Good Health: तीन रुपये की गोली से दिल-दिमाग और हड्डियां तीनों होंगी मजबूत, विशेषज्ञों ने बताया असरदार तरीका
क्या आप भी अपने दिल और हड्डियों को स्वस्थ-मजबूत रखना चाहते हैं? विशेषज्ञों की टीम ने एक ऐसे विटामिन के बारे में बताया है जो हड्डियों को मजबूती देने के साथ ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करके दिल की सेहत को ठीक बनाए रखने में भी मदद करता है। आइए इस बारे में जान लेते हैं।
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क्या सीढ़ियां चढ़ते ही आपकी सांस फूलने लगती है, बिना ज्यादा मेहनत के ही शरीर थका-थका महसूस होता है, घुटनों में हल्का दर्द रहता है और अचानक दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं? अक्सर हम इस तरह की दिक्कतों को मामूली थकान और रोजमर्रा के तनाव का नाम देकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन सच यह है कि इस तरह के संकेत शरीर में पनप रही किसी बड़ी समस्याओं की तरफ इशारा भी हो सकते हैं। शरीर बहुत पहले से संकेत देना शुरू कर देता है कि अंदर कुछ ठीक नहीं चल रहा।
लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी के चलते अब कम उम्र के लोगों में भी ये दिक्कतें तेजी से बढ़ती जा रही हैं। पहले माना जाता था कि हड्डियों का कमजोर होना, कैल्शियम की कमी, जोड़ों का दर्द या दिल से जुड़ी परेशानियां 50 की उम्र के बाद शुरू होती हैं। लेकिन अब 30 से कम उम्र के लोग भी इन समस्याओं का शिकार हो रहे हैं।
अगर आप भी अपनी दिल की सेहत और हड्डियों की समस्याओं को लेकर परेशान हैं तो आपके लिए थोड़ी राहत भरी खबर है। विशेषज्ञों की टीम ने एक अध्ययन में ऐसे विटामिन की जानकारी दी है जो दिल और हड्डियों दोनों को हेल्दी रखने में सहायक हो सकती है। अच्छी बात ये है कि इसके एक गोली की कीमत अमूमन तीन रुपये से भी कम होती है।
दिल और हड्डियों के लिए विटामिन-के
विशेषज्ञ कहते हैं, मौजूदा समय में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि दिल और हड्डियां क्यों कमजोर हो रही हैं, बल्कि यह भी है कि क्या हम खुद अनजाने में इस खतरे को बढ़ा रहे हैं? अगर आपकी दिनचर्या ठीक नहीं है, शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिल पा रहा है और खानपान गड़बड़ है, तो आपको सेहत को लेकर सावधान हो जाने की जरूरत है।
- ऐसे लोगों के लिए विशेषज्ञों ने विटामिन-के वाली चीजों को डाइट में शामिल करने और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से इसके सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी है।
- विटामिन-के हरी पत्तेदार सब्जियों, वनस्पति तेलों, साबुत अनाज और कुछ तरह के मांस में आसानी से पाया जाता है, ये शरीर के कई कामों के लिए बहुत जरूरी है।
- अध्ययन में पाया गया है कि विटामिन-के घाव भरना हो या हड्डियों को फिर से बनाना और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखना, इन सभी में महत्वपूर्ण हो सकता है।
कैसे काम करता है ये विटामिन
विशेषज्ञों ने बताया कि यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने में तो मदद करता ही है साथ ही ये कैल्शियम को धमनियों और खून की दूसरी बड़ी नसों की दीवारों पर जमने से भी रोकता है, इससे खून का बहाव आसानी से होता रहता है और दिल की सेहत ठीक रहती है।
यूके नेशनल हेल्थ सर्विसेज (एनएचएस) की गाइडलाइंस कहती हैं कि ज्यादातर लोग अपनी जरूरत का सारा विटामिन-के खाने से ही पा सकते हैं। आपको डाइट से ये नहीं मिल पा रहा है तो इसके बाजार में सस्ते सप्लीमेंट्स भी हैं, जो आप डॉक्टर की सलाह पर ले सकते हैं।
क्या कहते है विशेषज्ञ?
इनलैंड नॉर्वे यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जान ओलाव आसेथ कहते हैं विटामिन-के दिल और खून की नसों से कैल्शियम को हड्डियों तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। इससे दिल और हड्डियों दोनों की सेहत बेहतर होती है। आपके पास ब्रोकली जैसी विटामिन-के से भरपूर सब्जियां हैं जो शरीर को विशेष लाभ दे सकती हैं।
- अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि डाइट में विटामिन-के की मात्रा बढ़ाना न सिर्फ आपके खून के बहाव को ज्यादा आसान बनाने में मदद करेगा, बल्कि इससे ब्रेन को भी मजबूती मिलती है और अल्जाइमर-डिमेंशिया होने का खतरा भी कम होता है।
- किंग्स कॉलेज लंदन की फार्मास्यूटिकल विशेषज्ञ प्रोफेसर पेनी वार्ड कहती हैं, विटामिन-के दिमाग की कोशिकाओं की रक्षा करके ब्रेन के सामान्य कामकाज को ठीक बनाए रखने में भी मदद कर सकता है।
- दिमाग से जहरीले एमाइलॉइड प्रोटीन को हटाने में भी इसके लाभ देखे गए हैं, जो अल्जाइमर रोग का प्रमुख कारण है।
- शोधकर्ताओं ने पहले भी बताया है कि माइंड (MIND) डाइट का पालन करने से लोगों में अल्जाइमर का खतरा आधे से भी कम हो सकता है। इस डाइट में भी विटामिन के से भरपूर चीजें अधिक से अधिक शामिल होती हैं।
साल 2015 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में 900 से ज्यादा लोगों की औसतन साढ़े चार साल तक निगरानी की गई। जिन लोगों ने इस डाइट का सख्ती से पालन किया, उनमें ब्रेन से संबंधित समस्याओं का खतरा कम देखा गया।
कैसे प्राप्त करें विटामिन-के
विटामिन-के मुख्यरूप से दो प्रकार का होता है विटामिन के1 और विटामिन के2।
- विटामिन के1 मुख्य रूप से हरी पत्तेदार सब्जियों, स्प्राउट्स, ब्रोकली में पाया जाता है। जबकि विटामिन के2 फर्मेंटेड खाद्य पदार्थों और अंडे, चिकन से मिलता है।
- यह डेयरी उत्पादों जैसे फुल-फैट दूध, दही और चीज, पनीर में भी पाया जाता है।
- रिसर्च से पता चलता है कि विटामिन के1 खून के थक्के जमने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है, जबकि विटामिन के2 धमनियों से कैल्शियम हटाने में मदद करता है।
- पहले से ब्लड थिनर दवाएं ले रहे लोगों को इस विटामिन सप्लीमेंट से बचना चाहिए। हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
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स्रोत:
The little-known vitamin essential for heart health
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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