कोरोना वायरस का संक्रमण देश और दुनिया में तेजी से बढ़ता रहा है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इसका निश्चित इलाज ढूंढने में लगे हैं। फिलहाल कुछ दवाओं के जरिए इसका इलाज हो रहा है और लोग ठीक भी हो रहे हैं। इस बीच इसको लेकर तमाम तरह के शोध और अध्ययन हो रहे हैं। इसी कड़ी में एक नए शोध अध्ययन में बताया जा रहा है कि जो लोग हृदय रोग(Heart Disease) या उच्च रक्तचाप(High Blood Pressure) से जूझ रहे हैं, उन्हें बहुत ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। इस शोध अध्ययन के मुताबिक, ऐसे लोगों में कोरोना के पलटवार की ज्यादा आशंका रहती है। यानी वे दोबारा कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं।
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हाई ब्लडप्रेशर और हार्ट के मरीजों को दूसरी बार कोरोना होने का ज्यादा खतरा, बरतें ये सावधानियां
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Fri, 03 Jul 2020 08:09 PM IST
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Coronavirus
- फोटो : Pixabay
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जांच के लिए नमूना लेता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
- चीन में होजहोंग विश्वविद्यालय के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने यह शोध अध्ययन किया है। इस अध्ययन में वुहान अस्पताल में भर्ती 938 मरीजों के डाटा का विश्लेषण किया गया है। इस अध्ययन के मुताबिक, हृदय रोग ओर हाई ब्लडप्रेशर के मरीजों के फेफड़ों से कोरोना संक्रमण पूरी तरह ठीक नहीं होता और कोरोना के दोबारा लौटने की संभावना बनी रहती है।
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
- अध्ययन के मुताबिक, हाई ब्लडप्रेशर और हार्ट के मरीजों के टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आने पर इन्हें स्वस्थ्य मान लिया जाता है और कुछ दिन बाद कोरोना वायरस फिर से हमला कर देता है। आम मरीजों की तुलना में हाई बीपी और हार्ट के मरीजों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक हो सकती है।
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चेन्नई में कोविड19 की जांच के लिए बनाए गए किओस्क केंद्र पर नमूना एकत्र करने के लिए इंतजार करता एक स्वास्थ्य कर्मी(File Photo)
- फोटो : PTi
- विशेषज्ञों के मुताबिक, कोविड 19 एक तरह का वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से नाक, गले और श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। जो लोग पहले से डायबिटीज, हार्ट संबंधी किसी की बीमारी या ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, वैसे लोगों पर यह वायरस आसानी से हमला करता है। चूंकि शरीर में पहले से बीमारियां मौजूद होती है तो उनके लिए इस स्थिति से उबरना मुश्किल होता है। खासकर दूसरी बार वायरल संक्रमण होने पर शरीर हिम्मत हार जाता है।
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नमूना लेते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
ऐसे रखें अपना ध्यान
- आईसीएमआर ने ऐसे लोगों का ख्याल रखने के लिए दिशानिर्देश जारी किया है। आईसीएमआर ने स्पष्ट कहा है कि ऐसी बीमारियां होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कोरोना संक्रमण होगा ही। मास्क का इस्तेमाल, सोशल डिस्टेंसिंग, साफ-सफाई जैसी तमाम सावधानियां बरती जाए, तो कोरोना संक्रमण से दूर रहा जा सकता है।