Mini Israel: भारत का ‘मिनी इजरायल’ कहां है? जानिए क्यों पड़ा ये नाम और अभी क्या हैं हालात
Mini Israel In India: भारत का मिनी इजरायल हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित कसोल नामक गांव को कहा जाता है। पार्वती घाटी में बसा यह पर्यटन स्थल बड़ी संख्या में आने वाले इजरायली पर्यटकों, हिब्रू भाषा के साइनबोर्ड और इजरायली भोजन के कारण मिनी इजरायल के नाम से मशहूर हो गया है।
विस्तार
Mini Israel Tourism: इन दिनों ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और पर्यटन पर असर पड़ रहा है। दुनिया भर में इस विवाद की चर्चा हो रही है। इसी बीच भारत की एक जगह भी चर्चा में आ जाती है, जिसे 'मिनी इजरायल' कहा जाता है।
भारत में यह जगह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित कसोल गांव है, जो अपनी अनोखी संस्कृति और विदेशी पर्यटकों के कारण काफी प्रसिद्ध है। कसोल भारत का अनोखा पर्यटन स्थल है, जहां की संस्कृति, कैफे, भाषा और पर्यटकों की मौजूदगी इसे बाकी जगहों से अलग बनाती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण टूरिज्म पर असर पड़ने की आशंका जरूर है, लेकिन यह खूबसूरत हिल स्टेशन दुनिया भर के यात्रियों को आकर्षित करता रहता है।
कहां है भारत का मिनी इजरायल?
कसोल हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत पार्वती घाटी में पार्वती नदी के किनारे बसा एक छोटा सा गांव है। यह कुल्लू जिले में पड़ता है। कसोल की समुद्र तल से ऊंचाई लगभग 1580 मीटर है और नजदीकी एयरपोर्ट भुंतर है। यह जगह ट्रेकिंग, बैकपैकिंग और प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद लोकप्रिय पर्यटन स्थल है।
क्यों पड़ा 'मिनी इजरायल' नाम?
कसोल को 'मिनी इजरायल' कहे जाने के पीछे सबसे बड़ा कारण यहां आने वाले इजरायली पर्यटक हैं। दरअसल, पिछले करीब 30 वर्षों से बड़ी संख्या में इजरायल के युवा यहां घूमने आते हैं। खासकर वे लोग जो अपने देश में अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी करने के बाद यात्रा पर निकलते हैं।इसी वजह से यहां की संस्कृति में इजरायल का असर देखने को मिलता है।
कैसा है मिनी इजरायल का नजारा?
यहां कुछ खास चीजें देखने को मिलती हैं। जैसे कैफे और रेस्टोरेंट में इजरायली खाना, दुकानों पर हिब्रू भाषा के बोर्ड, इजरायली म्यूजिक और संस्कृति, साथ ही लंबे समय तक रहने वाले विदेशी बैकपैकर्स। इन सब वजहों से कसोल को 'पहाड़ों का तेल अवीव' भी कहा जाता है।
कसोल की खासियत क्या है?
कसोल सिर्फ विदेशी पर्यटकों के कारण ही नहीं, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण भी मशहूर है। यहां का खास आकर्षण पार्वती नदी का खूबसूरत नजारा है। कसोल में ट्रेकिंग के लिए प्रसिद्ध रूट्स, मलाणा और खीरगंगा जैसे ट्रेक और शांत पहाड़ी वातावरण देखने योग्य हैं। इसी कारण इसे हिमालय का बैकपैकर हब भी कहा जाता है।
ईरान-इजरायल तनाव के बीच यहां क्या हैं हालात?
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर हिमाचल प्रदेश के टूरिज्म पर भी पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर इजरायल से आने वाले पर्यटकों की संख्या कम होती है तो कसोल और आसपास के पर्यटन व्यवसाय को नुकसान हो सकता है क्योंकि यहां की अर्थव्यवस्था काफी हद तक विदेशी बैकपैकर्स पर निर्भर करती है। हालांकि फिलहाल यहां स्थिति सामान्य है और स्थानीय प्रशासन पर्यटन गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
यहां मौजूद इजरायली पर्यटक उनके देश में हो रही गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं और परिवार की सुरक्षा के बारे में जानना चाहते हैं।
स्थानीय टूरिज्म पर कितना असर पड़ सकता है
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि हर साल गर्मियों में बड़ी संख्या में इजरायली पर्यटक आते हैं। कई पर्यटक महीनों तक यहां रहते हैं। होटल, कैफे और ट्रेकिंग बिजनेस इन्हीं पर्यटकों पर निर्भर है। अगर मध्य-पूर्व का तनाव लंबे समय तक चलता है, तो इसका असर हिमाचल के पर्यटन उद्योग पर भी पड़ सकता है।
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