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Anuppur News: समय सीमा खत्म, आधी भी नहीं बन पाई 52 किलोमीटर लंबी सड़क, लोग परेशान; विभाग दे रहा आश्वासन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अनूपपुर
Published by: अनूपपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Apr 2025 05:57 PM IST
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सार
एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस योजना के अंतर्गत केवल 60 प्रतिशत राशि का ही भुगतान ठेकेदार को किया जाना है, शेष राशि का भुगतान 10 वर्षों बाद किया जाएगा। ऐसे में ठेकेदार के पास पर्याप्त राशि नहीं है, उसे बैंक से लोन लेना पड़ा, जिसकी प्रक्रिया में काफी समय लग गया।
वह सड़क जिसका निर्माण कार्य अभी तक अधूरा है
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विस्तार
अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ विकासखंड के अंतर्गत लांघा टोला से केलमनिया तक बनने वाली 52 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य ठेकेदार की लेटलतीफी के कारण अब तक अधूरा पड़ा है। इस वजह से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2022 में इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया था, जिसे अप्रैल 2024 तक पूरा किया जाना था। लेकिन, ऐसा नहीं हो सका। कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन किए और ठेकेदार की धीमी कार्यप्रणाली का विरोध भी दर्ज कराया। इसके बाद एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शीघ्र कार्य पूर्ण कराने का आश्वासन भी दिया, लेकिन इसके बावजूद अब तक केवल 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।
176 करोड़ की लागत से हो रहा है निर्माण
लांघा टोला से केलमनिया सड़क मार्ग का निर्माण कार्य 176 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। 52 किलोमीटर लंबी इस सड़क को 24 महीनों के भीतर पूर्ण करना था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद कार्य अधूरा है। यह सड़क लगभग 80 ग्राम पंचायतों को जोड़ती है और जनपद मुख्यालय व तहसील राजेंद्रग्राम तक आने-जाने का मुख्य मार्ग है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण ग्रामीणों को विशेषकर बरसात के मौसम में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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ठेकेदार के पास नहीं हैं पर्याप्त राशि, लोन प्रक्रिया में हुई देरी
एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस योजना के अंतर्गत केवल 60 प्रतिशत राशि का ही भुगतान ठेकेदार को किया जाना है, शेष राशि का भुगतान 10 वर्षों बाद किया जाएगा। ऐसे में ठेकेदार के पास पर्याप्त राशि नहीं है, उसे बैंक से लोन लेना पड़ा, जिसकी प्रक्रिया में काफी समय लग गया। अब लोन प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है, उम्मीद की जा रही है कि आगामी कुछ दिनों में लोन की राशि मिलने के बाद कार्य प्रारंभ किया जाएगा। विभाग अब तक दो बार ठेकेदार को भुगतान कर चुका है।
लगातार विरोध प्रदर्शनों के बाद भी शुरू नहीं हुआ कार्य
दो महीने पूर्व पुष्पराजगढ़ विधायक फुदेलाल सिंह ने निर्माण कार्य में हो रही देरी के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद एमपीआरडीसी अधिकारियों ने 30 जून 2025 तक कार्य पूर्ण करने का लिखित आश्वासन दिया था। अप्रैल बीत जाने के बावजूद कार्य प्रारंभ न होने पर ग्रामीणों ने पुनः आंदोलन शुरू किया, जिसके बाद विभाग ने एक सप्ताह के भीतर कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया। ठेकेदार की लगातार मनमानी को देखते हुए विभाग ने उसे अब तक दो बार नोटिस जारी किए हैं। साथ ही, निर्माण कार्य में देरी के चलते उस पर अधिरोपित पेनल्टी की राशि की वसूली भी की जाएगी।
