JPSC-JSSC Protest: सरकार की आपत्ति के बाद बदली छात्रों की टीम, 11 की जगह अब 10 सदस्य करेंगे बातचीत
झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए नया 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाया है। सरकार ने पहले प्रस्तावित 11 सदस्यीय टीम में शामिल कुछ नामों पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद छात्रों ने सूची में बदलाव किया।
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झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए नया 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया है। JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के अनुसार, सरकार ने पहले प्रस्तावित 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल कुछ नामों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद छात्रों ने प्रतिनिधिमंडल की सूची में बदलाव कर 10 सदस्यों को शामिल किया है। इससे पहले छात्रों ने सरकार के बातचीत के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी।
सरकार की आपत्ति के बाद बदली प्रतिनिधिमंडल की सूची
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव लेकर आए एसडीओ ने छात्रों से प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम मांगे थे। छात्रों ने पहले 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला किया था, लेकिन सरकार की ओर से कुछ नामों पर आपत्ति जताए जाने के बाद अब सूची को संशोधित कर 10 सदस्यीय टीम तैयार की गई है। छात्रों और सरकार के बीच बैठक की तारीख और समय अभी तय नहीं हुआ है। छात्रों ने बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वयं उनसे संवाद करने की मांग भी रखी है।
सरकार ने बनाई चार मंत्रियों की कमेटी
छात्रों से बातचीत के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चार मंत्रियों की कमेटी गठित की है। वहीं, देवेंद्र नाथ महतो समेत छह छात्र अपनी मांगों को लेकर अनशन पर हैं। प्रदर्शनकारी छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच सीबीआई और ईडी से कराने की मांग कर रहे हैं। इस बीच, बुधवार रात सीआईडी ने रांची और लखनऊ में छापेमारी कर परीक्षा संचालन से जुड़ी आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के अकाउंटेंट रक्षक सिंह समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 19 हो गई है।
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी के बाद शुरू हुआ आंदोलन
छात्रों का आंदोलन 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को लेकर विवाद के बाद तेज हुआ। 2 जुलाई को जेपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया था, जिसमें 2,204 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था। मुख्य परीक्षा का आयोजन 18 से 20 जुलाई के बीच प्रस्तावित था। रिजल्ट जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाए। छात्रों का कहना था कि आयोग ने कटऑफ अंक जारी नहीं किए हैं। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक उम्मीदवार की कथित ओएमआर शीट भी वायरल हुई।
48 सवाल हल करने वाले अभ्यर्थी के चयन पर उठे सवाल
वायरल कथित ओएमआर शीट को लेकर दावा किया गया कि संबंधित उम्मीदवार ने केवल 48 सवाल हल किए थे, इसके बावजूद उसका चयन मुख्य परीक्षा के लिए कर लिया गया। इसके अलावा परिणाम पर आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने को लेकर भी अभ्यर्थियों ने सवाल उठाए। विवाद बढ़ने के बाद जेपीएससी ने मुख्य परीक्षा को रद्द कर दिया। इसके बाद छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक सुधार, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया। अब सरकार और छात्रों के बीच प्रस्तावित बातचीत को आंदोलन समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, छात्रों की मांगों और सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर बातचीत के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।