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JPSC-JSSC विवाद: रांची में नेहा बोरा पर फेंकी गई स्याही; हंगामे के बीच सीएम सोरेन बोले- हम बातचीत को तैयार
Fri, 07 Aug 2026 02:36 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Fri, 07 Aug 2026 02:36 PM IST
सार
जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है और व्यापक सुधार चाहती है। इसके साथ ही आंदोलन स्थल पर छात्रों का समर्थन कर रहीं आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही भी फेंकी गई।
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रांची में आइसा अध्यक्ष पर फेंकी गई स्याही
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने संवाद का एक माध्यम पहले ही तय कर रखा है और वह प्रत्येक छात्र की समस्याओं को समझना चाहती है। इधर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर रांची में स्याही फेंकी गई है। जिसको लेकर उन्होंने कहा यह साधारण स्याही हमारा क्या बिगाड़ लेगी? हालांकि,आंदोलन स्थल पर स्याही फेंकने वाले युवक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
सरकार ठोस सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाना चाहती है- सीएम हेमंत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC-JSSC उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि जो माध्यम है, वो हमने बता दिया है और बात करने के लिए भी हम लोग तैयार हैं। सरकार हर छात्र की समस्या का समाधान करने की इच्छा रखती है। जो छात्रों की इच्छा है, उस इच्छा को हम जयपाल सिंह स्टेडियम से बाहर तक ले जाने की कोशिश में हैं। हमारे प्रदेश के जो छात्र-छात्राएं हैं, जो इस संबंध में अपने विचार रखते हैं, वे अपनी राय दे सकते हैं। एक मजबूत और बड़े सुधार के साथ हम लोग, बच्चों की ये जो जिज्ञासा है, उस जिज्ञासा को उनके अनुरूप बनाने के उद्देश्य से आगे बढ़ेंगे।
विधायक जयराम महतो ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
वहीं, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम महतो ने जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि मामले में आरोपी बताए जा रहे व्यक्ति ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल की थी और उसके परिवार के कई सदस्य भी परीक्षा में सफल हुए थे। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा दी गई सभी परीक्षाओं और संबंधित एजेंसी द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं की गहन जांच कराई जानी चाहिए।
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केंद्रीय मंत्री संजय सेठ क्या बोले?
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने रांची में विरोध प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों के साथ लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संवाद पर कहा कि आधा महीना बीत गया और आधे महीने बाद राजकुमार को याद आया कुछ तो बोलना चाहिए। लेकिन हद है आपको बोलना था तो मुख्यमंत्री को बोलते कि CBI जांच कराएं, क्या आपत्ति है? ये बोलना था लेकिन आपने तो दिखावा किया।'
ये भी पढ़ें- JPSC-JSSC छात्र आंदोलन का 14वां दिन: CM से वार्ता का इंतजार, प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ी; आज विधानसभा घेराव
गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, दोषियों पर कार्रवाई और विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
स्याही फेंके जाने पर क्या बोलीं नेहा बोरा?
स्याही फेंके जाने पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि 20 जुलाई को हम पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। जब हम उससे नहीं डरे, तो यह साधारण स्याही हमारा क्या बिगाड़ लेगी? हम छात्रों की आवाज उठाते रहेंगे और अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
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सरकार ठोस सुधारों की दिशा में कदम बढ़ाना चाहती है- सीएम हेमंत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC-JSSC उम्मीदवारों के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि जो माध्यम है, वो हमने बता दिया है और बात करने के लिए भी हम लोग तैयार हैं। सरकार हर छात्र की समस्या का समाधान करने की इच्छा रखती है। जो छात्रों की इच्छा है, उस इच्छा को हम जयपाल सिंह स्टेडियम से बाहर तक ले जाने की कोशिश में हैं। हमारे प्रदेश के जो छात्र-छात्राएं हैं, जो इस संबंध में अपने विचार रखते हैं, वे अपनी राय दे सकते हैं। एक मजबूत और बड़े सुधार के साथ हम लोग, बच्चों की ये जो जिज्ञासा है, उस जिज्ञासा को उनके अनुरूप बनाने के उद्देश्य से आगे बढ़ेंगे।
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विधायक जयराम महतो ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
वहीं, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम महतो ने जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि मामले में आरोपी बताए जा रहे व्यक्ति ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में दूसरी रैंक हासिल की थी और उसके परिवार के कई सदस्य भी परीक्षा में सफल हुए थे। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा दी गई सभी परीक्षाओं और संबंधित एजेंसी द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षाओं की गहन जांच कराई जानी चाहिए।
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केंद्रीय मंत्री संजय सेठ क्या बोले?
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने रांची में विरोध प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों के साथ लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के संवाद पर कहा कि आधा महीना बीत गया और आधे महीने बाद राजकुमार को याद आया कुछ तो बोलना चाहिए। लेकिन हद है आपको बोलना था तो मुख्यमंत्री को बोलते कि CBI जांच कराएं, क्या आपत्ति है? ये बोलना था लेकिन आपने तो दिखावा किया।'
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गौरतलब है कि जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, दोषियों पर कार्रवाई और विवादित परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
स्याही फेंके जाने पर क्या बोलीं नेहा बोरा?
स्याही फेंके जाने पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि 20 जुलाई को हम पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया। जब हम उससे नहीं डरे, तो यह साधारण स्याही हमारा क्या बिगाड़ लेगी? हम छात्रों की आवाज उठाते रहेंगे और अपना आंदोलन जारी रखेंगे।