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अब फिर से दिसंबर तक की समयावधि मांगी गई
पहले एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने मई 2025 तक कार्य पूर्ण करने की बात कही थी, लेकिन ठेकेदार द्वारा कार्य प्रारंभ न किए जाने पर अब दिसंबर 2025 तक का समय मांगा गया है। ठेकेदार जहां समय-सीमा बढ़ाने की मांग कर रहा है, वहीं विभाग उसकी मनमानी पर रोक लगाने में विफल नजर आ रहा है।
जल्द शुरू किया जाएगा काम
अभी तक 40 प्रतिशत कार्य किया गया है, दिसंबर तक कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। ठेकेदार बैंक से लोन ले रहा है, जिसमें समय लग गया। एक सप्ताह में कार्य प्रारंभ किया जाएगा। पेनल्टी लगाई गई है, जिसकी राशि का निर्धारण अंतिम भुगतान के पूर्व करते हुए कटौती की जाएगी।
अवधेश स्वर्णकार, महाप्रबंधक, एमपीआरडीसी
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176 करोड़ की लागत से हो रहा है निर्माण
लांघा टोला से केलमनिया सड़क मार्ग का निर्माण कार्य 176 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा है। 52 किलोमीटर लंबी इस सड़क को 24 महीनों के भीतर पूर्ण करना था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बावजूद कार्य अधूरा है। यह सड़क लगभग 80 ग्राम पंचायतों को जोड़ती है और जनपद मुख्यालय व तहसील राजेंद्रग्राम तक आने-जाने का मुख्य मार्ग है। सड़क की जर्जर स्थिति के कारण ग्रामीणों को विशेषकर बरसात के मौसम में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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ठेकेदार के पास नहीं हैं पर्याप्त राशि, लोन प्रक्रिया में हुई देरी
एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस योजना के अंतर्गत केवल 60 प्रतिशत राशि का ही भुगतान ठेकेदार को किया जाना है, शेष राशि का भुगतान 10 वर्षों बाद किया जाएगा। ऐसे में ठेकेदार के पास पर्याप्त राशि नहीं है, उसे बैंक से लोन लेना पड़ा, जिसकी प्रक्रिया में काफी समय लग गया। अब लोन प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है, उम्मीद की जा रही है कि आगामी कुछ दिनों में लोन की राशि मिलने के बाद कार्य प्रारंभ किया जाएगा। विभाग अब तक दो बार ठेकेदार को भुगतान कर चुका है।
लगातार विरोध प्रदर्शनों के बाद भी शुरू नहीं हुआ कार्य
दो महीने पूर्व पुष्पराजगढ़ विधायक फुदेलाल सिंह ने निर्माण कार्य में हो रही देरी के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था। इसके बाद एमपीआरडीसी अधिकारियों ने 30 जून 2025 तक कार्य पूर्ण करने का लिखित आश्वासन दिया था। अप्रैल बीत जाने के बावजूद कार्य प्रारंभ न होने पर ग्रामीणों ने पुनः आंदोलन शुरू किया, जिसके बाद विभाग ने एक सप्ताह के भीतर कार्य प्रारंभ करने का आश्वासन दिया। ठेकेदार की लगातार मनमानी को देखते हुए विभाग ने उसे अब तक दो बार नोटिस जारी किए हैं। साथ ही, निर्माण कार्य में देरी के चलते उस पर अधिरोपित पेनल्टी की राशि की वसूली भी की जाएगी।
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अब फिर से दिसंबर तक की समयावधि मांगी गई
पहले एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने मई 2025 तक कार्य पूर्ण करने की बात कही थी, लेकिन ठेकेदार द्वारा कार्य प्रारंभ न किए जाने पर अब दिसंबर 2025 तक का समय मांगा गया है। ठेकेदार जहां समय-सीमा बढ़ाने की मांग कर रहा है, वहीं विभाग उसकी मनमानी पर रोक लगाने में विफल नजर आ रहा है।
जल्द शुरू किया जाएगा काम
अभी तक 40 प्रतिशत कार्य किया गया है, दिसंबर तक कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। ठेकेदार बैंक से लोन ले रहा है, जिसमें समय लग गया। एक सप्ताह में कार्य प्रारंभ किया जाएगा। पेनल्टी लगाई गई है, जिसकी राशि का निर्धारण अंतिम भुगतान के पूर्व करते हुए कटौती की जाएगी।
अवधेश स्वर्णकार, महाप्रबंधक, एमपीआरडीसी

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