित था और वापसी में भी विमान में कोई दोष नहीं था। दोनों पायलट सक्षम और अनुभवी थे।” कौर ने बताया कि जांच अधिकारियों ने कंपनी के कार्यालय से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। वहीं, मंगलवार को कंपनी की वेबसाइट भी उपलब्ध नहीं थी।
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विमान और कंपनी का विवरण
सूत्रों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त विमान बीचक्राफ्ट C90, पंजीकरण VT-AJV, लगभग 40 वर्ष पुराना था। कंपनी के पास कुल छह विमान हैं, जिनमें तीन King Air C90A, C90B और C90 शामिल हैं। अन्य विमान SKA B200, Cessna Citation 560XL और Cessna Citation III हैं। कंपनी का उड़ान संचालन अनुमति पत्र 12 अगस्त 2030 तक वैध है।
डीजीसीए के अनुसार, दुर्घटना वाले विमान ने रांची से दिल्ली की उड़ान भरी थी। विमान रांची से 19:11 बजे उड़ान भरने के बाद कोलकाता से संपर्क स्थापित किया। 19:34 बजे विमान ने कोलकाता के साथ संचार और राडार संपर्क खो दिया, यह वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में था।
गैर-नियत ऑपरेटर की दूसरी दुर्घटना
यह हादसा पिछले एक महीने में गैर-नियत ऑपरेटर के विमान से हुई दूसरी दुर्घटना है। 28 जनवरी को महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत बरामती के पास विमान दुर्घटना में हुई थी। इस हादसे ने विमान सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं की जांच की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच एजेंसियां अभी भी हादसे के सभी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं।