Rouble Nagi: भारतीय शिक्षिका ने जीता ग्लोबल प्राइज, जानिए रूबल नागी की प्रेरक कहानी
Who Rouble Nagi : रूबल नागी की कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहता है। आइए जानते हैं रूबल नागी कौन हैं और उनकी क्या उपलब्धियां हैं, जिन्होंने उन्होंने वैश्विक पहचान दिलाई।
विस्तार
भारत की जानी-मानी कलाकार, शिक्षिका और समाजसेविका रूबल नागी आज शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बन चुकी हैं। उन्होंने अपने अनोखे प्रयासों से न सिर्फ कला को समाज से जोड़ा, बल्कि हजारों वंचित बच्चों तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाई। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो बदलाव की शुरुआत कहीं से भी की जा सकती है।
रूबल नागी केवल एक कलाकार या शिक्षिका नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की एक मजबूत आवाज हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि एक महिला अपनी मेहनत और समर्पण से लाखों जिंदगियां बदल सकती है। उनकी कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहता है। आइए जानते हैं रूबल नागी कौन हैं और उनकी क्या उपलब्धियां हैं, जिन्होंने उन्होंने वैश्विक पहचान दिलाई।
कौन हैं रूबल नागी
रूबल नागी मुंबई स्थित कलाकार, भित्ति चित्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। इसी के साथ ही रूबल ग्लोबल पुरस्कार विजेता भी हैं।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
रूबल नागी का जन्म जम्मू कश्मीर में हुआ। बचपन से ही उन्हें कला और रचनात्मक कार्यों में रुचि थी। उन्होंने लंदन के स्लेड स्कूल ऑफ फाइन आर्ट से उच्च शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद कला को अपना करियर बनाया। लेकिन उनका सपना सिर्फ कलाकार बनना नहीं था, वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहती थीं।
आर्ट फाउंडेशन की स्थापना
उन्होंने शुरू में अपनी मूर्तियों और भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्धि प्राप्त की। "कक्षा" की अवधारणा को फिर से परिभाषित किया और रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन (आरएनएएफ) की स्थापना की।
कला से समाज सेवा तक का सफर
रूबल नागी ने अपनी कला को सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाया। उन्होंने शहरी झुग्गी-झोपड़ियों और ग्रामीण इलाकों में दीवारों पर शैक्षिक और प्रेरणादायक चित्र बनाकर बच्चों के लिए सीखने का वातावरण तैयार किया।
उनकी पहल “रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन” के माध्यम से हजारों बच्चों को बुनियादी शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा गया। उनका मानना है कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, चाहे वह किसी भी परिस्थिति में क्यों न जन्मा हो।
प्रमुख उपलब्धियां
ग्लोबल पुरस्कार
रूबल नागी ने 10 लाख डॉलर का जीईएमएस एजुकेशन ग्लोबल टीचर प्राइज 2026 जीता। उन्होंने यह पुरस्कार संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में आयोजित विश्व सरकार शिखर सम्मेलन में प्राप्त किया। प्रतिष्ठित Global Teacher Prize शिक्षा के क्षेत्र का एक बड़ा वैश्विक पुरस्कार है।
5000 से अधिक नामांकनों में से चयन
दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम और संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन ( यूनेस्को) के सहयोग से स्थापित वर्की फाउंडेशन के संस्थापक सनी वर्की ने प्राइज रूबल को दिया। उन्हें ये पुरस्कार 139 देशों से प्राप्त 5,000 से अधिक नामांकनों में से चयनित होने के बाद मिला।
800+ से अधिक लर्निंग सेंटर
उन्होंने देश के कई हिस्सों में सैकड़ों लर्निंग सेंटर स्थापित किए, जहां वंचित बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। रूबल नागी ने साढ़े आठ सौ से ज्यादा सामाजिक और शैक्षिक म्यूरल बनाए, जो आज भी समुदायों को प्रेरित कर रहे हैं।
रूबल नागी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने न केवल खुद सफलता हासिल की, बल्कि अन्य महिलाओं और लड़कियों को भी शिक्षा और आत्मनिर्भरता की राह दिखाई। उनकी पहल से हजारों महिलाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के अवसर मिले हैं, जिससे वे अपने परिवार और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकें।