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Jharkhand News: संगठन को धार देने में जुटा झामुमो, सीएम आवास पर हुई अहम बैठक; जनगणना और संगठन विस्तार पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2026 08:10 PM IST
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सार
Jharkhand Politics: रांची में झामुमो की अहम बैठक में संगठन को मजबूत करने, जनगणना और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बूथ से जिला स्तर तक संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहने का निर्देश दिया।
बैठक को संबोधित करते सीएम हेमंत सोरेन
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
रांची की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने संगठन को और मजबूत बनाने की दिशा में अपनी रणनीति तेज कर दी है। मंगलवार को राजधानी रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठनात्मक मजबूती, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और प्रस्तावित जनगणना जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
12 जिलों से आए पदाधिकारियों ने लिया हिस्सा
दो दिवसीय बैठक के पहले दिन राज्य के 12 जिलों से आए चुनिंदा पदाधिकारियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में संगठन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने बूथ, पंचायत, वार्ड, प्रखंड और जिला स्तर पर पार्टी ढांचे को सशक्त बनाने के निर्देश दिए, ताकि हर स्तर पर संगठन की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।
बैठक में उठाए आदिवासियों के मुद्दे
मुख्यमंत्री ने नगर और महानगर कमेटियों को भी सक्रिय बनाने पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार जुड़े रहने और सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही जनता के विश्वास को कायम रखने में अहम भूमिका निभाता है। बैठक में जनगणना को केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया। नेताओं ने आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और वंचित वर्गों की सही गणना सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उनके अधिकार सुरक्षित रह सकें।
विशेष गहन पुनरीक्षण पर पार्टी ने जताई चिंता
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी पार्टी ने चिंता जताई। नेताओं का कहना था कि इस प्रक्रिया का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा सकती है। झामुमो ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे मतदाता सूची, जनगणना और अन्य संवेदनशील विषयों पर लोगों को जागरूक कर सकें। पार्टी ने संकेत दिया कि वह संगठन और जनसरोकार दोनों मोर्चों पर अधिक सक्रिय और आक्रामक भूमिका निभाएगी।
पहले दिन की बैठक में साहेबगंज, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने किया। इस दौरान राजमहल सांसद विजय हांसदा, विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, हेमलाल मुर्मू और केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
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12 जिलों से आए पदाधिकारियों ने लिया हिस्सा
दो दिवसीय बैठक के पहले दिन राज्य के 12 जिलों से आए चुनिंदा पदाधिकारियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में संगठन की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने बूथ, पंचायत, वार्ड, प्रखंड और जिला स्तर पर पार्टी ढांचे को सशक्त बनाने के निर्देश दिए, ताकि हर स्तर पर संगठन की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित हो सके।
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बैठक में उठाए आदिवासियों के मुद्दे
मुख्यमंत्री ने नगर और महानगर कमेटियों को भी सक्रिय बनाने पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार जुड़े रहने और सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही जनता के विश्वास को कायम रखने में अहम भूमिका निभाता है। बैठक में जनगणना को केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया गया। नेताओं ने आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और वंचित वर्गों की सही गणना सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उनके अधिकार सुरक्षित रह सकें।
विशेष गहन पुनरीक्षण पर पार्टी ने जताई चिंता
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी पार्टी ने चिंता जताई। नेताओं का कहना था कि इस प्रक्रिया का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा सकती है। झामुमो ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि आने वाले दिनों में विशेष अभियान चलाकर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे मतदाता सूची, जनगणना और अन्य संवेदनशील विषयों पर लोगों को जागरूक कर सकें। पार्टी ने संकेत दिया कि वह संगठन और जनसरोकार दोनों मोर्चों पर अधिक सक्रिय और आक्रामक भूमिका निभाएगी।
पहले दिन की बैठक में साहेबगंज, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, देवघर, जामताड़ा, पश्चिम सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सिमडेगा जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक का संचालन केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने किया। इस दौरान राजमहल सांसद विजय हांसदा, विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, हेमलाल मुर्मू और केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

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