सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Ranchi News ›   prashant bose kishan da maoist leader death rims ranchi cpi maoist politburo jharkhand news

Jharkhand: एक करोड़ के इनामी माओवादी प्रशांत बोस का अंत, रिम्स में इलाज के दौरान तोड़ा दम, सुरक्षा बढ़ाई गई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची Published by: Ashutosh Pratap Singh Updated Fri, 03 Apr 2026 02:27 PM IST
विज्ञापन
सार

प्रतिबंधित CPI-माओवादी संगठन के वरिष्ठ नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा का रांची के RIMS अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। सांस लेने में दिक्कत के बाद उन्हें जेल से अस्पताल लाया गया था। 8

prashant bose kishan da maoist leader death rims ranchi cpi maoist politburo jharkhand news
प्रशांत बोस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

प्रतिबंधित CPI-माओवादी संगठन के वरिष्ठ पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस उर्फ ‘किशन दा’ का शुक्रवार को निधन हो गया। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वह 80 वर्ष से अधिक उम्र के थे।
Trending Videos


अधिकारियों के अनुसार, प्रशांत बोस सरायकेला जेल में बंद थे। शुक्रवार तड़के उन्हें सांस लेने में गंभीर दिक्कत हुई। सुबह करीब 6 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें रिम्स अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इलाज के दौरान सुबह 10 बजे हुई मौत

इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। पश्चिम बंगाल के मूल निवासी प्रशांत बोस माओवादी आंदोलन के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। उन्हें CPI-माओवादी के महासचिव नंबाला केशव राव के बाद दूसरा सबसे बड़ा नेता माना जाता था। वे केंद्रीय समिति और पोलित ब्यूरो के प्रमुख सदस्य थे और संगठन के पूर्वी क्षेत्रीय ब्यूरो के सचिव भी रह चुके थे। माओवादी सर्कल में उन्हें ‘मनीष’ और ‘बुद्धा’ जैसे कई नामों से जाना जाता था। करीब चार दशकों तक सक्रिय रहने वाले बोस को संगठन का बड़ा रणनीतिकार, थिंक टैंक और विचारक माना जाता था।

ये भी पढ़ें: Bihar News: मौत से जंग लड़ रहे नेशनल खिलाड़ी से मिलने पहुंचीं मंत्री श्रेयसी सिंह, अपराधियों ने मारी थी गोली

2021 में पत्नी के साथ हुई थी गिरफ्तारी

प्रशांत बोस को उनकी पत्नी शीला मरांडी के साथ 12 नवंबर 2021 को सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा टोल ब्रिज के पास गिरफ्तार किया गया था। उस समय उनकी गिरफ्तारी पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बोस झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में 200 से ज्यादा माओवादी घटनाओं में शामिल रहे थे। गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में थे और उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनकी मौत के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पोस्टमार्टम के बाद आगे की कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed