{"_id":"5f1a355b1a1d3f6bd208f62f","slug":"hopelessness-apathy-loneliness-can-push-children-to-drug-addiction","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"निराशा, उदासीनता, अकेलापन धकेल सकते हैं बच्चों को नशे की ओर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
निराशा, उदासीनता, अकेलापन धकेल सकते हैं बच्चों को नशे की ओर
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 24 Jul 2020 09:13 AM IST
कोरोना के बीच बच्चों और किशोरों का जीवन कठिन हो गया है। बंगलूरू स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ (निमहान्स) के बाल मनोवैज्ञानिक डॉ. प्रीती जैकब डॉ. राजेंद्र केएम और डॉ. श्रेयोसी घोष का कहना है कि महामारी में दोस्तों और स्कूल से कट चुके बच्चों में मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
डर-भय, चिंता, तनाव, अवसाद, अनिद्रा और पाचन की तकलीफ हो सकती है। अकेलापन-चिड़चिड़ापन, निराशा और उदासीनता हावी होने पर दस वर्ष से अधिक के बच्चाें को नशे की लत लग सकती है। ऐसे में विशेष देखभाल के साथ कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।
Trending Videos
2 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
बच्चे कुछ भी सच न मान लें
बच्चे टीवी और इंटरनेट को अधिक समय दे रहे हैं। अभिभावक ध्यान रखें, दोनों माध्यमों से मिली हर सूचना को बच्चे सही न मान लें। इंटरनेट पर चलने वाली फर्जी जानकारी से मानसिक तकलीफ हो सकती है। बच्चों को सही जानकारी दें। भयभीत करने वाले वीडियो से दूर रखें जो आजकल सोशल साइट्स पर चलते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
3 of 5
बच्चों को दोस्तों से दूर न होने दें
- फोटो : अमर उजाला।
दोस्तों से दूर न होने दें
दस साल से अधिक उम्र के बच्चों को दोस्तों से दूर न होने दें। फोन से जुड़े रहने दें। समय-समय पर दोस्तों से बात करने के लिए कहें। दोस्तों से दूरी होने पर बच्चे उदास दिखेंगे, अकेला महसूस करेंगे, निराश रहेंगे, गुस्सा करेंगे, भाई-बहनों और परिवार के दूसरे सदस्यों को लेकर चिड़चिड़े होंगे। इस उम्र के बच्चे ऐसे हालात में सिगरेट, शराब और दूसरी तरह का नशा लेना भी शुरू कर सकते हैं।
4 of 5
बच्चा
- फोटो : पेक्सेल्स
अधिक सूचना से डर सकता है बच्चा
बच्चों में महामारी के बारे में जानने की उत्सुकता है। अभिभावक नपी-तुली जानकारी दें। बहुत अधिक जानकारी के कारण बच्चे के मन मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। गंभीर स्थिति में वे बहुत अधिक डर सकते हैं।
बच्चों को अधिक समय दें
अभिभावकों और परिवार के दूसरे सदस्यों को बच्चों को अधिक समय देना होगा। बच्चे जो पसंद करते हैं, उसमें आप भी शामिल हों, इससे बच्चे का मन लगा रहेगा और वह खुद को अकेला महसूस नहीं करेगा।
विज्ञापन
5 of 5
बच्चे (प्रतीकात्मक)
- फोटो : social media
बच्चा बीमार तो सचेत रहें...
किसी बीमारी से पीड़ित हो तो समय पर खाना और दवा देने का ध्यान रखना होगा। तकलीफ पर डॉक्टरी सलाह जरूर लें। बीमार बच्चों का मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है।
दो सप्ताह तक तकलीफ तो अलर्ट...
बच्चे के स्वभाव में दो सप्ताह से अधिक समय से बदलाव देख रहे हैं तो सतर्क हो जाएं। गुस्से-हताशा और कहे कि जीने की इच्छा नहीं करती तो बिना देर किए डॉक्टर से मिलें।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।