Jharkhand News: जमशेदपुर दौरे पर राष्ट्रपति, श्री श्री जगन्नाथ मंदिर की रखी आधारशिला; शहर में हाई अलर्ट
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू एक दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंचीं, जहां उन्होंने जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर श्री श्री जगन्नाथ मंदिर और जगन्नाथ आध्यात्मिक धर्मार्थ केंद्र की आधारशिला रखी और भूमि पूजन किया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंचीं। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने उन्हें प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया। एयरपोर्ट पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी रही। रांची से राष्ट्रपति विशेष विमान से जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट पहुंचीं। वहां से वे सड़क मार्ग से कदमा गईं। कदमा के मरीन ड्राइव पर उन्होंने श्री श्री जगन्नाथ मंदिर और जगन्नाथ आध्यात्मिक धर्मार्थ केंद्र की आधारशिला रखी। इस मौके पर विधि विधान से भूमि पूजन भी किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे।
सभा को किया संबोधित, जगन्नाथ भगवान की महिमा बताई
भूमि पूजन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में श्री श्री जगन्नाथ मंदिर की स्थापना का यह सही समय है। उन्होंने कहा कि जगन्नाथ जल्दी नहीं आते, उनके आने का इंतजार करना पड़ता है। रथ यात्रा के दौरान वे झूला झूलते और भजन गाते हुए भक्तों को आनंद देते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि रांची में निडाचढ मंदिर बनने के बाद जगन्नाथ निडाचढ बिहारी बन गए थे। अब जमशेदपुर में मंदिर बन रहा है, इसलिए आज से वे जमशेदपुर बिहारी हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अब भगवान जगन्नाथ की कृपा जमशेदपुर पर भी बरसेगी। राष्ट्रपति ने कहा कि जगन्नाथ सर्व सुलभ भगवान हैं और पूरे विश्व में उनकी लोकप्रियता है।
दौरे को लेकर शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
राष्ट्रपति का यह दौरा प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना गया। इसी कारण पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे मार्ग और कार्यक्रम स्थल को पांच जोन और चौदह सेक्टर में बांटा गया।
सोनारी एयरपोर्ट से मरीन ड्राइव तक और वहां से बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज तक सड़कों की मरम्मत कर दी गई। जहां जहां गड्ढे थे उन्हें भर दिया गया। कई जगह लंबी दूरी तक सड़क पर तारकोल बिछाया गया, ताकि राष्ट्रपति और उनके साथ चल रहे अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों के वाहनों को किसी तरह की परेशानी न हो।