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Hindi News ›   Jharkhand ›   227-kg ‘Deadly Bomb’ Defused in Baharagora Village Gets Relief After Week of Fear

Jharkhand: बहरागोड़ा में 227 किलो का ‘मौत का गोला’ निष्क्रिय, हफ्तेभर की दहशत के बाद ग्रामीणों को मिली राहत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: राँची ब्यूरो Updated Wed, 22 Apr 2026 04:38 PM IST
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सार

Jharkhand News: जमशेदपुर के बहरागोड़ा क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी किनारे मिला 227 किलोग्राम का द्वितीय विश्व युद्ध का बम भारतीय सेना ने सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। एक सप्ताह से दहशत में जी रहे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और इलाके में सामान्य स्थिति बहाल हो गई।

227-kg ‘Deadly Bomb’ Defused in Baharagora Village Gets Relief After Week of Fear
बम को निष्क्रिय करने के दौरान का दृश्य - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

झारखंड के जमशेदपुर जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र स्थित पानीपाड़ा गांव में पिछले एक सप्ताह से फैली दहशत का अंत बुधवार को हो गया। स्वर्णरेखा नदी के किनारे मिले द्वितीय विश्व युद्ध के एक विशाल बम को भारतीय सेना ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों ने राहत महसूस की और सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू होने लगीं।
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अमेरिकी निर्मित बम ने बढ़ाई थी चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार, नदी तट पर मिला यह बम अमेरिकी निर्मित एएनएम-64 श्रेणी का था, जिसका वजन करीब 227 किलोग्राम बताया गया। इतने भारी और खतरनाक विस्फोटक को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करना सेना के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ। बम मिलने के बाद से आसपास के गांवों में भय का माहौल बना हुआ था और लोग नदी या खेतों की ओर जाने से भी डर रहे थे।
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सुरक्षा के लिए अपनाई गई विशेष रणनीति
सेना की टीम ने सावधानी बरतते हुए बम को लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में रखा और चारों तरफ बालू की बोरियों से ढक दिया, ताकि विस्फोट का असर सीमित रहे और किसी प्रकार की जान-माल की क्षति न हो। इसके बाद सुरक्षित दूरी बनाकर नियंत्रित तरीके से विस्फोट किया गया।

सेना के नेतृत्व में सफल ऑपरेशन
इस संवेदनशील अभियान का नेतृत्व आयुष कुमार सिंह ने किया, जबकि पूरी कार्रवाई धर्मेंद सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। सेना की टीम ने कलाईकुंडा वायु सेना स्टेशन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए लगभग एक किलोमीटर की दूरी से रिमोट सिस्टम के जरिए नियंत्रित विस्फोट किया। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास की जमीन तक हिल गई।

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गांव में हुई सामान्य स्थिति
बम मिलने के बाद पानीपाड़ा और आसपास के गांवों में लगातार भय का माहौल बना हुआ था। ग्रामीणों ने एहतियात के तौर पर खेतों और नदी किनारे जाना बंद कर दिया था। लेकिन बुधवार को सफलतापूर्वक बम निष्क्रिय होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली और इलाके में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है।
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