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JPSC-JSSC Protest: छात्रों का झामुमो-कांग्रेस पर सियासी खेल का आरोप, 20 अगस्त को सीएम आवास घेरने का एलान
Sun, 16 Aug 2026 07:49 AM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Sun, 16 Aug 2026 07:49 AM IST
सार
झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 22वें दिन भी जारी है। छात्रों ने जेएमएम-कांग्रेस पर राजनीति का आरोप लगाते हुए 20 अगस्त को सीएम आवास घेरने और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। सरकार ने भर्ती व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिया है।
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जेपीएससी-जेएसएससी आंदोलन
- फोटो : PTI
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विस्तार
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के नेतृत्व में चल रहा प्रदर्शन शनिवार को 22वें दिन भी जारी रहा। छात्रों ने सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस पर उनके मुद्दों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया।
आंदोलनकारी छात्रों ने ऐलान किया कि वे 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करेंगे और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग रखेंगे। छात्रों ने रविवार को राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंकने की भी घोषणा की है।
'सीएम आवास का करेंगे घेराव, मुख्यमंत्री दें इस्तीफा'
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जेएमएम और कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। छात्रों ने राहुल गांधी से भी अपील की कि यदि मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुन रहे हैं तो कांग्रेस को जेएमएम के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लेना चाहिए। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
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तिरंगा यात्रा निकालकर बुलंद की आवाज
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्रों ने शनिवार को रांची में 'तिरंगा यात्रा' निकाली। यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी शामिल हुए। दो व्हीलचेयर पर बैठे प्रदर्शनकारी भी भूख हड़ताल के साथ यात्रा में शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर छात्रों ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ कुछ परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता और हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी है।
जेपीएससी-जेएसएससी और जेपीएससी परीक्षाएं रद्द करने की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कथित अनियमितताओं वाली परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने सीबीआई जांच या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से जांच कराने की मांग दोहराई है। मंच की ओर से जेएसएससी -सीजीएल परीक्षा के साथ झारखंड लोक सेवा आयोग की कुछ परीक्षाओं को भी रद्द करने की मांग की जा रही है, जिन्हें छात्र संदिग्ध मान रहे हैं।
ये भी पढ़ें- JPSC-JSSC: 23वें दिन भी जारी छात्रों का आंदोलन, भूख हड़ताल पर बैठे प्रेम बोले- 'हालात गंभीर, सरकार नहीं'
देवेंद्र महतो को अस्पताल से निकलने से रोकने का आरोप
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें सदर अस्पताल से निकलकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी सामने आए, जिनमें महतो को सुरक्षा कर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की करते देखा गया।
चंपई सोरेन ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक चंपई सोरेन ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए इसे 'तानाशाही सरकार' करार दिया। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच CBI से कराने की सिफारिश नहीं करने पर सरकार से सवाल किया। जमशेदपुर में पत्रकारों से बातचीत में चंपई सोरेन ने कहा कि अगर सरकार किसी भर्ती घोटाले को लेकर चिंतित नहीं है तो सीबीआई जांच की सिफारिश करने में उसे परेशानी क्यों हो रही है।
सरकार बोली- भर्ती प्रक्रिया को बनाएंगे पारदर्शी
वहीं, राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों को भरोसा दिलाते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार के कई कदमों की घोषणा की है। स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों से नौकरी की तैयारी कर रही एक पूरी पीढ़ी का भरोसा प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ प्रभावशाली पद या किसी भी तरह के दबाव की परवाह किए बिना कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बिना सबूत किसी को दोषी ठहराने से बचने की अपील की। सरकार ने वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, तकनीक आधारित सुरक्षित परीक्षाएं, समय पर आंसर-की और ओएमआर शीट जारी करने तथा भर्ती प्रक्रिया में बहुस्तरीय जवाबदेही जैसे उपायों का खाका भी सामने रखा है। इसके अलावा छात्रों, शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों से परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सुझाव लेने के लिए 'Students' Voice with Students' अभियान शुरू किया गया है।
राज्यपाल ने भी परीक्षा गड़बड़ी पर जताई चिंता
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी कथित परीक्षा गड़बड़ियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे छात्रों के मनोबल और भविष्य को प्रभावित करती हैं।
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आंदोलनकारी छात्रों ने ऐलान किया कि वे 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करेंगे और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग रखेंगे। छात्रों ने रविवार को राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंकने की भी घोषणा की है।
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'सीएम आवास का करेंगे घेराव, मुख्यमंत्री दें इस्तीफा'
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जेएमएम और कांग्रेस छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। छात्रों ने राहुल गांधी से भी अपील की कि यदि मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुन रहे हैं तो कांग्रेस को जेएमएम के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लेना चाहिए। छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती, आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
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तिरंगा यात्रा निकालकर बुलंद की आवाज
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छात्रों ने शनिवार को रांची में 'तिरंगा यात्रा' निकाली। यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में छात्र और नौकरी के अभ्यर्थी शामिल हुए। दो व्हीलचेयर पर बैठे प्रदर्शनकारी भी भूख हड़ताल के साथ यात्रा में शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर छात्रों ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम्' के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ कुछ परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता और हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ी है।
जेपीएससी-जेएसएससी और जेपीएससी परीक्षाएं रद्द करने की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कथित अनियमितताओं वाली परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच ने सीबीआई जांच या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से जांच कराने की मांग दोहराई है। मंच की ओर से जेएसएससी -सीजीएल परीक्षा के साथ झारखंड लोक सेवा आयोग की कुछ परीक्षाओं को भी रद्द करने की मांग की जा रही है, जिन्हें छात्र संदिग्ध मान रहे हैं।
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देवेंद्र महतो को अस्पताल से निकलने से रोकने का आरोप
जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें सदर अस्पताल से निकलकर तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोक दिया। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो भी सामने आए, जिनमें महतो को सुरक्षा कर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की करते देखा गया।
चंपई सोरेन ने सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक चंपई सोरेन ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए इसे 'तानाशाही सरकार' करार दिया। उन्होंने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की जांच CBI से कराने की सिफारिश नहीं करने पर सरकार से सवाल किया। जमशेदपुर में पत्रकारों से बातचीत में चंपई सोरेन ने कहा कि अगर सरकार किसी भर्ती घोटाले को लेकर चिंतित नहीं है तो सीबीआई जांच की सिफारिश करने में उसे परेशानी क्यों हो रही है।
सरकार बोली- भर्ती प्रक्रिया को बनाएंगे पारदर्शी
वहीं, राज्य सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों को भरोसा दिलाते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार के कई कदमों की घोषणा की है। स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों से नौकरी की तैयारी कर रही एक पूरी पीढ़ी का भरोसा प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ प्रभावशाली पद या किसी भी तरह के दबाव की परवाह किए बिना कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बिना सबूत किसी को दोषी ठहराने से बचने की अपील की। सरकार ने वार्षिक परीक्षा कैलेंडर, तकनीक आधारित सुरक्षित परीक्षाएं, समय पर आंसर-की और ओएमआर शीट जारी करने तथा भर्ती प्रक्रिया में बहुस्तरीय जवाबदेही जैसे उपायों का खाका भी सामने रखा है। इसके अलावा छात्रों, शिक्षकों, शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों से परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर सुझाव लेने के लिए 'Students' Voice with Students' अभियान शुरू किया गया है।
राज्यपाल ने भी परीक्षा गड़बड़ी पर जताई चिंता
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी कथित परीक्षा गड़बड़ियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाएं मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे छात्रों के मनोबल और भविष्य को प्रभावित करती हैं।