Jharkhand: JPSC पर बवाल तेज! रांची में जंतर-मंतर जैसा माहौल, CBI जांच की मांग, किन्नरों ने की आर्थिक मदद
दिल्ली के जंतर-मंतर की तरह अब रांची में भी 14वीं JPSC परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ अभ्यर्थियों का सत्याग्रह आंदोलन तेज हो गया है। आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा और छात्र CBI जांच की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना है कि CID और SIT जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है।
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा अनियमितताओं को लेकर हुए छात्र आंदोलन की गूंज अब झारखंड की राजधानी रांची तक पहुंच गई है। 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में अभ्यर्थी लगातार पांचवें दिन भी सत्याग्रह पर डटे रहे। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उन्हें राज्य सरकार की CID और SIT जांच पर भरोसा नहीं है। उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच CBI से कराई जाए। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि CBI जांच नहीं कराई गई तो आंदोलन और तेज होगा तथा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी की जाएगी।
पांचवें दिन भी जारी रहा सत्याग्रह, सरकार के खिलाफ नारेबाजी
रांची में शुक्रवार को 14वीं JPSC परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ अभ्यर्थियों का सत्याग्रह आंदोलन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। राज्य के अलग-अलग जिलों से पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की। छात्रों का कहना है कि JPSC की परीक्षाएं लंबे समय से विवादों में रही हैं। उनका आरोप है कि 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे मेहनती और योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है।
CID और SIT जांच पर नहीं भरोसा, CBI जांच की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने मामले की जांच के लिए CID और SIT को जिम्मेदारी दी है, लेकिन उन्हें इस जांच पर भरोसा नहीं है। छात्रों के मुताबिक, पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच केवल CBI ही कर सकती है। इसलिए सरकार को बिना देरी किए जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपनी चाहिए।

'सिर्फ इस्तीफा काफी नहीं, पूरी भर्ती प्रक्रिया की जांच हो'
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि केवल JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते का इस्तीफा लेने से पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने मांग की कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। छात्रों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, सत्याग्रह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि CBI जांच का आदेश नहीं दिया गया तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की जाएगी।
पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से तीसरे दिन भी पूछताछ
इधर, 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच के तहत JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन CID मुख्यालय पहुंचे। CID अधिकारियों ने उनसे भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की। जांच एजेंसी दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। हालांकि, अब तक उनकी गिरफ्तारी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
किन्नर समाज भी छात्रों के समर्थन में उतरा
आंदोलन को शुक्रवार को किन्नर समाज का भी समर्थन मिला। किन्नर समाज के प्रतिनिधि सत्याग्रह स्थल पहुंचे और अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी। इस सहयोग के लिए छात्रों ने उनका आभार जताया।
दिल्ली तक पहुंचा मामला, भाजपा ने भी सरकार को घेरा
14वीं JPSC परीक्षा में कथित धांधली का मुद्दा अब झारखंड से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी भी इस मुद्दे पर हेमंत सोरेन सरकार पर लगातार हमला बोल रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकसभा के बाहर प्रदर्शन कर सरकार को घेरने की कोशिश की।
छात्र बोले- निष्पक्ष जांच तक आंदोलन रहेगा जारी
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक परीक्षा में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि यह आंदोलन केवल नौकरी का नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता का सवाल है। सरकार को जल्द फैसला लेकर अभ्यर्थियों का भरोसा बहाल करना चाहिए।