MP Weather Today: एमपी में मानसून की दस्तक जल्द, आज 42 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, सामान्य से 53% कम वर्षा
मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद मानसून की एंट्री का काउंटडाउन शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य की सीमा तक पहुंच चुका है और अगले दो से तीन दिनों में बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के रास्ते प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
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लंबे इंतजार के बाद अब मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री का काउंटडाउन शुरू हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश की सीमा तक पहुंच चुका है और अगले दो से तीन दिनों में बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के रास्ते राज्य में प्रवेश कर सकता है। मानसून आने से पहले प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। बुधवार को भोपाल समेत 42 जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।
जून में सूखे जैसे हालात, सामान्य से 53 फीसदी कम बारिश
मानसून की देरी का असर पूरे प्रदेश में साफ दिखाई दे रहा है। एक जून से अब तक प्रदेश में औसतन 78.5 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 37.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। यानी अब तक सामान्य से 53 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत 48 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। कम बारिश के कारण सोयाबीन सहित खरीफ फसलों की बुवाई भी प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में पर्याप्त नमी बनने के लिए कम से कम चार इंच बारिश जरूरी होती है। फिलहाल भोपाल ऐसा एकमात्र जिला है, जहां चार इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। यहां अब तक करीब पांच इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 63 प्रतिशत ज्यादा है।
पूर्वी मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित
बारिश की कमी का सबसे अधिक असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में देखने को मिला है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 72 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में औसतन 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
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कई जिलों में बरसे बादल, तापमान में आई गिरावट
मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून बारिश हुई। बालाघाट में सवा इंच और रायसेन में पौन इंच वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा धार, इंदौर, नर्मदापुरम, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और बड़वानी समेत कई जिलों में बारिश हुई। बारिश और बादलों के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भोपाल में 32.2 डिग्री, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 34.8 डिग्री और जबलपुर में 35.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। दूसरी ओर दतिया और सीधी सबसे गर्म रहे, जहां पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
नरसिंहपुर में हीटवेव का अलर्ट
एक तरफ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है, वहीं नरसिंहपुर जिले में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में गर्मी का असर बना रहने की संभावना जताई गई है।
भोपाल बना बारिश में अव्वल
जहां प्रदेश के अधिकांश जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं भोपाल इस सीजन में सबसे बेहतर स्थिति में है। राजधानी में सामान्य से 63 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इसके विपरीत प्रदेश के अधिकांश जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश होने के कारण किसान मानसून की औपचारिक एंट्री का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून के प्रवेश के साथ प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेज हो जाएंगी।
