Kanji Peene Ke Fayde: भारतीय रसोई में कई ऐसे पेय हैं जिन्हें आज “सुपरफूड” कहा जाता है, लेकिन हमारे बुजुर्ग उन्हें सदियों से अपनाते आए हैं। उन्हीं में से एक है कांजी। यह पारंपरिक फर्मेंटेड ड्रिंक खासतौर पर उत्तर भारत में सर्दियों और गर्मियों के बदलते मौसम में बनाई जाती है। काली गाजर, सरसों और मसालों से बनने वाली कांजी स्वाद में हल्की खट्टी और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है।
Kanji Drink Recipe: कांजी का एक गिलास देगा 7 जबरदस्त फायदे, जानिए इसे बनाने का सही तरीका
Kanji Drink Kaise Banaye: कांजी एक पारंपरिक भारतीय फर्मेंटेड ड्रिंक है जो काली गाजर, सरसों और पानी से बनाई जाती है। यह पाचन सुधारने, वजन कम करने, शरीर को डिटॉक्स करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करती है। इसे सुबह खाली पेट या भोजन से पहले पीना सबसे फायदेमंद माना जाता है।
कांजी पीने के 7 बड़े फायदे
1. वजन घटाने में मदद
कांजी कम कैलोरी वाला पेय है और इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं। इससे शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिल सकती है।
2. पाचन तंत्र मजबूत बनाता है
कांजी एक फर्मेंटेड ड्रिंक है, जिसमें अच्छे बैक्टीरिया होते हैं। ये आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और पाचन प्रक्रिया को आसान करते हैं।
3. शरीर को डिटॉक्स करता है
कांजी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद कर सकती है। इससे शरीर हल्का और ऊर्जावान महसूस करता है।
4. इम्यूनिटी बढ़ाता है
फर्मेंटेड फूड्स में मौजूद प्रोबायोटिक्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करते हैं।
5. त्वचा के लिए फायदेमंद
कांजी शरीर को अंदर से डिटॉक्स करती है, जिससे त्वचा साफ और चमकदार दिख सकती है।
6. शरीर को हाइड्रेट रखता है
गर्मी के मौसम में कांजी पीने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और थकान भी कम महसूस होती है।
7. एनर्जी बढ़ाता है
कांजी प्राकृतिक रूप से शरीर को ऊर्जा देने में मदद करती है और सुस्ती को दूर कर सकती है।
कांजी बनाने की आसान रेसिपी
कांजी के लिए सामग्री
- 3-4 काली गाजर
- 1 बड़ा चम्मच पिसी हुई राई (सरसों)
- 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- स्वादानुसार काला नमक
- 4–5 गिलास पानी
कांजी बनाने का तरीका
1. सबसे पहले काली गाजर को धोकर लंबा काट लें।
2. एक कांच के जार में गाजर डालें।
3. इसमें पानी, राई पाउडर, लाल मिर्च और नमक मिलाएं।
4. जार को ढककर 3-4 दिन धूप में रखें।
5. रोज एक बार इसे चम्मच से हिलाएं।
जब पानी का रंग गहरा हो जाए और स्वाद हल्का खट्टा लगे, तब कांजी तैयार है।
सुबह खाली पेट कांजी पीना सबसे अच्छा समय माना जाता है। आप चाहें तो दोपहर के खाने से पहले भी पी सकते हैं। रोज 1 गिलास पर्याप्त होता है।
किन लोगों को कांजी कम पीनी चाहिए?
- जिन्हें बहुत ज्यादा एसिडिटी की समस्या है, उन्हें इसका कम सेवन करना चाहिए।
- जिनका पेट जल्दी खराब हो जाता है, उन्हें कांजी पीने से थोड़ा परहेज करना चाहिए।
- गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर से सलाह लेकर ही पीना चाहिए।
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