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Agar Malwa News: मां बगलामुखी मंदिर में दान संग्रह पर उठे सवाल, निजी समिति की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित

Wed, 08 Jul 2026 11:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगर मालवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगर मालवा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 08 Jul 2026 11:50 AM IST
सार

आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में अशासकीय समिति बनाकर श्रद्धालुओं से नकद राशि और सोने-चांदी के आभूषण दान के रूप में एकत्रित किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

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Questions raised over donation collection at Maa Baglamukhi Temple; Collector orders an inquiry.
बगलामुखी मंदिर में नकद-स्वर्ण दान पर प्रशासन सख्त - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं से नकद राशि और सोने-चांदी के आभूषण दान के रूप में एकत्रित किए जाने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंदिर परिसर में एक अशासकीय समिति बनाकर दान संग्रह किए जाने और रसीदें जारी करने के आरोपों के बाद कलेक्टर प्रीति यादव ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जिसे सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

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निजी समिति बनाकर लिया जा रहा था नकद और स्वर्ण-रजत दान
जानकारी के अनुसार, मंदिर के गर्भगृह को रजत मंडित कराने के नाम पर कुछ अशासकीय लोगों ने समिति का गठन कर मंदिर परिसर में ही श्रद्धालुओं से नकद दान और सोने-चांदी के आभूषण एकत्रित किए। इतना ही नहीं, दानदाताओं को बाकायदा रसीदें भी जारी की जा रही थीं। चूंकि मां बगलामुखी मंदिर का संचालन शासकीय प्रबंधन के अधीन होता है, इसलिए निजी समिति द्वारा इस प्रकार दान संग्रह किए जाने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

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सात दिन में रिपोर्ट सौंपेगी तीन सदस्यीय जांच समिति
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रीति यादव ने जांच के निर्देश दिए हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) बी.एस. सोलंकी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति में जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और मुख्य नगरपालिका अधिकारी नलखेड़ा मिनी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है। समिति दान संग्रह की पूरी प्रक्रिया, प्राप्त नकद राशि और स्वर्ण-रजत आभूषणों का विवरण, उनके लेखा-जोखा तथा लगाए गए आरोपों की जांच करेगी और अपने सुझावों सहित सात दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रशासन को सौंपेगी।

मंदिर परिसर में ही जारी हो रही थीं दान की रसीदें
हैरानी की बात यह है कि अशासकीय समिति मंदिर परिसर में ही श्रद्धालुओं से दान लेकर उन्हें रसीदें भी जारी कर रही थी। जबकि मंदिर का संचालन प्रशासनिक व्यवस्था के तहत होता है, जहां डिप्टी कलेक्टर एवं एसडीएम अध्यक्ष तथा तहसीलदार सचिव की जिम्मेदारी निभाते हैं। मंदिर कार्यालय में आउटसोर्स कर्मचारी भी नियमित रूप से कार्यरत हैं। इसके बावजूद लंबे समय तक इस व्यवस्था पर किसी स्तर पर आपत्ति नहीं उठाई गई, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


देश के प्रमुख सिद्धपीठों में शामिल है मां बगलामुखी मंदिर
आगर-मालवा जिले में लखुंदर नदी के तट पर स्थित मां बगलामुखी मंदिर देश के प्रमुख सिद्धपीठों में शामिल है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाभारत काल में भगवान कृष्ण के निर्देश पर युधिष्ठिर ने इसी स्थान पर पूजा-अर्चना कर विजय का आशीर्वाद प्राप्त किया था। मंदिर में मां बगलामुखी के साथ मां लक्ष्मी और मां सरस्वती की स्वयंभू प्रतिमाएं विराजमान हैं। तंत्र साधना, न्यायिक मामलों में सफलता और शत्रु बाधा से मुक्ति की कामना लेकर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।



जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
अब प्रशासन की तीन सदस्यीय समिति पूरे मामले की तह तक जाकर यह पता लगाएगी कि दान संग्रह किस प्रक्रिया के तहत किया गया, कितना नकद और स्वर्ण-रजत दान प्राप्त हुआ तथा इसमें किसी प्रकार की अनियमितता हुई या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।

सियासी माहौल गरमाया

अयोध्या के राम मंदिर में चंदे को लेकर उठे विवाद के बाद अब मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में दान और चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने सियासी माहौल गर्मा दिया है। श्रद्धालुओं से मिले नकद दान, सोने-चांदी के आभूषण और चढ़ावे के हिसाब-किताब में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी है। समिति को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है, जबकि धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने कहा है कि जांच में यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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