{"_id":"69b93f35f79637dc1001646d","slug":"sarhul-will-be-celebrated-in-accordance-with-traditional-customs-and-culture-dj-will-be-banned-procession-will-be-taken-out-with-mandar-dhol-ranchi-news-c-1-1-noi1475-4059681-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ranchi: सरहुल में DJ पर पूरी तरह रोक, शोभायात्रा में बजेगा सिर्फ मांदर-ढोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ranchi: सरहुल में DJ पर पूरी तरह रोक, शोभायात्रा में बजेगा सिर्फ मांदर-ढोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: राँची ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2026 08:27 PM IST
विज्ञापन
सार
Ranchi: रांची में केंद्रीय सरना समिति की बैठक में तय किया गया कि सरहुल पर्व पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मनाया जाएगा। पर्व में डीजे पर पूरी तरह रोक रहेगी और शोभायात्रा मांदर-ढोल जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ निकलेगी।
प्रेस को जानकारी देते केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की
विज्ञापन
विस्तार
राजधानी रांची में केंद्रीय सरना समिति की ओर से मंगलवार को सिरमटोली में सरहुल पर्व को लेकर अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष सरहुल पर्व को पूरी तरह पारंपरिक रीति-रिवाज और आदिवासी संस्कृति के अनुरूप मनाया जाएगा।
Trending Videos
पारंपरिक विधि से की जाएगी पूजा-अर्चना
समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि सरहुल आदिवासी समाज का सबसे बड़ा और पवित्र पर्व है, जो प्रकृति पूजा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि सरना स्थल और जाहेर स्थल पर पहान पुजारियों द्वारा पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
समाज के लोगों से झंडा लगाने की अपील
उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि सरहुल पूजा से पहले नए फल, फूल और सब्जियों का उपयोग न करें तथा घर, आंगन, अखाड़ा और सरना स्थलों की साफ-सफाई सुनिश्चित करें। साथ ही प्रत्येक घर में सरना झंडा लगाने की भी अपील की गई।
बैठक में DJ पर लगा बैन
बैठक में लक्ष्मीनारायण मुंडा ने कहा कि अधिक से अधिक लोग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हों और झांकियों के माध्यम से आदिवासी इतिहास और संस्कृति को प्रदर्शित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरहुल में डीजे का उपयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि मांदर और ढोल जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।
ये भी पढ़ें: गोड्डा में अंधविश्वास का खौफनाक खेल, एक ही परिवार के तीन लोगों की बेरहमी से हत्या
ढोल-नगाड़ों की गूंज
वहीं रुपचंद तिर्की ने कहा कि शोभायात्रा समय पर निकले और इसमें ढोल-नगाड़ों की गूंज हो, न कि फिल्मी गीतों की। उन्होंने सरकार से सड़कों की मरम्मत, साफ-सफाई और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की भी मांग की।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन