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Coronavirus: इस उम्र के लोगों को कोरोना से खतरा कम, WHO ने भी मानी बात

Thu, 17 Sep 2020 03:45 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Thu, 17 Sep 2020 03:45 PM IST
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Coronavirus effects on children and adolescents who head Tedros Adhanom says More research needed into COVID 19 effects on children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

दुनियाभर में कोरोना वायरस ने ऐसा कहर बरपाया है कि अब तक इससे तीन करोड़ से भी ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और दिनोंदिनों संक्रमितों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। वहीं पूरी दुनिया में इस वायरस की वजह से अब तक नौ लाख 45 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वैसे तो हर उम्र के लोगों पर इस वायरस का असर हो रहा है, लेकिन किशोरों पर इसका असर सबसे कम देखने को मिला है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया में 20 साल से नीचे के 10 फीसदी से भी कम लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं और अब तक 20 साल से कम उम्र के 0.2 फीसदी से भी कम लोगों की इस वायरस के कारण मौत हुई है। 

Coronavirus effects on children and adolescents who head Tedros Adhanom says More research needed into COVID 19 effects on children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि बच्चों और युवाओं में कोरोना वायरस के खतरे को समझने के लिए अभी और शोध किए जाने की जरूरत है। संगठन के डायरेक्टर जनरल टेड्रस अधनोम ने हाल ही में कहा है, 'कोरोना वायरस बच्चों की भी जान ले सकता है, ये हम सभी को पता है, लेकिन उनमें इसका गंभीर संक्रमण नहीं दिखता।'   

Coronavirus effects on children and adolescents who head Tedros Adhanom says More research needed into COVID 19 effects on children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी माना है कि बच्चों और युवाओं में कोरोना से संक्रमित होने वाले और उससे मरने वालों की संख्या काफी कम है, लेकिन टेड्रस अधनोम का कहना है कि बच्चों और किशोरों पर इस वायरस का प्रभाव अलग तरह से पड़ा है। जैसे कि- कई देशों में बच्चों को समय पर जरूरी टीका नहीं लगाया गया है, लाखों बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, जिसका असर उनकी शिक्षा पर पड़ रहा है।

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Coronavirus effects on children and adolescents who head Tedros Adhanom says More research needed into COVID 19 effects on children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

क्या नौजवान फैला रहे हैं सबसे ज्यादा संक्रमण? 

पिछले महीने आई बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इंग्लैंड से लेकर जापान और जर्मनी से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक कई देशों में नौजवानों को कोरोना वायरस के नए मामलों में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। कई अधिकारियों का कहना है कि इस उम्र के लोग लॉकडाउन में बोर हो गए हैं, इसलिए अब वो सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) का पालन ना करते हुए घरों से बाहर निकल रहे हैं।जापान में 20 और 29 साल के लोगों में सबसे ज्यादा संक्रमण पाया गया है। कुछ इसी तरह की स्थिति ऑस्ट्रेलिया में भी देखी गई है। 

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Coronavirus effects on children and adolescents who head Tedros Adhanom says More research needed into COVID 19 effects on children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

नौजवानों में दिख रहे हैं कम गंभीर लक्षण 

अब तक की रिपोर्ट्स से तो यही लग रहा है कि नौजवानों में कोरोना वायरस के गंभीर लक्षण कम ही देखने को मिल रहे हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि वो पूरी तरह से कोरोना वायरस से सुरक्षित हैं। कई नौजवान मरीजों में भी कोरोना के गंभीर लक्षण देखने को मिले हैं, जिसमें उनके फेफड़े तक खराब हो गए हैं। 

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