थायरॉइड विकार मौजूदा समय में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। गर्दन में तितली के आकार की यह ग्रंथि शरीर में कई प्रकार के महत्वपूर्ण कार्य करती है। इस ग्रंथि से हार्मोन्स का उत्पादन होता है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस हार्मोन के उत्पादन में कमी या अधिकता, दोनों ही गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है। आयोडीन की कमी या फिर ऑटोइम्यून डिजीज के कारण थायरॉइड विकार की समस्या हो सकती है।
Thyroid Disease: महिलाओं में इस विकार का होता है अधिक जोखिम, जानिए इसके लक्षण से लेकर उपचार तक के बारे में विस्तार से
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थायरॅाइड के लक्षण...
- कब्ज की समस्या होना।
- शरीर का वजन घटना या बढ़ना।
- त्वचा सुखना
- तनाव
- आलसपन
- सर्दी-जुकाम ठीक नहीं होना।
- बालों का गिरना
- अनिद्रा की समस्या
थायरॅाइड के प्रकार
थायरॅाइड के दो प्रकार होते हैं-
- T3 हाइपरथायराइज्मि
- T4 हाइपोथायरायडिज्म
थायरॅाइड का उपचार
एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन
- थायरॅाइड की समस्या में एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन किया जा सकता है। थायरॅाइड के मरीज बिना डॅाक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन न करें।
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थायरॅाइड की समस्या को दूर करने के घरेलू उपचार
- लौकी के रस में तुलसी के पत्ते मिलाएं और इस मिश्रण का सेवन करें।
- सेब के सिरके का सेवन करना थायरॅाइड के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।
- रोजाना योगाभ्यास करने से थायरॅाइड की समस्या से छुटकारा मिल सकता है।
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