Covid-19: बूस्टर वैक्सीनेशन को लेकर अध्ययन में सामने आई महत्वपूर्ण जानकारियां, आप भी जानिए
- स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते रहे हैं कि कोरोना वायरस लगातार हमारे बीच बना हुआ है, ऐसे में इससे सुरक्षित रहने के लिए उच्च जोखिम वाले लोगों को सालाना बूस्टर वैक्सीन देनी चाहिए।
- जामा नेटवर्क जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों की टीम ने बूस्टर वैक्सीन को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं, जिसके बारे में सभी लोगों को जरूर जानना चाहिए।
विस्तार
COVID Boosters Give Extra Protection: साल 2019-20 से दुनियाभर में जारी कोरोना महामारी पांच साल बीत जाने के बाद अब भी खत्म नहीं हुई है। मई-जून के दौरान भारत सहित कई देशों में कोरोना की हल्की ही सही, एक और लहर देखी गई, फिलहाल ये काफी कंट्रोल में है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वैक्सीनेशन जैसे प्रभावी उपायों के चलते संक्रमण की रफ्तार को समय रहते न सिर्फ नियंत्रित कर लिया गया, बल्कि इसने मौत के खतरे को भी काफी कम किया। हालांकि टीकाकरण की शुरुआत से ही वैक्सीन की प्रभाविकता और इसके साइड-इफेक्ट्स को लेकर तरह-तरह के प्रश्न उठते रहे हैं।
इसको लेकर हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि कोविड वैक्सीन इस खतरनाक संक्रमण को रोकने और इससे होने वाली जटिलताओं को कम करने में प्रभावी रही है। कोरोना महामारी के बाद से बढ़े हृदय रोग के मामलों के लिए वैक्सीनेशन को एक कारण माना जा रहा था, हालांकि विशेषज्ञों ने इसपर भी स्पष्ट किया है कि अचानक हो रहीं मौतों की देश की विभिन्न एजेंसियों ने जांच की है और जांच में पाया गया है कि इनका कोरोना वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं हैं।
इसके इतर वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते रहे हैं कि कोरोना वायरस लगातार हमारे बीच बना हुआ है, ऐसे में इससे सुरक्षित रहने के लिए उच्च जोखिम वाले लोगों को सालाना बूस्टर वैक्सीन देनी चाहिए।
कोविड बूस्टर वैक्सीन को लेकर अध्ययन
हाल में किए गए अध्ययन में पाया गया है कि सभी उम्र के वयस्कों में, सिंगल डोज की कोविड बूस्टर वैक्सीन भी गंभीर बीमारी के खिलाफ अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने के लिए काफी है। साल 2023-24 कोविड सीजन के दौरान लगभग 500,000 वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इस अध्ययन में पाया गया कि 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए, दूसरी खुराक ने गंभीर बीमारी के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान की।
ये निष्कर्ष इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये सवाल लगातार लोगों के मन में बना हुआ है कि क्या सभी लोगों को नियमित रूप से बूस्टर वैक्सीनेशन कराते रहना चाहिए?
जामा नेटवर्क जर्नल में प्रकाशित अध्ययन की रिपोर्ट में वैज्ञानिकों की टीम ने बूस्टर वैक्सीन को लेकर कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं, जिसके बारे में सभी लोगों को जरूर जानना चाहिए।
- कोविड बूस्टर वैक्सीन से मिलती है आपको अतिरिक्त सुरक्षा
अध्ययन की रिपोर्ट में वैज्ञानिकों की टीम ने सभी लोगों को, विशेषकर उच्च जोखिम वालों को सालाना कोविड वैक्सीनेशन कराते रहने की सलाह दी है। कोविड बूस्टर वैक्सीन आपको कोरोना संक्रमण और इसके कारण होने वाले जोखिमों से अतिरिक्त सुरक्षा देती है। बूस्टर शॉट लेने वाले वयस्कों को संक्रमण के दौरान इमरजेंसी में भर्ती होने का जोखिम 24% कम था, वहीं जिन लोगों को बूस्टर वैक्सीन नहीं मिला उनमें ये खतरा बना हुआ था।
बूस्टर वैक्सीन ने अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को 48% तक कम कर दिया।
- दो महीने तक रहते हैं सबसे ज्यादा सुरक्षित
बूस्टर वैक्सीन लेने के बाद दो महीनों के दौरान आप सबसे अधिक सुरक्षित रहते हैं। टीकों ने पहले 60 दिनों के भीतर गंभीर बीमारी के जोखिम को 68% तक कम कर दिया।
इंडियाना यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर ब्रायन डिक्सन कहते हैं, सर्दियों की शुरुआत में बूस्टर शॉट लेना सबसे अच्छा है। इस दौरान लोग छुट्टियों पर जाते हैं और दोस्त-परिवार वालों से मिलते हैं। यहां से संक्रमण बढ़ने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है। 60 दिनों तक चूंकि वैक्सीन की प्रभाविकता अधिक देखी गई है, ऐसे में आप विशेष सुरक्षित रह सकते हैं।
- दो डोज मतलब दोगुनी सुरक्षा
विशेषज्ञों ने बताया कि शोध से पता चलता है कि बूस्टर वैक्सीन की एक डोज गंभीर बीमारी के जोखिम को कम किया, लेकिन दो बूस्टर शॉट्स से सुरक्षा और भी बढ़ सकती है। 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में, जिन लोगों को दो डोज मिलीं, उनमें कोविड के लिए तत्काल या आपातकालीन देखभाल की आवश्यकता का जोखिम 21% अधिक कम था।
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स्रोत
Estimated 2023-2024 COVID-19 Vaccine Effectiveness in Adults
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